व्हाट्सऐप से जासूसी मामले में मोदी सरकार से सवाल: पांच बड़ी ख़बरें

  • 1 नवंबर 2019
व्हाट्सऐप इमेज कॉपीरइट Getty Images

मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप में इसराइली स्पाईवेयर 'पेगासस' के ज़रिए भारतीयों की जासूसी करने के मामले में भारत सरकार ने व्हाट्सऐप से जवाब तलब किया है.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है. उन्होंने ट्वीट किया, "मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप पर भारत के नागरिकों की निजता के उल्लंघन को लेकर भारत सरकार चिंतित है. हमने व्हाट्सऐप से पूछा है कि यह किस प्रकार का उल्लंघन है और करोड़ों भारतीयों की निजता की सुरक्षा के लिए वह क्या कर रहा है."

व्हाट्सऐप में इस स्पाईवेयर के ज़रिए दुनियाभर के जिन 1400 लोगों को निशाना बनाया गया है, उनमें भारतीय पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी शामिल हैं.

इस जासूसी पर विपक्षी पार्टियों ने भी मोदी सरकार से सवाल किए हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "सरकार व्हाट्सऐप से पूछ रही है कि किसने पेगासस को ख़रीदकर भारतीय नागरिकों की जासूसी की, यह तो वैसा ही जैसे मोदी डसॉ से पूछें कि रफ़ाल विमान ख़रीदकर किसने पैसे बनाए."

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस जासूसी के लिए सीधे-सीधे बीजेपी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया. उन्होंने लगातार ट्वीट करते हुए मोदी सरकार से कई सवाल पूछे हैं.

उन्होंने एक ट्वीट में लिखा कि कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट से मांग करती है कि वह बीजेपी सरकार की एजेंसियों की इस जासूसी पर स्वत: संज्ञान लेते हुए अदालत की निगरानी में जांच करे.

हालांकि, कांग्रेस के चौतरफ़ा हमलों पर रविशंकर प्रसाद ने भी जवाब दिया कि वह कांग्रेस को यह याद दिलाना चाहेंगे कि यूपीए कार्यकाल में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के दफ़्तर की और सेना प्रमुख वी.के सिंह की जासूसी की गई थी, जो सिर्फ़ एक परिवार के लिए हुई थी.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

शिवसेना नेता ने की पवार से मुलाक़ात

शिवसेना नेता संजय राउत ने गुरुवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाक़ात की. हालांकि, उन्होंने इसे केवल दिवाली के मौक़े पर एक शिष्टाचार मुलाक़ात बताया.

महाराष्ट्र में एक और जहां बीजेपी-शिवसेना की गठबंधन सरकार कब बनेगी यह साफ़ होते नहीं दिख रहा है. वहीं दूसरी ओर इस मुलाक़ात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.

मुलाक़ात के बाद राउत ने कहा कि वह शरद पवार से मिलने उनके घर गए थे और दोनों ने महाराष्ट्र की राजनीति पर भी बात की.

वहीं, दूसरी ओर गुरुवार को ही शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल से मुलाक़ात की थी. उन्होंने काह था कि यह मुलाक़ात केवल किसानों के मुद्दों को लेकर थी न कि सरकार के गठन को लेकर.

शिवसेना बीजेपी से मांग कर रही है कि महाराष्ट्र की नई सरकार 50-50 फॉर्मूले पर बने जिनमें आधे-आधे कार्यकाल के लिए दोनों दलों के मुख्यमंत्री रहें.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

भारत ने चीन को कश्मीर पर दिया जवाब

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के गुरुवार से केंद्र शासित राज्य बन जाने पर चीन ने सवाल उठाए थे जिसके बाद भारत सरकार ने चीन को जवाब देते हुए कहा है कि यह भारत का आंतरिक मामला है और किसी देश से इस मामले पर टिप्पणी करने की उम्मीद नहीं की जाती है.

साथ ही भारत ने चीन को कहा है कि उसने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बड़े हिस्से पर क़ब्ज़ा कर रखा है.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुएंग ने गुरुवार को बीजिंग में मीडिया से कहा था कि भारत ने एकतरफ़ा तरीक़े से अपने घरेलू क़ानून और प्रशासन को बदल दिया.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

जर्मन चांसलर भारतीय दौरे पर पहुंची

जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार रात नई दिल्ली पहुंच गईं. उनकी आगवानी के लिए एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र प्रसाद मौजूद थे.

इस दौरे के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत करेंगी जिनमें दोनों देशों के बीच 20 समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है.

शुक्रवार की सुबह राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा और इसके बाद वह राजघाट पर जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी.

इमेज कॉपीरइट Reuters

इराक़ में विरोध प्रदर्शन जारी

इराक़ में सरकार विरोधी विशाल प्रदर्शन प्रदर्शन जारी हैं. इराक़ के राष्ट्रपति बरहम सालेह ने प्रदर्शनकारियों के ग़ुस्से को देखते हुए राजनीतिक सुधारों की पेशकश की है.

कई हफ़्तों के बाद टीवी पर अपने संबोधन में सालेह ने कहा कि प्रधानमंत्री अब्देल अब्दुल महदी इस्तीफ़ा देने के लिए तैयार हैं लेकिन इस पर ससंद की भी सहमति होनी चाहिए. सालेह ने कहा कि वो जल्दी चुनाव कराने के लिए अगले हफ़्ते संसद में एक विधेयक पेश कर सकते हैं.

इराक़ में हो रहे इस सरकार विरोधी प्रदर्शन में पिछले महीने से लेकर अब तक 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे देश में बढ़ती बेरोज़गारी, ख़राब सार्वजनिक सेवाओं और बढ़ते भ्रष्टाचार की वजह से ग़ुस्से में हैं. प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री महदी के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार