सऊदी अरब में पीएम मोदी, होंगे बड़े समझौते- प्रेस रिव्यू

  • 29 अक्तूबर 2019
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के दो दिवसीय दौरे पर हैं. पीएम मोदी 29 और 30 अक्टूबर को सऊदी में रहेंगे.

मोदी के इस दौरे को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कश्मीर में अनुच्छेद 370 के निष्प्रभावी होने के बाद सऊदी का यह पहला दौरा है.

कश्मीर के मामले में एक तरफ़ तो तुर्की खुलकर पाकिस्तान के साथ आया लेकिन सऊदी अरब भारत की इस लाइन से सहमत दिखा कि कश्मीर उसका आंतरिक मामला है. इकनॉमिक टाइम्स ने पीएम मोदी के सऊदी दौरे को पहले पन्ने पर काफ़ी प्रमुखता से छापा है.

अख़बार ने लिखा है कि पीएम मोदी के इस दौरे से दोनों देशों के संबंधों का नया अध्याय शुरू हो सकता है.

इकनॉमिक टाइम्स ने लिखा है कि इस दौरे में दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हो सकते हैं. इनमें रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा सुरक्षा, भारत के नेशनल इन्फ़्रास्ट्रक्चर में सऊदी के निवेश और रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रियाद में फ़्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव (एफ़आईआई) फोरम के तीसरे सेशन को भी संबोधित करेंगे. अख़बार के अनुसार सऊदी अरब में पीएम मोदी RuPay कार्ड भी लॉन्च करेंगे.

इसके साथ ही सऊदी की एयरलाइंस में भारतीयों के लिए सीट का कोटा बढ़ाने पर भी बात होगी. इकनॉमिक टाइम्स ने लिखा है कि सऊदी अरब में भारत के 26 लाख लोग रहते हैं और ये भारत में अपने परिवार को हर साल 11 अरब डॉलर भेजते हैं.

इकनॉमिक टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ''मोदी के इस दौरे से दोनों देशों में रक्षा संबंध भी मज़बूत होंगे. भारत और सऊदी अरब रक्षा उद्योग में साथ मिलकर काम करने पर विचार कर रहे हैं. सऊदी अरब में भारत की रक्षा कंपनियों के कई दौरे हुए हैं. दिसंबर और जनवरी में दोनों देशों की नौसेनाओं के युद्धाभ्यास भी होने हैं. जिस फोरम को पीएम संबोधित करने वाले हैं वहां से भारत में निवेश बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.''

पिछले तीन सालों में पीएम मोदी सऊदी अरब दूसरी बार गए हैं.

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पाकिस्तान की शिकायत

पाकिस्तान ने पीएम मोदी के सऊदी अरब दौरे में अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल से इनकार कर दिया था. अब भारत ने पाकिस्तान के इस रुख़ की शिकायत अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन के समक्ष उठाया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब की यात्रा पर हैं. इस यात्रा के लिए भारत ने पाकिस्तान से अपने हवाई क्षेत्र को खोलने का आग्रह किया था लेकिन पाकिस्तान ने इनकार कर दिया था. भारत ने इसके लिए औपचारिक तौर पर अनुरोध किया था लेकिन पाकिस्तान नहीं माना. जिस पर भारत ने नाराज़गी भी जताई थी.

आईसीएओ के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक देश द्वारा अपनी उड़ानों के लिए किसी दूसरे देश से उनके हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने के लिए मंज़ूरी मांगी जाती है और उन्हें मंज़ूरी मिल जाती है. यह दूसरा मौक़ा है जब पाकिस्तान ने ऐसा किया है.

भारतीय अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान को प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए. इस ख़बर को जनसत्ता ने प्रकाशित किया है.

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अब नए टीवी कनेक्शन के लिए ज़रूरी होगा केवाईसी

ट्राई यानी दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने डीटीएच कनेक्शन लेने के लिए केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है.

इसका मतलब ये हुआ कि अब अगर टीवी देखने के लिए किसी को नया कनेक्शन लेना है तो उसे केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. तभी जाकर नया कनेक्शन मिलेगा. यह प्रक्रिया बिल्कुल उसी तरह से है जैसे कोई नया सिम लेने के लिए केवाईसी से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं.

लेकिन अब सवाल यह है कि पुराने ग्राहकों का क्या?

पुराने ग्राहकों को ट्राई ने केवाईसी पूरा करने के लिए दो साल का वक़्त दिया है. ट्राई के नए नियमों के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं का सेट टॉप बॉक्स किसी मोबाइल नंबर से संबद्ध है उन्हें कोई समस्या नहीं है. वहीं जिनका सेट अप बॉक्स किसी भी मोबाइल नंबर से नहीं जुड़ा है उनके लिए दो साल के अंदर इस प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य है.

इस ख़बर को दैनिक हिंदुस्तान ने प्रकाशित किया है.

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महिलाएं दिल्लीकी बसों में करेंगी मुफ़्त में यात्रा

दिल्ली परिवहन निगम और राजधानी-एनसीआर में चलने वाली क्लस्टर बसों में मंगलवार से महिलाएं मुफ़्त में सफर कर सकेंगी.

इसके लिए महिलाओं को एक ख़ास गुलाबी टोकन लेना होगा. लेकिन इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना है.

यह टोकन केवल एक गंतव्य स्थान के लिए मान्य होगा. अगर दोबारा से किसी गंतव्य के लिए बस में बैठे हैं तो दूसरा टोकन लेना होगा. इस योजना पर करीब 140 करोड़ रुपए का ख़र्च आएगा.

इसमें 90 करोड़ रुपए डीटीसी पर और 50 करोड़ रुपए क्लस्टर बसों पर खर्च होंगे. इस ख़बर को हिंदुस्तान टाइम्स ने प्रकाशित किया है.

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बीजेपी और शिवसेना के नेताओं ने अलग-अलग की राज्यपाल से मुलाक़ात

महाराष्ट्र में बीजेपी और शिव सेना के बीच की तनातनी का हर रोज़ एक नया रूप सामने आ रहा है. ताज़ा मामला राज्यपाल से मुलाक़ात का है. इस ख़बर को द हिंदू ने पहले पन्ने पर प्रकाशित किया है.

महाराष्ट्र में शिव सेना जहां 50-50 के आधार पर मुख्यमंत्री पद चाहती है लेकिन बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं है. सोमवार को बीजेपी और शिव सेना के प्रतिनिधियों ने राजभवन में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से अलग-अलग मुलाक़ात की.

भाजपा के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया और शिव सेना का परिवहन मंत्री दिवाकर रावत ने किया.

हालांकि बाद में दोनों नेताओं ने कहा कि यह मुलाक़ात दीपावली की बधाई देने के लिए थी. लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह एक राजनीतिक मुलाक़ात थी.

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दीपावली पर पड़ोसी मुल्क़ पाकिस्तान ने नहीं ली मिठाई

पाकिस्तान ने इस दीपावली भारत की ओर से दी जाने वाली मिठाई लेने से इनकार कर दिया. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, बीएसएफ़ के अधिकारियों ने दीपावली के पहले वाली शाम को रेंजर स्तर के पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क किया और उन्हें मिठाई की पेशकश की लेकिन पाकिस्तान ने इसके लिए मना कर दिया.

इसी अख़बार की एक अन्य ख़बर के मुताबिक पाकिस्तान ने गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के इच्छुक श्रद्धालुओं को बिना वीज़ा प्रवेश की मंज़ूरी देने के लिए करतारपुर कॉरिडोर में 80 इमिग्रेशन सेंटर बनाए हैं. इसके साथ ही ग़ैर-भारतीय सिखों को टूरिस्ट वीज़ा देने पर भी फ़ैसला लिया गया है.

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