संजय राउत ने इंदिरा पर दिया विवादित बयान, कांग्रेस ख़फ़ा

  • 16 जनवरी 2020
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शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने गुरुवार को एक विवादास्पद बयान दिया. राउत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अक्सर अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से मिलती थीं.

संजय राउत ने यह बयान एक इंटरव्यू में दिया. उन्होंने कहा, ''1960 और 1970 के दशक में सक्रिय रहे अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से इंदिरा गांधी मिलती थीं.'' हालांकि बाद में जब विरोध बढ़ा तो उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया.

करीम लाला का नाम मुंबई में तस्करी, जुआं, फिरौती समेत कई अपराधों में क़रीब दो दशक तक सामने आता रहा. साल 2002 में 90 साल की उम्र में उनका निधन हुआ.

संजय राउत ने अपने बयान में कहा था, ''एक वक़्त था जब दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील, शरद शेट्टी तय करते थे कि मुंबई का पुलिस कमिश्नर कौन होगा और मंत्रालय में कौन बैठेगा. जब हाजी मस्तान मंत्रालय आते थे तो पूरा सचिवालय उन्हें देखने नीचे आता था. इंदिरा गांधी अक्सर करीम लाला से दक्षिण मुंबई में मिलती थीं.''

संजय राउत के बयान पर कांग्रेस ख़फ़ा हो गई और उनसे बयान वापस लेने की मांग की. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि राउत का बयान खेदजनक है.

कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल

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अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट किया, ''संजय राउत जिस तरह इंदिरा गांधी को सीधे तौर पर अंडरवर्ल्ड से जोड़ रहे हैं वह खेदजनक है. अपनी पार्टी के इतिहास का सामना किए बगैर वो इस तरह के बयान कैसे दे सकते हैं''

कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने संजय राउत के बयान को ''जानकारी की कमी'' बताया.

उन्होंने ट्वीट किया, ''इंदिरा जी सच्ची देशभक्त थीं जिन्होंने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से कभी समझौता नहीं किया. मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के तौर पर मैं संजय राउत से बयान वापस लेने की मांग करता हूं. दिवंगत प्रधानमंत्रियों के बारे में कुछ भी कहने से पहले नेताओं को संयम बरतना चाहिए.''

संजय राउत ने क्या-क्या कहा

विरोध बढ़ा तो संजय राउत ने बयान वापस ले लिया. उन्होंने बाद में कहा, ''कांग्रेस के हमारे मित्रों को बुरा नहीं मानना चाहिए. अगर किसी को लगता है कि मेरे बयान से इंदिरा गांधी जी की छवि ख़राब होती है या किसी की भावनाएं आहत होती हैं तो मैं अपना बयान वापस लेता हूं.''

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संजय राउत ने इंदिरा गांधी और करीम लाला पर क्या कहा?

उन्होंने ट्वीट भी किया और लिखा, ''करीम लाला पठान समुदाय के नेता थे, वो पख़्तून-ए-हिंद नाम के संगठन के अगुवा भी थे. बतौर पठान नेता वो इंदिरा गांधी समेत कई बड़े नेताओं से मिलते थे. लेकिन जिन लोगों को मुंबई का इतिहास नहीं पता वो मेरे बयान को तोड़मरोड़ रहे हैं.''

राउत ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ''मैं कभी भी इंदिरा गांधी की बतौर आयरन लेडी सराहना करने में पीछे नहीं रहा, उन्होंने हमेशा मजबूती से फ़ैसले लिए हैं. हैरानी की बात है कि जिन लोगों को इंदिरा जी का इतिहास नहीं पता वो सबसे ज़्यादा बोल रहे हैं.''

बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना ने बीजेपी का साथ छोड़कर कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन की सरकार बनाई है. यह पहली बार नहीं है जब सरकार के बनने के बाद किसी शिवसेना नेता का बयान कांग्रेस के ख़िलाफ़ हो.

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