निर्भया: परिवार से आख़िरी बार मिलेंगे दोषी- प्रेस रिव्यू

  • 15 जनवरी 2020
निर्भया गैंगरेप के दोषी इमेज कॉपीरइट Delhi Police

तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने निर्भया गैंग रेप के चारों दोषियों से पूछा है कि वो फांसी से पहले आख़िरी बार अपने परिवार से कब मिलना चाहेंगे.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने जेल के सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि 20 जनवरी यानी फांसी की तारीख़ से दो दिनों पहले दोषियों को किसी से मिलने की इजाज़त नहीं होगी.

जेल के अधिकारी ने बताया, "तारीख़ तय होने पर चारों को बारी-बारी से अपने परिवार के सदस्यों से मिलने दिया जाएगा."

चारो दोषियों मुकेश कुमार, अक्षय सिंह, विनय शर्मा और पवन गुप्ता को फांसी से पहले अपने परिजनों से मिलने की इजाज़त होगी. जेल के अधिकारियों ने बताया कि वो फांसी से पहले उन पैसों का हिसाब भी करेंगे जो चारों ने जेल में काम करके कमाए हैं. ये पैसे उनके परिवार को दिए जाएंगे.

अक्षय सिंह ने जेल में रहने के दौरान काम करके 69,00 रुपए, विनय शर्मा ने 39,000 और पवन गुप्ता ने 29,000 रुपए कमाए हैं. मुकेश कुमार ने जेल में काम करने से इनकार कर दिया था.

अदालत विनय शर्मा और मुकेश कुमार की क्यूरिटिव पिटिशन ख़ारिज कर चुकी है. तिहाड़ जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि क्यूरिटिव पिटिशन ख़ारिज होने के बाद विनय शर्मा के पिता उससे मिलने आए थे और पिता से बातचीत के दौरान विनय कई बार रो पड़ा था.

16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुए गैंग रेप के चारों दोषियों का डेथ वॉरन्ट जारी हो गया है. पटियाला हाउस अदालत ने फांसी के लिए 22 जनवरी, 2020 की तारीख़ सुबह सात बजे का समय तय की है.

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इमरान ख़ा को आमंत्रित करेगी भारत सरकार

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी ख़बर के अनुसार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को शंघाई संहयोग संगठन(SCO) शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए मोदी सरकार आमंत्रित करेगी.

अख़बार ने यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी है. अख़बार लिखता है कि इमरान ख़ान इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे या नहीं, इसका फ़ैसला इस्लामाबाद में ही लिया जाएगा.

भारत पहली बार शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है. संगठन के महासचिव व्लादीमिर नोरोव ने कहा कि उन्हें ख़ुशी है कि भारत इस सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है.

नोरोव चार दिवसीय दौरे पर भारत आए हैं. उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाक़ात की और कहा, "संगठन के सभी देश और उनके प्रतिनिधि इस बात से ख़ुश हैं कि भारत सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है. भारत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण देश है और इसमें आर्थिक विकास को बढ़ाने की क्षमता है."

पिछले साल यह सम्मेलन कीर्गिस्तान में हुआ था, जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान दोनों गए थे.

एससीओ के कुल आठ सदस्य देश हैं. भारत और पाकिस्तान के अलावा चीन, रूस, कज़ाकिस्तान, कीर्गिस्तान, तज़ाकिस्तान और उज़्बेकिस्तान भी इसके सदस्य हैं.

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विरोध सच्चा है तो मुंह क्यों छिपाना?: जेएनयू वीसी

इंडियन एक्सप्रेस ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के वाइस चांसलर एम.जगदीश का एक साक्षात्कार प्रकाशित किया है.

इंटरव्यू में नक़ाबपोश हमलावरों के बारे में पूछे जाने पर जगदीश कुमार ने कहा कैंपस में तीन जनवरी को ही कुछ नक़ाबपोश छात्रों ने कैंपस में डेटा सेंटर पर हमला किया था.

उन्होंने कहा, "अगर आपका विरोध-प्रदर्शन सच्चा है, अगर ये सही वजह से किया जा रहा है तो आप अपना चेहरा क्यों छिपा रहे हैं? आप किससे भागने की कोशिश कर रहे हैं? मैं ये सवाल प्रदर्शन करने वाले सभी छात्रों से पूछना चाहता हूं."

कैंपस में हुई हिंसा में घायल छात्रों से मिलने न जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "जब छात्र घायल हों तो हमारी पहली ज़िम्मेदारी उन्हें इलाज दिलवाने की होती है. इसलिए हमने उन्हें तुरंत एम्स भेजा और जब वो अस्पताल से वापस हॉस्टल आए तो हमारे सीनियर वॉर्डेन ने सुनिश्चित किया कि उन्हें हर ज़रूरी मदद मिले. मैं छात्रों से मिलने के लिए तैयार हूं.''

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