महाराष्ट्र: शिवसेना के विधायक होटल में भेजे गए

  • 7 नवंबर 2019
उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस इमेज कॉपीरइट Getty Images

महाराष्ट्र में कब तक सरकार बनेगी इस पर गतिरोध बना हुआ है. गुरुवार को शिवसेना के 56 विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से उनके निवास मातोश्री पर मुलाक़ात की.

बीबीसी मराठी सेवा के संवाददाता मयूरेश कोण्णूर ने बताया कि, उद्धव ठाकरे से मुलाक़ात के बाद विधायकों को मातोश्री के पास ही स्थित रंगशारदा होटल में भेज दिया गया है. शिवसेना का इस पर कहना है कि राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ी से बदल रही हैं इसलिए उन्हें होटल में रखा गया है.

दिन में शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत से सवाल पूछा गया था कि उनके विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त की कोशिश की जा रही है. इस सवाल पर उन्होंने कहा था कि कोशिशें हमेशा की जाती हैं.

उन्होंने कहा, "जिनके हाथ में सत्ता होती है, एजेंसी होती है, पैसा होता है वो ऐसी स्थिति का फ़ायदा उठाने की कोशिश करते हैं. चाहे महाराष्ट्र हो, तेलंगाना हो, कर्नाटक हो, झारखंड हो या हरियाणा हो, यह हमारी राजनीति का दुर्भाग्य है कि ऐसी कोशिशें होती हैं लेकिन मैंने पहले भी कहा है कि महाराष्ट्र में इस बार कोई भी नहीं टूटेगा."

पत्रकारों ने इस दौरान उनसे यह भी पूछा था कि उनके विधायकों को किसी होटल में ठहराए जाने की बात की जा रही है तो इस पर उन्होंने इसे अफ़वाह बताया था.

मातोश्री में ही शिवसेना नेताओं ने एक प्रस्ताव पास किया जिसमें कहा गया है कि सरकार बनाने पर अंतिम फ़ैसला उद्धव ठाकरे ही लेंगे.

शिव सेना की माँग है कि महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना का ढाई-ढाई साल तक मुख्यमंत्री रहे. उनका दावा है कि बीजेपी ने चुनावों से पहले इसका वादा किया था जो उसे अब पूरा करना चाहिए.

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'बीजेपी-शिवसेना की बनेगी सरकार'

बीजेपी नेताओं ने गुरुवार को ही महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाक़ात की है. साथ ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी नागपुर पहुंचे. वो यहां आरएसएस प्रमुख से मुलाक़ात के लिए आए थे.

नागपुर में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जनता ने बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन को बहुमत दिया है और सरकार बनाने पर जल्द फ़ैसला लिया जाएगा.

पत्रकारों ने उनसे पूछा कि उन्हें महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात की जा रही है, इस पर उन्होंने कहा कि वह इस समय दिल्ली में अपनी भूमिका निभा रहे हैं और देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है.

साथ ही नितिन गडकरी ने एक बार फिर दोहरा दिया है कि मुख्यमंत्री बीजेपी का ही बनेगा क्योंकि बीजेपी ने सबसे अधिक सीटें जीती हैं. उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का सरकार के बनाने को लेकर कोई संबंध नहीं है.

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'हमारे पास मुख्यमंत्री बनाने के लिए बहुमत'

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के आए परिणामों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. बीजेपी को 105 सीटें तो वहीं शिवसेना को 56 सीटें मिली थीं. महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 145 सीटों की ज़रूरत है.

इन परिणामों में एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं.

शिवसेना नेता संजय राउत ने गुरुवार को एक बार और प्रेस कॉन्फ़्रेंस की और उन्होंने कहा कि उनके पास बहुमत है और मुख्यमंत्री उनका बनेगा और वह सदन में यह करके दिखाएंगे.

संजय राउत एनसीपी प्रमुख शरद पवार से भी मुलाक़ात कर चुके हैं. अगर शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी साथ आ जाएं तो तीनों दलों का आंकड़ा 154 सीटें पहुंच जाता है जो बहुमत से नौ सीटें अधिक हैं.

अगर यह तीनों दल साथ आ जाएं तो उनकी सरकार आराम से बन जाएगी. लेकिन शरद पवार कह चुके हैं कि जनता ने उन्हें विपक्ष में बैठने का आदेश दिया है और वो उसका सम्मान करेंगे.

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