'टोपी-लुंगी पहनकर संघ के लोग बरसा रहे थे ट्रेन पर पत्थर': प्रेस रिव्यू

  • 21 दिसंबर 2019
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नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से छह लोगों को ट्रेन पर पत्थर फेंकते हुए देखा गया था. इनमें से दो लोगों को अब पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

द टेलीग्राफ़ समाचार पत्र के अनुसार इन छह लोगों ने टोपी और लुंगी पहनी हुई थी, इन सभी का संबंध संघ परिवार से बताया गया है. इन छह में से दो लोगों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. बाकी के चार लड़के नाबालिग हैं जिनमें से तीन पर गंभीर अपराध के तहत मामला दर्ज कर उन्हें 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है.

एक युवक की तबियत ख़राब होने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है. सभी नाबालिग युवकों की उम्र 16-17 साल बताई गई है.

इस मामले पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी हैरानी जताते हुए कहा है, ''बीजेपी एक समुदाय को बदनाम करने के लिए और बंगाल में आग लगाने के लिए और कितना नीचे गिरेगी.''

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Image caption ममता बनर्जी

अख़बार लिखता है कि बीजेपी के छात्र संगठन एबीवीपी के सदस्य 21 वर्षीय अभिषेक सरकार को पांच अन्य युवकों के साथ रेलवे पटरी के पास कपड़े बदलते हुए देखा गया था इसके बाद इन सभी युवकों ने एक ट्रेन के इंजन पर पत्थर बरसाए थे. गांव वालों ने इन युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था.

शुक्रवार को इन्हें लालबाग की अदालत में पेश किया गया जहां अभिषेक के अलावा वीएचपी के सदस्य 22 वर्षीय प्रभाकर साहा को पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया गया.

सरकार विरोध करने वालों के सुझाव सुनने के लिए तैयार

केंद्र सरकार नागरिकता क़ानून पर विरोध को देखते हुए संशोधित नागरिकता क़ानून पर लोगों के सुझाव सुनने के लिए तैयार है.

हिंदुस्तान में प्रकाशित समाचार के अनुसार सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि ज़रूरी होने पर इन सुझावों को क़ानून के तहत बनाए जा रहे नियमों में शामिल किया जा सकता है.

सरकार ने कहा है कि क़ानून मंत्रालय के परामर्श से नियम बनाए जा रहे हैं. इसलिए जो लोग सुझाव देना चाहते हैं वो दे सकते हैं. सरकार का कहना है कि वो अलग-अलग तरीकों से इस क़ानून पर बने संदेह को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं.

अधिकारी ने यह भी कहा है कि सरकार इस विरोध के लिए भी तैयार थी. सरकार को पूर्वोत्तर में विरोध का अनुमान था.

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जासूसी रैकेट का खुलासा, नौसेना के सात कर्मी गिरफ़्तार

आंध्र प्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि खुफ़िया एजेंसी ने पाकिस्तान से संबंध रखने वाले एक जासूसी रैकेट का पता लगाया है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि खुफ़िया एजेंसी ने एक हवाला ऑपरेटर सहित नौसेना के सात कर्मियों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने कहा कि ये गिरफ़्तारियां देश के कई हिस्सों से की गई हैं. कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

आंध्र प्रदेश स्टेट इंटेलिजेंस विभाग ने केंद्रीय इंटेलिजेंस विभाग और नेवी इंटेलिजेंस की मदद से ऑपरेशन 'डॉल्फिन्स नोज' चलाकर एक साथ संयुक्त रूप से इस रैकेट का पर्दाफ़ाश किया है.

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