CAA विरोधियों पर बीजेपी बंगाल अध्यक्ष दिलीप घोष का आपत्तिजनक बयान: पाँच बड़ी ख़बरें

  • 14 जनवरी 2020
सीएए इमेज कॉपीरइट Getty Images

पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध कर रहे लोगों को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है.

उन्होंने ममता बनर्जी सरकार की इस बात के लिए आलोचना की है कि वह इस क़ानून का विरोध कर रहे लोगों से सख्ती से नहीं निपट रही है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ दिलीप घोष ने अपने बयान में कहा, "दीदी की पुलिस उन लोगों पर कार्रवाई नहीं कर रही है जो विरोध प्रदर्शन में सरकारी संपत्तियों को नुक़सान पहुंचा रहे हैं क्योंकि ये लोग उनके वोटर हैं. यूपी, असम और कर्नाटक की हमारी सरकारें ऐसे लोगों को कुत्ते की तरह गोली मार रही है."

दिलीप घोष के इस बयान को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शर्मनाक बताया है. ममता ने कहा कि वह बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष का नाम नहीं लेना चाहती हैं लेकिन वे फ़ायरिंग को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन यह यूपी नहीं है. यह पुलिस फ़ायरिंग नहीं होगी.

वैसे पश्चिम बंगाल से बीजेपी के सांसद और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा है कि घोष ने जो कहा है उससे पार्टी का कोई लेना देना नहीं है.

जेएनयू मसले पर बोले केंद्रीय मंत्री निशंक

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के बारे में कहा है कि फ़ीस वृद्धि से जुड़ी समस्या का हल निकल आया है, ऐसे में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को उचित नहीं ठहराया जा सकता है.

इमेज कॉपीरइट Empics

समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए बयान में निशंक ने कहा है कि छात्रों से शीतकालीन सत्र के रजिस्ट्रेशन में यूटिलिटी और सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा, लेकिन छात्रों को बढ़ा हुआ हॉस्टल रूम का किराया देना होगा.

मंत्री के मुताबिक़ यह हल छात्रों-जेएनयू प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ मंत्रालय सचिव की 10-11 जनवरी को हुई बैठक में निकला है.

हालांकि जेएनयू के छात्र पूरी बढ़ोत्तरी को रोल बैक करने की माँग कर रहे हैं.

उधर जेएनयू परिसर में पाँच जनवरी को हुई मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष के साथ तीन छात्रों से पूछताछ की है.

'महाराष्ट्र में नागरिकता संशोधन क़ानून लागू नहीं'

इमेज कॉपीरइट Getty Images

शिवसेना ने घोषणा की है कि महाराष्ट्र में नागरिकता संशोधन क़ानून को लागू नहीं करेगी. शिवसेना की ओर से यह बयान, सोनिया गांधी की ओर से सीएए, एनआरसी और एनपीआर का विरोध करने के लिए बुलाई विपक्षी पार्टियों की बैठक के बाद आया है, हालांकि इस बैठक में शिवसेना शामिल नहीं हुई थी.

शिवसेना के इस बैठक में शामिल नहीं होने से गठबंधन को लेकर अटकलों का दौर भी शुरू हो गया था लेकिन शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन में सब ठीक है. सोनिया गांधी की बैठक में शिवसेना की ग़ैर मौजूदगी पर संजय राउत ने कहा कि 'मिस कम्यूनिकेशन' के चलते ऐसा हुआ है.

शिवसेना ने लोकसभा में इस क़ानून का समर्थन किया था जबकि राज्य सभा में उसके सदस्य वोटिंग के दौरान अनुपस्थित रहे थे.

प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मिली संदिग्ध चिट्ठी

इमेज कॉपीरइट Getty Images

भोपाल से बीजेपी की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को एक संदिग्ध चिट्ठी मिली है. इस पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ प्रज्ञा ठाकुर की तस्वीरों पर क्रास का निशान बना हुआ है.

पत्र को संदिग्ध मानते हुए प्रज्ञा ठाकुर के स्टॉफों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी. यह संदिग्ध चिट्ठी उर्दू में लिखी हुई है और इसमें पाउडर मिला हुआ है. पुलिस पत्र को क़ब्ज़े में लेकर इसकी फॉरेंसिक जाँच करा रही है.

ईरान का विरोध प्रदर्शन पर गोलीबारी से इनकार

ईरान ने कहा है कि सराकर का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस ने गोली नहीं चलाई है.

हालांकि रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कुछ वीडियो में गोली चलाए जाने की आवाज़ सुनी गई थी और एक घायल महिला को लोग ले जाते हुए दिखाई देते हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

ईरान की राजधानी तेहरान में यूक्रेन के यात्री विमान को ईरान की मिसाइल से गिराए जाने की घटना को लेकर लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

विरोध कर रहे लोग इस घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, हालांकि ईरान की सरकार ने इस हादसे के लिए माफ़ी माँगी है. इस हादसे में विमान में सवार सभी 176 लोगों की मौत हो गई थी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार