कांग्रेस के पुनिया ने कहा, मोदी और नाथूराम गोडसे में है समानता: पाँच बड़ी ख़बरें

  • 14 फरवरी 2020
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कांग्रेस प्रवक्ता पीएल पुनिया ने गुरुवार को बीजेपी पर आरोप लगाया कि पार्टी संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ कर रही है.

एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी में शामिल लोगों ने संविधान बनाया था और जिन लोगों ने संविधान की प्रतियां जलाई थीं आज वो उसके सामने माथा टेक रहे हैं.

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना नाथूराम गोडसे से करते हुए कहा कि मोदी और गोडसे में एक समानता है.

उन्होंने कहा "जब मोदी 2019 में आए थे तो संविधान पर माथा टेका था, जब 2014 में आए थे तो संसद की सीढ़ी पर माथा टेका था. नाथूराम गोडसे ने भी पहले गांधी जी के पांव छुए थे फिर गोली मारी थी."

जम्मू-कश्मीर में मार्च में होंगे ब्लॉक चुनाव

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सभी ब्लॉक के ख़ाली पड़े पदों के लिए पंचायत चुनाव कराने की घोषणा की है.

चुनाव 5 मार्च से 20 मार्च के बीच कराए जाएंगे. जहां जम्मू में चुनाव 4 चरणों में होंगे, वहीं कश्मीर में 8 चरणों में चुनाव होंगे.

5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद वहां ये पहला चुनाव होगा.

जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने गुरुवार चुनाव की घोषणा की और कहा कि घोषणा के साथ ही आचार संहिता भी लागू हो गई है. उन्होंने ये भी कहा कि मतदान बैलेट पेपर के ज़रिए होगा.

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नौ महीने में बैंकों में 1.17 लाख करोड़ की धोखाधड़ी

मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाही यानी अप्रैल से दिसंबर के बीच सरकारी बैंकों में 1.17 लाख करोड़ रूपये की धोखाधड़ी की बात सामने आई है.

एक आरटीआई में इस बात का ख़ुलासा हुआ है कि कुल 1.17 लाख करोड़ रूपये की धोखाधड़ी के कुल 8,926 मामले 18 सरकारी बैंकों में हुए हैं.

इनमें सबसे बड़ा क़र्ज़ देने वाला बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया है जहां 30,300 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी हुई है.

सूचना के अधिकार के तहत आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया से सरकारी बैंकों में धोखाधड़ी के मामलों के बारे में पूछा था.

रिज़र्व बैंक से मिली जानकारी के अनुसार इन नौ महीने के दौरान 30,300 करोड़ के धोखाधड़ी के मामले एसबीआई में हुए, जबकि अन्य मामले पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ़ इंडिया, यूनियन बैंक,ओरिएंटल बैंक में हुए.

साथ ही केनरा बैंक, सिंडिकेट बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया, आंध्र बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया, इंडियन बैंक और पंजाब व सिंध बैंक में भी इस दौरान करोड़ों की धोखाधड़ी हुई है. हालांकि रिज़र्व बैंक ने ये नहीं बताया है कि धोखाधड़ी के ये मामले किस तरह के हुए हैं.

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संजीव चावला भारत प्रत्यर्पित

भारत सरकार को मैच फिक्सिंग के एक मामले में मुख्य संदिग्ध संजीव चवला को भारत प्रत्यर्पित कराने में सफलता मिली है.

साल 2000 में दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए और संजीव चावला के बीच बातचीत सामने आई थी जिससे मैच फिक्सिंग का ख़ुलासा हुआ था.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बीते साल मार्च में ब्रिटिश सरकार को संजीव चावला के बारे में डोज़ियर सौंप कर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया की शुरुआत की थी. प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम को चावला को लाने के लिए लंदन भेजा गया था. 19 साल बाद अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच चावला को लंदन से भारत लाने में सफल हो पाई है.

भारत लाने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया जहां पूछताछ के लिए उन्हें 12 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

माना जा रहा है कि चावला के ज़रिए मैच फिक्सिंग की दुनिया के तमाम राज़ खुल सकते हैं.

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अमरीका ने ख़्वावे पर लगाए चोरी के आरोप

अमरीकी सरकार ने चीनी तकनीकी कंपनी ख़्वावे और कंपनी की वित्तीय अधिकारी मेंग वानझाउ पर क़ानून तोड़ने और अमरीकी कंपनियों से ट्रेड सीक्रेट चुराने के ताज़ा आरोप लगाए हैं. मेंग वानझाउ को कनाडा में गिरफ्तार किया गया था हैं और अमरीका उनका प्रत्यर्पण चाहता है.

अमरीकी सरकार का कहना है कि ख्वावे ने क़ानून तोड़ने की साज़िश की, धोखाधड़ी की और छह अमरीकी तकनीकी कंपनियों से उनके सीक्रेट्स चोरी किए.

कंपनी पर राउटर सोर्स कोड, मोबाईल फ़ोन के एंटिना की तकनीक और रोबोटिक्स से जुड़ी ख़ुफ़िया जानकारी चुराने के आरोप लगाए गए हैं. साथ ही इस कंपनी पर उत्तर कोरिया और इरान के साथ व्यापार करने के भी आरोप हैं जिन पर अमरीका ने प्रतिबंध लगाए हैं.

अमरीकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी नेता और सीनेट इंटेलिजेंस कमिटी के उपाध्यक्ष मार्क वारनर का कहना है कि, "ये एक और सबूत है कि ख़्वावे न केवल व्यापार के लिए ख़तरा है बल्कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को भी ख़तरा है. ये कंपनी 5जी वायरलेस तकनीक पर काम कर रही है और दुनिया के 20 फीसदी बाज़ार पर क़ब्ज़ा कर सकती है. ये अमरीकी बाज़ार का हिस्सा नहीं रहेगी लेकिन अगर हमारे मित्र देश इस कंपनी के उपकरण इस्तेमाल करेंगे तो हम सुरक्षीत कैंसे रहेंगे?"

"मुझे ख़ुशी है कि न्याय विभाग ने इस दिशा में कोशिशें जारी रखी हैं. लेकिन मैं मित्र देशों से अनुरोध करना चाहता हूं कि सस्ती और कारगर 5जी तकनीक के लिए दूसरे देशों का एक गुट भी बनाया जा सकता है."

ख़्वावे ख़ुद पर लगे आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है.

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