अयोध्या फ़ैसले पर पीएम मोदी बोले, 'आज कटुता को अलविदा कहने का दिन'

  • 9 नवंबर 2019
विविधता में एकता का मंत्र पूर्णता के साथ खिला - प्रधानमंत्री मोदी इमेज कॉपीरइट Ani

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले पर फ़ैसला आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया.

उन्होंने कहा कि पूरा देश चाहता था कि इस मामले में हर रोज़ सुनवाई हो और अब दशकों तक चली इस न्याय प्रकिया का समापन हुआ है.

उनके मुताबिक फ़ैसला आने के बाद हर वर्ग, हर धर्म ने जिस तरह फ़ैसले का स्वागत किया है वो भारत की संस्कृति को प्रतिबिंबित करता है. उनके शब्दों में, "विविधता में एकता का मंत्र आज पूर्णता के साथ खिला हुआ नज़र आता है."

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोर्ट ने अयोध्या मामले पर सुनवाई के दौरान सबको धैर्य से सुना और पूरे देश के लिए ख़ुशी की बात है कि फ़ैसला सर्वसम्मति से आया है. उन्होंने कहा, "यह कार्य सरल नहीं है."

इमेज कॉपीरइट Getty Images

सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिनों की सुनवाई के बाद अपने फ़ैसले में विवादित 2.77 एकड़ की ज़मीन हिंदू पक्ष को देने का आदेश दिया है. साथ ही सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए पाँच एकड़ ज़मीन उपयुक्त जगह पर दी जाएगी.

भारत के ज़्यादातर राजनीतिक दलों ने इस फ़ैसले का स्वागत किया है और लोगों से शांति और भाईचारे की अपील की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "9 नवंबर ही वो दिन था जब बर्लिन की दीवार गिरी थी और दो धाराएं साथ आई थीं. आज ही करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत हुई है जिसमें भारत और पाकिस्तान की भूमिका है. 9 नवंबर को ही अयोध्या का फ़ैसला आया है जो बताता है कि आज के दिन का संदेश जोड़ने का है, जुड़ने का है और मिलकर जीने का है. आज जिसके मन में भी कटुता रही हो उसे तिलांजलि देने का दिन है."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का यह फ़ैसला हमारे लिए एक नया सवेरा लेकर आया है, इस विवाद का भले ही कई पीढ़ियों पर असर पड़ा हो लेकिन इस फ़ैसले के बाद हमें यह संकल्प करना होगा कि अब नई पीढ़ी नए सिरे से 'न्यू इंडिया' के निर्माण में जुटेगी, आइये हम नए निर्माण में जुटें.

उन्होंने कहा कि "न्यू इंडिया" में डर, कड़वाहट और नकारात्मकता की जगह नहीं होगी.

इमेज कॉपीरइट Ani

ईद मिलादुन नबी की बधाई दी

राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "देश के हर नागरिक पर राष्ट्र निर्माण की जवाबदेही बढ़ गई है. देश की न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना, नियम कायदों का सम्मान करने का दायित्व भी हम सब पर पहले से अधिक बढ़ गया है."

"हमारे बीच का सौहार्द, एकता, शांति, सद्भाव और स्नेह देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हमें भविष्य की ओर देखना है. भविष्य के भारत के लिए करना है."

"भारत के सामने चुनौतियां, लक्ष्य और मंज़िलें और भी हैं. हर भारतीय साथ मिलकर और साथ चलकर ही इन लक्ष्यों को प्राप्त करके मंज़िलों को पहुंचेगा."

"9 नवंबर के इस महत्वपूर्ण दिन को याद करते हुए आगे बढ़ने का संकल्प लेते हुए आप सबको मैं राष्ट्र को आने वाले त्योहारों की बधाई देता हूं जिसमें कल ईद मिलादुन नबी का त्यौहार भी शामिल है. इसकी भी शुभकामनाएं."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार