राहुल गांधी के बयान पर संसद में धक्का-मुक्की - आज की बड़ी ख़बरें

  • 7 फरवरी 2020
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लोकसभा में शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ राहुल गांधी की टिप्पणी की निंदा कर रहे थे तभी विपक्षी सांसद ग़ुस्से में आ गए.

हर्षवर्धन ने राहुल गांधी के एक सवाल का जवाब देने से पहले लोकसभा में कहा, ''मैं जवाब देने से पहले राहुल गांधी के पीएम मोदी के ख़िलाफ़ बयान की साफ़ शब्दों में निंदा करता हूं.''

राहुल गांधी ने लोकसभा में प्रश्न काल के दौरान हर्षवर्धन से मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर सवाल पूछा था.

इसी सवाल का जवाब देने हर्षवर्धन उठे तो उन्होंने कहा कि 'वे जवाब देने से पहले राहुल गांधी के आपत्तिजनक बयान की निंदा करेंगे.'

हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कहा है, ''पीएम मोदी जी पर अपमानजनक टिप्पणी के लिए राहुल गांधी जी को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए. प्रश्न काल के दौरान राहुल जी के सवाल का जवाब देने से पहले मेरे लिए यह ज़रूरी था कि मैं उनसे उनकी करनी के लिए पश्चाताप करने का आग्रह करूं.''

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हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने हर्षवर्धन से कहा कि 'वे सवाल के जवाब पर ही फ़ोकस करें. जब हर्षवर्धन राहुल गांधी की टिप्पणी के ख़िलाफ़ निंदा में लिखित बयान पढ़ रहे थे तभी कांग्रेस के सांसद वेल में आ गए और उन्होंने मज़बूती से विरोध दर्ज कराया.'

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इसी दौरान तमिलनाडु से कांग्रेस सांसद मानिक टैगोर ने दूसरी पंक्ति में बैठे हर्षवर्धन तक पहुंचने की कोशिश की, तभी उत्तर प्रदेश से बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह ने मानिक को पकड़ लिया और उन्हें हर्षवर्धन तक पहुँचने से रोक दिया.

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माहौल क़ाबू से बाहर जाने लगा तो लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.

दिल्ली में विधानसभा चुनाव के कैंपेन में राहुल गांधी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि 'छह महीने बाद भारत के युवा रोज़गार को लेकर मोदी को डंडे से मारेंगे.'

राहुल गांधी ने पूरे विवाद पर कहा, ''प्रश्न काल में सामान्य रूप में सवाल का जवाब दिया जाता है. लेकिन हर्षवर्धन को निर्देश था कि वे कुछ और मुद्दा छेड़ दें ताकि मेरे संसदीय क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज का मुद्दा नहीं उठे. मेरी पार्टी के किसी सांसद ने इस दौरान हाथापाई नहीं की है. आप वीडियो देख सकते हैं.''

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राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ''बीजेपी ने रणनीति के तहत संसद में हंगामा करवाया ताकि मैं सरकार से सवाल नहीं पूछ सकूं. भारत का युवा देख रहा है कि प्रधानमंत्री बताने में असमर्थ हैं कि बढ़ती बेरोज़गारी का समाधान कैसे करेंगे. पीएम को बचाने के लिए बीजेपी संसद में हंगामा करवाना जारी रखेगी.''

निर्भया केस: 11 फ़रवरी को होगी अगली सुनवाई

दिल्ली के बहुचर्चित निर्भया गैंगरेप केस से जुड़ी केंद्र सरकार की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई.

इस मामले में अब अगली सुनवाई 11 फ़रवरी को दोपहर दो बजे होगी.

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इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार के उस तर्क की समीक्षा करनी थी कि 'निर्भया केस के चारों दोषी फांसी टालने के लिए क़ानूनों से खिलवाड़ कर रहे हैं.'

इसके साथ ही केंद्र सरकार ने अपनी याचिका में दिल्ली हाई कोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी है जिसमें दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की माँग को ठुकरा दिया था.

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सरकारी महाधिवक्ता तुषार मेहता ने कहा कि 'देश के धैर्य की परीक्षा बहुत हो चुकी, अब सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में कोई क़ानून बनाना चाहिए.'

इससे पहले बुधवार को केंद्र की अर्जी पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी जिसमें अदालत ने निर्भया मामले में चारों दोषियों को एक साथ फांसी दिए जाने की बात कही थी.

हालांकि हाई कोर्ट ने सभी दोषियों को यह निर्देश भी दिया था कि वे एक सप्ताह में सभी क़ानूनी उपाय पूरे करें.

अगर दोषी सात दिन में अपने कानूनी उपाय नहीं अपनाते तो प्रशासन कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करने को स्वतंत्र होगा.

हाईकोर्ट के इस निर्णय के खिलाफ केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी.

शाहीन बाग़ पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई सोमवार तक टली

सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली के शाहीन बाग़ इलाक़े में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ जारी प्रदर्शन को ख़त्म करवाने की माँग करने वाली याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो पाई.

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पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि शुक्रवार को इनपर सुनवाई होगी मगर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वो ये सुनवाई सोमवार को करेगा.

इन याचिकाओं में केंद्र सरकार और अन्य पक्षों को शाहीन बाग़ से प्रदर्शनकारियों को हटाने के बारे में निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया था.

साथ ही सर्वोच्च अदालत से केंद्र सरकार को ऐसे प्रदर्शनों को लेकर निर्देश जारी करने की गुज़ारिश की गई है जिनसे सार्वजनिक जगहों पर अवरोध पैदा होता हो.

मनीष सिसोदिया ने अपने OSD की गिरफ़्तारी पर क्या कहा

सीबीआई ने गुरुवार को दिल्ली सरकार के एक अधिकारी और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ओएसडी यानी ऑफ़िसर ऑन स्लेशल ड्यूटी को गिरफ़्तार किया है.

बताया गया है कि ये गिरफ़्तारी कथित रूप से दो लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में हुई है.

अधिकारियों का कहना है कि माधव को गिरफ़्तार किए जाने के बाद पूछताछ के लिए सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया है.

सिसोदिया के ऑफ़िस में गोपाल माधव 2015 से तैनात थे. यह गिरफ़्तारी दिल्ली में मतदान से ठीक दो दिन पहले हुई है.

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इस गिरफ़्तारी पर मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने कहा, ''मुझे पता चला है कि सीबीआई ने एक GST इन्स्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार किया है. यह अधिकारी मेरे ऑफ़िस में बतौर OSD भी तैनात था. सीबीआई को उसे तुरंत सख़्त से सख़्त सज़ा दिलानी चाहिए. ऐसे कई भ्रष्टाचारी अधिकारी मैंने ख़ुद पिछले पाँच साल में पकड़वाए हैं.''

इस गिरफ़्तारी पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट कर मनीष पर निशाना साधा है.

संबित ने ट्वीट कर कहा, ''मनीष सिसोदिया के लिए पैसे ऐंठते हुए उनके ओएएसडी पकड़े गए हैं. अभी दो लाख लिया था और पूरा दस लाख लेना था. मित्रो, ये सब मिले हुए हैं जी. ये सब चोर हैं जी. बस अभिनय आम आदमी की कर रहे हैं. आज समझ में आया लोकपाल क्यों नहीं बना रहे थे.''

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