CAA: बेंगलुरू में क्यों वायरल हुआ यह वीडियो?

  • 26 दिसंबर 2019
सीपीआई का दफ़्तर इमेज कॉपीरइट CPI

बेंगलुरू पुलिस को एक वीडियो के ज़रिए उस कथित साज़िश का पता चला है जिसमें कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के दफ़्तर पर हमला और उसे आग लगाने का प्रयास करते हुए दिखाया गया है.

इस वीडियो को मोबाइल फ़ोन पर फ़िल्माया गया है. इसमें दो लोग एक पार्टी दफ़्तर के बाहर शटर पर पेट्रोल डालते दिख रहे हैं, फिर वहां खड़े कुछ दोपहिया वाहनों को आग लगा दी जाती है.

वीडियो वायरल हो गया और स्थानीय टेलीविज़न चैनलों पर भी इसे दिखाया गया.

सीपीआई के अधिकारियों ने कहा कि यह घटना बुधवार के सुबह क़रीब 10 बजे हुई और मुख्य कार्यालय के अंदर सो रहे एक सुरक्षाकर्मी ने जब शोर किया तब आग को फैलने से रोका गया.

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नाम नहीं बताने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "यह स्पष्ट है कि इस वीडियो को सीसीटीवी से नहीं लिया गया है. इसे मोबाइल फ़ोन पर फ़िल्माया गया है. अपराधी ख़ुद अपने अपराध का वीडियो क्यों जारी करेंगे?"

हालांकि, बेंगलुरू के पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) चेतन सिंह राठौड़ ने बीबीसी हिंदी को बताया, "वीडियो के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी. यहां तक कि एक तीसरा पक्ष भी हो सकता है जो इस पार्टी और दूसरे किसी अन्य के बीच दरार पैदा करने की कोशिश हो सकती है."

राठौड़ कहते हैं, "हम अभियुक्तों और उन सभी गाड़ियों के नंबर का पता कर रहे हैं जिसपर ये दोनों सवार हुए थे."

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Image caption सीएए पर विरोध प्रदर्शन

सीपीआई के राज्य सचिव साठी सुंदरेश ने बीबीसी हिंदी से कहा कि सत्तारूढ़ बीजेपी सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रही है और यह बदला लेने के उद्देश्य से किया गया हो सकता है.

उन्होंने कहा, "हमने कर्फ़्यू के बावजूद मंगलुरु में प्रदर्शन किया था. जिसके बाद हमारे राष्ट्रीय सचिव और राज्य सभा सदस्य बिनोय विस्वम और मेरे साथ कई अन्य लोगों को गिरफ़्तार किया गया था."

सुंदरेश ने यह भी कहा, "हम समझते हैं कि जो भी विरोध करेगा, उस पर ऐसे हमले बढ़ेंगे."

पार्टी के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, "इसलिए हमें संदेह है कि यह सुपारी का मामला हो सकता है. हो सकता है कि जिन्होंने उन्हें यह काम सौंपा था, ये लोग उन्हें इस वीडियो के जरिए यह बताना चाहते हों कि उनका काम हो गया है."

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