'कांग्रेस की हार कोरोनावायरस जैसी ला-इलाज हो गई है': प्रेस रिव्यू

  • 14 फरवरी 2020
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बीते साल संपन्न हुए लोकसभा चुनाव और फिर दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस पार्टी नेतृत्व को लेकर मंथन करने वाली है.

एशियन एज अख़बार में छपी एक ख़बर के अनुसार इसके लिए राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस की कार्यकारी समिति की एक दिवसीय बैठक होने वाली है. माना जा रहा है कि इस बैठक में पार्टी के नेतृत्व पर और पार्टी के संगठन में बदलाव करने के बारे में विचार किया जा सकता है.

सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि बजट सेशन ख़त्म होने के बाद कभी भी ये बैठक हो सकती है.

इधर दिल्ली विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद कांग्रेस के भीतर से बदलाव के स्वर मुखर होने लगे हैं.

हाल में कांग्रेस से वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि, "कांग्रेस की हार कोरोनावायरस जैसी हो गई है, जिसका कोई इलाज नहीं है. हमें अहंकार छोड़ बदलाव लाना होगा. अगर पार्टी को अपना अस्तित्व बचाना है तो इसे नए सिरे से कोशिश करना होगी."

वहीं पार्टी के युवा नेता ज्योतिरादित्य सिधिया ने कहा है कि, "देश बदल रहा है और हमें भी बदले हुए परिवेश में जाने की ज़रूरत है."

93,000 कर्मचारियों ने एक साथ मांगा रिटायरमेन्ट

भारत सरकार के उपक्रम भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के 93,000 कर्मचारियों ने एक साथ रिटायरमेन्ट के लिए आवेदन दी है.

द इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर के अनुसार केंद्र सरकार ने इन दोनों कंपनियों में सुधार करने और कटौती करने के लिए वीआरएस की पेशकश की थी.

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अख़बार के अनुसार बीएसएनएल में काम कर रहे कुल 1,53,000 कर्मचारियों में से कुल 78,569 ने रिटायरमेन्ट मांगी है जबकि एमटीएनएल में काम कर रहे कुल 18,000 कर्मचारियों में से 14,400 यानी क़रीब 80 फीसदी कर्मचारियों ने रिटायरमेंट की दर्ख़ास्त की है.

एक अधिकारी के अनुसार बीएसएनएल के जिन कर्मचारियों ने वीआरएस के तहत रिटायरमेन्ट मांगी है उनमें से अधिकतर की उम्र 55 से 60 साल के बीच है.

माना जा रहा है कि इससे कंपनियों का ख़र्च काफ़ी कम होगा और सरकार को कंपनियों की मौजूदा संपत्ति को बेहतर तरीक़े से इस्तेमाल करने के मौक़े मिलेंगे.

दिल्ली में छात्रों को बी मिलेगी फ्री बस सेवा

दिल्ली में एक बार फिर आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद अब पार्टी का कहना है कि वो अपने पुराने वादों पर अमल करने की तैयारी करने की योजना बना रही है.

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार पूर्व सरकार में उप-मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया ने कहा कि पार्टी स्कूलों और अस्पतालों को और बेहतर करने, सार्वजनिक परिवहन में सुधार करने और महिलाओं की तरह छात्रों को भी मुफ्त में बस सेवा देने की योजना पर काम करने वाली है.

सिसोदिया का कहना है कि इसके साथ वायु प्रदूषण पर रीयल टाइम डेटा इकट्ठा करने पर भी काम किया जाएगा. माना जा रहा है कि एक बार फिर वो प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं.

पार्टी के दूसरे नेताओं के हवाले से अख़बार लिखता है कि पार्टी लोगों के दरवाज़ों तक राशन पहुंचाने की योजना पर विचार कर रही है.

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एनआरसी डेटा ग़ायब होने के मामले में एफ़आईआर

असम में राष्ट्रीय पंजीकरण रजिस्टर (एनआरसी) का डेटा अचानक वेबसाइट से ग़ायब होने के मामले में एक पूर्व अधिकारी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.

जनसत्ता अख़बार के अनुसार नौकरी छोड़ने से पहले कथित तौर पर संवेदनशील दस्तावेज़ के पासवर्ड न देने की शिकायत के बाद उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

एनआरसी के राज्य के संयोजक हितेश देव शर्मा के हवाले से अख़बार लिखता है कि कई बार पत्र दिए जाने के बाद भी पूर्व अधिकारी ने दस्तावेज़ों का पासवर्ड नहीं दिया था. इस्तीफ़ा देने के बाद पासवर्ड रखने का उनके पास कोई अधिकार नहीं था और इस कारण गोपनीयता के उल्लंघन के मामले में उनके ख़िलाफ़ असम के पलटन बाज़ार थाने में शिकायत की गई है.

इससे पहले एनआरसी अधिकारी ने कहा था कि डेटा रखने के लिए क्लाउड स्पेस के लिए किया गया सरकार का क़रार ख़त्म हो गया है जिस कारण लोगों को डेटा नहीं दिख रहा.

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