सुजीत विल्सन को बोरवेल से निकालने की कोशिशें जारी

  • 28 अक्तूबर 2019
सुजीत विल्सन

तमिलनाडु के त्रिची शहर के नाडुकाटुपत्ती गांव में दो साल का सुजीत विल्सन शुक्रवार शाम अपने घर के पीछे बने बोरवेल में गिर गया था.

26 फ़ीट की गहराई तक गिरे सुजीत को बचाने के लिए परिवार ने पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी. शाम छह बजे तक उसे बचाने की कोशिशें शुरू हो गईं.

बच्चे को सबसे पहले ऑक्सीजन की सप्लाई दी गई. नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फ़ोर्स (एनडीआरएफ़) ने बच्चे की स्थिति पर नज़र रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे को बोरवेल में उतारा.

सुजीत को बचाने की कोशिश में एनडीआरएफ़ की छह और राज्य डिजास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स की टीमें भी लगी हुई हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्विटर पर लिखा है, "मेरी प्रार्थनाएं बहादुर सुजीत विल्सन के साथ हैं. मैंने सुजीत को बचाने के लिए चल रहे बचाव अभियान के बारे में मुख्यमंत्री से बात की है. उसकी सुरक्षा के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है."

हाथ बांधकर खींचने की कोशिश नाकाम

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विजय भास्कर के मुताबिक पहले सुजीत के हाथ दिख रहे थे. इसलिए बचावकर्मियों ने उसके हाथों को रस्सी से बांधकर निकालने की कोशिश की जो नाकाम रही. इसके बाद दूसरी कोशिशें भी की गई हैं लेकिन अब तक कामयाबी नहीं मिली है.

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विजयभास्कर शनिवार की सुबह हादसे की जगह पहुंचे. उन्होंने बचावकर्मियों और सुजीत के माता-पिता से बात करने के बाद मीडिया से भी बातचीत की.

उन्होंने बताया, "बचाव में लगे एनडीआरएफ़ और अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने सुजीत को खींचने की कोशिश की, लेकिन वह चट्टानों के बीच फंस गया. हम उसे बचाने की दूसरी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं."

पढ़ें:

गड्ढा खोदकर निकालने की कोशिश

एनडीआरएफ़ की टीम सीसीटीवी से जुड़ी एक मशीन के ज़रिए बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश कर रही है.

बाद में, अधिकारियों ने बोरवेल के समानांतर एक गड्ढा खोदने का फ़ैसला लिया. शनिवार मध्यरात्रि तक गड्ढा खोदने वाली मशीन ने काम शुरू कर दिया. 10 फ़ीट की गहराई के बाद से चट्टानें दिखने लगी थीं.

कुछ ही घंटों में पहली मशीन नाकाम हो गई और उसके बाद दूसरी मशीन ने काम शुरू किया.

रविवार देर रात तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ने भी बचाव कार्य का जायज़ा लिया.

उन्होंने कहा, "बचावकर्मियों ने अब तक 35 फ़ीट की खुदाई कर ली है, 45 फ़ीट की खुदाई बाक़ी है. बोरवेल पानी के लिए खुदवाया गया था. पानी न मिलने पर उन्होंने रास्ता बंद कर दिया था. हाल की बारिश के बाद, बोरवेल को ढंकने वाली रेत हटने से बच्चा बोरवेल में गिर गया."

अब, गड्डा खोदने वाली दूसरी मशीन एक मीटर व्यास वाला गड्डा खोद रही है. बचावकर्मियों को उम्मीद है कि वे इसके ज़रिए बच्चे को बचा पाएंगे.

सोमवार की सुबह राजस्व विभाग के आयुक्त राधा कृष्णन ने बताया, "राहत या बचाव अभियान बंद करने की कोई योजना नहीं है. बारिश में भी बचाव अभियान जारी रहेगा. अभी सुजीत 88 फ़ीट की गहराई में फंसा है. हमने 40 फ़ीट की खुदाई कर ली है. इसी रफ़्तार से हम खुदाई करते रहे तो उस तक पहुंचने में 12 घंटे लगेंगे."

Image caption सुजीत विल्सन (गोद में)

कई अधिकारी, राजनेता और सेलिब्रेटी सोशल मीडिया पर सुजीत के जीवित रहने की प्रार्थना कर रहे हैं.

तमिल फ़िल्म के सुपरस्टार रजनीकांत और अभिनेता- राजनेता कमल हासन ने उम्मीद जताई है कि बच्चे को सुरक्षित बचा लिया जाएगा.

रजनीकांत ने अपने घर के बाहर संवाददाताओं से कहा, "बच्चे को सुरक्षित बचा लिया जाए, इसकी प्रार्थना करता हूं. माता-पिता को बच्चों का ध्यान रखना चाहिए था."

कमल हासन ने बोरवेल में बच्चों के गिरने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा, "बच्चे को बचाने की कोशिश कामयाब होनी चाहिए. सरकार को उन लोगों पर काफ़ी जुर्माना लगाना चाहिए जो अपने बोरवेल को खुला रखते हैं."

(बीबीसी तमिल के लिए त्रिची में हरिहरन से मिली जानकारी के साथ)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे

संबंधित समाचार