CAA के बाद अब अगला क़दम रोहिंग्या को निकालना: जितेंद्र सिंह- प्रेस रिव्यू

  • 4 जनवरी 2020
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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जम्मू में कहा है कि नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) के बाद सरकार का अब अगला क़दम रोहिंग्या शरणार्थियों के निर्वासन के बारे में होगा.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, जितेंद्र सिंह ने कहा, "रोहिंग्या लोगों की यहां बड़ी आबादी है. इनके निर्वासन की क्या योजना है, सरकार इसको लेकर चिंतित है."

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उन्होंने कहा, "सूची बनाई जाएगी और अगर ज़रूरत होगी तो बायोमेट्रिक सर्टिफ़िकेट्स भी लिए जाएंगे क्योंकि CAA रोहिंग्याओं को कोई लाभ नहीं देगा. ये उन तीन देशों से और छह अल्पसंख्यक समुदायों से नहीं आते हैं."

जितेंद्र सिंह ने कहा कि वे किसी भी तरह से नागरिकता नहीं ले पाएंगे. उन्होंने कहा कि विश्लेषकों और शोधकर्ताओं का काम यह पता लगाना है कि म्यांमार से रोहिंग्या जम्मू कैसे पहुंचे.

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'सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान को संदेश गया'

नए थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के ज़रिए पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश गया है.

हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार में छपी ख़बर के अनुसार, जनरल नरवणे ने कहा कि सितंबर 2016 और फ़रवरी 2018 में चरमपंथी ठिकानों के ख़िलाफ़ की गई सर्जिकल स्ट्राइक पड़ोसी देश के लिए संदेश था.

उन्होंने कहा कि ये कड़ा संदेश था कि भारत आतंक के बुनियादी ढांचे और लॉन्च पैड को ढहा सकता है और 'आप दंड से मुक्ति के बिना काम नहीं कर सकते हो.'

साथ ही जनरल नरवणे ने भारत प्रशासित कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बारे कहा कि कश्मीर में शांति लौट रही है.

उन्होंने कहा, "आतंकी गतिविधि और पत्थरबाज़ी काफ़ी कम हुई है. क़ानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक हो रही है और हमें उम्मीद है कि ये आगे और ठीक होगी. 200-250 आतंकी हैं जो सीमा पार कर जम्मू-कश्मीर में घुसने की फ़िराक में हैं. रोज़ाना घुसपैठ की कोशिशें की जाती हैं लेकिन हम उन्हें नाकाम कर रहे हैं."

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Image caption पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती

भारत हो हिंदू राष्ट्र घोषित: पुरी शंकराचार्य

नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाना चाहिए.

हिंदुस्तान अख़बार में छपी ख़बर के अनुसार, पुरी के गोवर्धन मठ में उन्होंने कहा कि दुनिया के कुल 204 देशों में से कई को मुस्लिम और ईसाई देश घोषित किया गया है जबकि हिंदुओं के लिए ऐसा कोई देश नहीं है.

उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोई हिंदू राष्ट्र नहीं है इसलिए संयुक्त राष्ट्र की ज़िम्मेदारी है कि वो पहले चरण में भारत, नेपाल और भूटान को हिंदू राष्ट्र घोषित करे.

उन्होंने कहा कि बाकी देशों में सताए जा रहे हिंदुओं को इन तीन देशों में बसाया जाना चाहिए और कोई मुस्लिम किसी राष्ट्र में ख़ुद को उपेक्षित महसूस करता है तो उसे किसी भी मुस्लिम राष्ट्र में बसाया जाना चाहिए.

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'मिस्त्री ने टाटा संस की प्रतिष्ठा को नुक़सान पहुंचाया'

नेशनल कंपनी लॉ अपेलैट ट्राइब्यूनल (एनसीएलएटी) ने साइरस मिस्त्री को टाटा सन्स का एग्ज़िक्यूटिव चेयरमैन बहाल करने को एमेरिटस चेयरमैन रतन टाटा ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, रतन टाटा ने इस फ़ैसले को पूरी तरह से पलटने की अपील की.

रतन टाटा ने कहा कि एनसीएलएटी ने ग़लत दस्तावेज़ों को पढ़ा जो अतार्किक और अनिश्चित तरीक़े से यह बात कह रहे थे कि उन्होंने मिस्त्री को हटाने की पूरी तैयारी की थी.

टाटा ने कहा कि मिस्त्री ने 24 अक्तूबर 2016 को सम्मानपूर्वक पद से हटने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था जिसके बाद बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स इस बात पर सहमत थे कि मिस्त्री ने टाटा संस की प्रतिष्ठा को नुक़सान पहुंचाया है.

रतन टाटा ने कहा कि मिस्त्री के नेतृत्व में कमी का उदाहरण तभी देखने को मिल गया था जिस तरह से उन्होंने डोकोमो मुक़दमेबाज़ी के मामले को संभाला था.

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