गोपाल कांडा पर गीतिका के भाई बोले, 'सत्ता क्या इंसाफ़ से बड़ी है'

  • 25 अक्तूबर 2019
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हरियाणा में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत न मिलने के बाद सरकार बनाने में छोटी पार्टियों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका अहम हो गई है.

सिरसा से विधायक चुने गए हरियाणा लोकहित पार्टी के नेता गोपाल कांडा ने भी बीजेपी को समर्थन देने की घोषणा की है.

एक एयरहोस्टेस को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले के अभियुक्त गोपाल कांडा की शीर्ष बीजेपी नेताओं से दिल्ली में हुई मुलाक़ात की तस्वीरें भी साझा की जा रही हैं.

गोपाल कांडा की एयरलाइन में होस्टेस रहीं गीतिका शर्मा ने अगस्त 2012 में अपने घर पर आत्महत्या कर ली थी.

उन्होंने अपनी मौत के लिए गोपाल कांडा को ज़िम्मेदार ठहराया था.

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गीतिका ने अपने सुसाइड नोट में कांडा पर यौन उत्पीड़न और अप्राकृतिक सेक्स के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे.

उस वक़्त गोपाल कांडा हरियाणा की कांग्रेस सरकार में मंत्री थे जिन्हें बाद में सरकार से बाहर कर दिया गया था. गीतिका शर्मा सुसाइड मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था.

अब गोपाल कांडा को हरियाणा सरकार में शामिल किए जाने की चर्चा के बीच गीतिका के परिवार ने अफ़सोस ज़ाहिर किया है.

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गीतिका शर्मा के भाई अंकित शर्मा ने बीबीसी से कहा, "ये बहुत ही निरशाजनक है कि सरकार बनाने के लिए एक अपराधी का समर्थन लिया जा रहा है. ऐसा अपराधी जिसने एक लड़की का दुष्कर्म किया और उसे आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया. देश को क्या संदेश दिया जा रहा है कि राजनीति इंसाफ़ से बड़ी है?"

गोपाल कांडा इन सभी आरोपों को ख़ारिज करते रहे हैं. दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें दुष्कर्म के आरोपों से बरी भी कर दिया है. हालांकि आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में वो ज़मानत पर जेल से बाहर हैं.

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'जांच को प्रभावित किए जाने का डर'

गीतिका के भाई अंकित शर्मा का ये भी कहना है कि गोपाल कांडा के सत्ता में शामिल होने से उनकी बहन की आत्महत्या के मामले की जांच प्रभावित हो सकती है.

अंकित कहते हैं, "जो इंसान सत्ता से बाहर रहते हुए केस को इतना नुक़सान पहुंचा सकता है, गवाहों को प्रभावित कर सकता है, फ़ाइलें इधर से उधर करा सकता है वो सत्ता में आकर क्या कर सकता है इसका अंदाज़ा ही लगाया जा सकता है."

अंकित कहते हैं, "सात साल से मुक़दमा चल रहा है, सात साल में साठ लोगों की गवाही तक भी नहीं हो पाई है, तीस से अधिक लोगों की गवाही अभी बाक़ी है. जो मुक़दमा पहले से ही इतना धीरे चल रहा है कि अदालत में बहस तो दूर, गवाही तक नहीं हो पाई है, उस पर मुख्य अभियुक्त के सत्ता में शामिल होने का क्या असर होगा आप समझ ही सकते हैं."

अंकित शर्मा को अपनी सुरक्षा का भी ख़तरा है. वो कहते हैं, "साल 2015 में अदालत के भीतर मुझ पर हमला हुआ था. इस संबंध में दिल्ली के प्रशांत विहार थाने में एफ़आईआर भी दर्ज है लेकिन आज तक कोई जांच नहीं हुई."

गीतिका शर्मा की आत्महत्या के छह महीने बाद ही उनकी मां अनुराधा शर्मा न भी आत्महत्या कर ली थी. अंकित कहते हैं कि गोपाल कांडा की वजह से उनका पूरा परिवार बिखर गया है.

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कांडा का चरित्र ही पार्टी का चरित्र: अंकित शर्मा

बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ गोपाल कांडा की मुलाक़ात पर प्रतिक्रिया देते हुए अंकित कहते हैं, "बड़े नेताओं का गोपाल कांडा के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना एक बेहद शर्मनाक बात है. ये हमारे समाज और राजनीति का एक बेहद घिनौना सच है."

अंकित ने राजनीतिक पार्टियों और नेताओं से अपील की है कि वे जिन लोगों को पार्टी या सरकार में शामिल करें, उनके बारे में पता भी करें कि वो इंसान कैसे हैं.

उन्होंने कहा, "उसका चरित्र और बैकग्राउंड देखना चाहिए. ये देखें कि उस व्यक्ति पर क्या-क्या मुक़दमे चल रहे हैं और किस तरह के अपराध वो कर रहा है क्योंकि उस व्यक्ति का चरित्र ही पार्टी का चरित्र है."

अंकित कहते हैं, "मेरी बहन के मामले का पूरा सच सार्वजनिक है. अदालत की फ़ाइलों में दर्ज है. ये दस्तावेज़ सार्वजनिक हैं. उन्हें पढ़कर पूरे मामले की हक़ीक़त जानी जा सकती है और इतना सब जानने के बाद भी ऐसे लोगों को सत्ता में शामिल किया जा रहा है तो मैं बस यही कहूंगा कि ये शर्मनाक है."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' नारे पर सवाल करते हुए अंकित कहते हैं, "अगर बेटियां मर रही हैं तो मरने दिया जाए, फिर क्यों बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे दिए जा रहे हैं."

उनका कहना है कि मुझे और मेरे परिवार को जो भावनात्मक नुक़सान हुआ है अगर उसे नज़रअंदाज़ भी कर दिया जाए तो इंसाफ़ के सवाल को कैसे नज़रअंदाज़ किया जा सकता है.

वो कहते हैं, "ये सवाल इंसाफ़ का है. अगर सरकार हमें इंसाफ़ ही नहीं दिला पा रही है तो फिर ये मुक़दमे दर्ज ही क्यों किए जा रहे हैं."

अंकित का कहना है कि अब उन्हें सिर्फ़ अदालत से ही उम्मीद है.

वो कहते हैं, "हमें अभी भी उम्मीद है कि हमें इंसाफ़ मिलेगा. लेकिन ये उम्मीद अब हर गुज़रते दिन के साथ धूमिल होती जा रही है. हम इंसाफ़ के लिए बार-बार अदालत जा रहे हैं और देख रहे हैं कि अदालत में भी राजनीति का प्रभाव ज़्यादा है, इंसाफ़ कम है."

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गोपाल कांडा के भाजपा को समर्थन पर पार्टी के भीतर से भी सवाल उठे हैं.

भाजपा नेता उमा भारती ने भी गोपाल कांडा का समर्थन लिए जाने पर सवाल उठाते हुए कई ट्वीट किए हैं.

गोपाल कांडा पर लगे आरोपों का ज़िक्र करते हुए उमा भारती ने कहा कि, "मैं बीजेपी से अनुरोध करूंगी कि हम अपने नैतिक अधिष्ठान को ना भूलें. हरियाणा में बीजेपी की सरकार ज़रूर बनें लेकिन यह तय करें कि जैसे बीजेपी के कार्यकर्ता साफ़ सुथरी ज़िंदगी के होते हैं, हमारे साथ वैसे ही लोग हों."

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