NCRB की रिपोर्ट में लिंचिंग और धार्मिक हत्याओं का डेटा नदारद: प्रेस रिव्यू

  • 22 अक्तूबर 2019
भीड़ इमेज कॉपीरइट Getty Images

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी ने सोमवार को साल 2017 में हुए अपराध संबंधी रिपोर्ट जारी कर दी. इस रिपोर्ट का इंतज़ार लंबे वक़्त से किया जा रहा था.

लगभग सभी अख़बारों ने इस रिपोर्ट में जारी डेटा को प्रकाशित किया है जिसमें कहा गया है कि देश में अपराधों की संख्या 3.6 प्रतिशत बढ़ी है लेकिन रेप के मामले पिछले पांच सालों में अब तक सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं.

हालांकि इंडियन एक्सप्रेस ने एनसीआरबी के इन आंकड़ों को कुछ अलग तरह से रिपोर्ट किया है. इंडियन एक्सप्रेस लिखता है कि एनसीआरबी ने अपने पूर्व अध्यक्ष ईश कुमार के नेतृत्व में डेटा एकत्रित करने की प्रक्रिया में बदलाव किया था, जिसमें उन्होंने कुछ नई कैटेगरी जोड़ी.

इसमें भीड़ द्वारा की गई हत्या और धार्मिक कारणों से की गई हत्या को भी सब-हेड बनाया गया लेकिन सोमवार को जब रिपोर्ट जारी की गई तो उसमें इन श्रेणियों के अपराध नदारद मिले.

एक अधिकारी ने अपनी पहचान छिपाते हुए अख़बार से कहा है कि साल 2015-16 में ही इन नई श्रेणियों में अपराध की संख्या और उससे जुड़े डेटा जुटाने का काम शुरू हो गया था लेकिन अब रिपोर्ट में उनका शामिल ना होना हैरानी भरा है.

एनसीआरबी की रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2016 के मुकाबले 2017 में सरकार के ख़िलाफ़ हुए अपराधों की संख्या में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इसमें देशद्रोह और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे मामले शामिल हैं.

तीन घंटे देर हुई तेजस, यात्रियों को डेढ़ लाख का मुआवज़ा

भारत की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस पहली बार तय समय से तीन घंटे देरी से पहुंची. इसके एवज़ में यात्रियों को डेढ़ लाख से ज़्यादा का मुआवज़ा दिया जाएगा.

जनसत्ता में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक दिल्ली और लखनऊ के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस 19 अक्टूबर को अपने तय समय से तीन घंटे देरी से चली. इसकी वजह कानपुर के नजदीक एक ट्रेन का पटरी से उतर जाना बताया गया.

तेजस को सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर लखनऊ से रवाना होना था लेकिन वह सुबह 9 बजकर 55 मिनट पर लखनऊ से चल सकी. इस ट्रेन में कुल 450 यात्री थे. प्रत्येक यात्री को 250 रुपए मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे.

वहीं दिल्ली से लखनऊ जाने वाले 500 यात्री थे इन्हें भी प्रति यात्रि 100 रुपया मुआवज़ा दिया जाएगा. आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रेन के लेट पर यात्रियों से खेद जताया गया, उन्हें मुफ़्त दोपहर का भोजन करवाया गया, सॉरी लिखे स्टीकर वाले स्नैक्स भी परोसे गए.

इमेज कॉपीरइट PIB

सैलानियों के लिए खुला सियाचिन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया है कि सियाचिन अब पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है. पर्यटक सियाचिन बेस कैंप से लेकर कुमार पोस्ट तक जा सकेंगे.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया लिखता है कि सियाचिन ग्लेसियर-सॉल्टोरो रिज इलाका भारत और पाकिस्तान के बीच एक रणक्षेत्र है. यह दुनिया का सबसे ऊंचाई पर बसा और सबसे ठंडा युद्ध का मैदान है.

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पर्यटकों को सियाचिन जाने के लिए सेना कुछ नियम तय करेगी ताकि यह आसानी से वहां घूम सकें.

सोशल मीडिया से लोकतांत्रिक राजनीति को ख़तरा

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर भड़काऊ बयान, फर्जी खबरें और गैरकानूनी व राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में भारी इजाफा हुआ है.

अमर उजाला में प्रकाशित समाचार के अनुसार सरकार ने कहा है कि इस मामले में मजबूत, प्रभावी व विस्तृत नियम बनाने की ज़रूरत है, जिसके लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से और तीन महीने देने की गुहार लगाई है.

सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में केंद्र सरकार ने कहा है कि पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया के इस्तेमाल में भारी इजाफा हुआ है और इंटरनेट दरें कम होने से, स्मार्ट फोन की उपलब्धता व बहुलता के कारण अधिक से अधिक लोग इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर रहे हैं.

सरकार ने कहा है कि इंटरनेट, लोकतांत्रिक राजनीति को अकल्पनीय व्यावधान का प्रभावशाली हथियार हो गया है, लिहाजा इसे लेकर कड़े नियम बनाने की दरकार है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार