कांग्रेस ने चुनावों में खर्च किए 820 करोड़ रुपये: प्रेस रिव्यू

  • 8 नवंबर 2019
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टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर है कि कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव और अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडीशा और सिक्किम के विधानसभा चुनावों में प्रचार अभियान के लिए 820 करोड़ रुपये खर्च किए थे.

जबकि पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनावों में चुनाव प्रचार के लिए 516 करोड़ रुपये खर्च किए थे.

कांग्रेस ने 31 अक्टूबर को चुनाव आयोग के पास चुनावी खर्चों का जो ब्यौरा दिया है उसमें ये जानकारी दी गई है.

इसमें बताया गया है कि पार्टी ने 626.3 करोड़ रुपये पार्टी के प्रचार पर और 193.9 करोड़ रुपये उम्मीदवारों पर खर्च किए हैं.

अख़बार ने लिखा है कि मई में कांग्रेस पार्टी की तत्कालीन सोशल मीडिया प्रमुख दिव्या स्पंदन ने कहा था, 'हमारे पास पैसे नहीं हैं.'

अख़बार ने साथ ही लिखा है कि भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक 2019 लोकसभा चुनाव ख़र्च का ब्यौरा जमा नहीं किया है.

पाक सरकार और सेना में पासपोर्ट को लेकर मतभेद

हिंदुस्तान अख़बार में ख़बर दी गई है कि करतारपुर जाने के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता पर जहां पाकिस्तान सरकार और सेना के बीच मतभेद नज़र आया वहीं, भारत ने अब इस पर स्थिति साफ़ कर दी है.

अख़बार लिखता है कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि करतारपुर जाने के लिए भारतीय तीर्थयात्रियों के पास पासपोर्ट होना ज़रूरी है.

उन्होंने कहा कि यात्रा के तौर-तरीकों को लेकर दोनों देशों के बीच जो समझौता हुआ था भारत उस पर कायम रहेगा. पाकिस्तान से विरोधाभासी ख़बरें आ रही हैं. कभी वो कहते हैं कि पासपोर्ट चाहिए और कभी कहते हैं कि इसकी ज़रूरत नहीं. इस समझौता में एकतरफ़ा संशोधन नहीं किए जा सकते.

इससे पहले गुरुवार को पाकिस्तान सरकार और सेना के बीच पासपोर्ट को लेकर विरोधाभास सामने आया था.

सुबह सेना ने कहा था कि पासपोर्ट ज़रूरी होगा और शाम को पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने कहा कि पासपोर्ट ज़रूरी नहीं हैं और तीर्थयात्री वैध दस्तावेजों के साथ यात्रा कर सकेंगे.

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सोशल मीडिया प्रोफाइल को लेकर सेना ने किया सर्तक

जनसत्ता अख़बार के अनुसार भारतीय थल सेना ने सोशल मीडिया पर 150 प्रोफाइलों को लेकर अपने अधिकारियों को सतर्क किया है.

सेना ने सलाह देते हुए कहा है कि कि इनका इस्तेमाल विरोधी संवेदनशील सूचनाएं निकलवाने के मकसद से हनीट्रैप के लिए कर रहे हैं.

थलसेना मुख्यालय ने पिछले महीने सैन्य कर्मियों को ये परामर्श भेजा था जिसमें इस संबंध में आगाह किया गया था.

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