नरेंद्र मोदी भारत के किस-किस मेहमान को गुजरात ले गए

  • 19 फरवरी 2020
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Image caption गुजरात दौरे पर नरेंद्र मोदी के साथ शिंज़ो आबे

अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप 24-25 फ़रवरी को भारत दौरे पर होंगे. अमरीकी राष्ट्रपति के तौर पर यह उनकी पहली भारत-यात्रा होगी.

दो दिन की इस दौरे पर ट्रंप दिल्ली और अहमदाबाद जाएंगे. उनके स्वागत के लिए गुजरात में ज़ोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं. अहमदाबाद में ह्यूस्टन में हुए 'हाउडी मोदी' इवेंट की तर्ज पर 'नमस्ते ट्रंप' इवेंट आयोजित किया जाएगा.

ट्रंप के स्वागत की तैयारियों के बीच विपक्षी पार्टियों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा है कि आख़िर पीएम मोदी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को अक्सर गुजरात ही क्यों ले जाते हैं.

16 मई 2014 को पीएम मोदी के कुर्सी संभालने से लेकर अब तक 100 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष भारत का दौरा कर चुके हैं. इनमें एक मुल्क के अलग समय पर रहे अलग-अलग राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल हैं.

ज़ाहिर है पीएम मोदी हर राष्ट्राध्यक्ष को गुजरात या अपने संसदीय क्षेत्र बनारस नहीं ले गए. पर यह भी सच है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, जापानी प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे और इज़रायली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू जैसे दिग्गज नेताओं को उन्होंने गुजरात और बनारस की सैर कराई.

आइए, नज़र डालते हैं ऐसे राष्ट्राध्यक्षों पर, जो नरेंद्र मोदी के गृह-राज्य गुजरात और संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा कर चुके हैं.

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Image caption साबरमती आश्रम में चरखा चलाते शी जिनपिंग और नरेंद्र मोदी

1. शी जिनपिंग

पद: चीन के राष्ट्रपति

दौरा: 17 से 19 सितंबर, 2014

राष्ट्राध्यक्षों को गुजरात-दर्शन कराने की शुरुआत शी जिनपिंग से हुई थी. 17 सितंबर को जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ अहमदाबाद पहुंचे थे. मोदी जिनपिंग को साबरमती आश्रम ले गए, जहां जिनपिंग ने चरखा चलाया था.

दौरे के पहले दिन भारत-चीन के बीच तीन समझौतों पर दस्तख़त हुए थे. फिर साबरमती के तट पर जिनपिंग के स्वागत में पारंपरिक नृत्य पेश किए गए. यहां मोदी ने जिनपिंग को झूला भी झुलाया.

इसके बाद जिनपिंग दिल्ली लौट आए थे, जहां उन्होंने कुछ और समझौतों पर दस्तख़त किए थे.

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Image caption गांधीनगर में नरेंद्र मोदी के साथ डॉनल्ड रबींद्रनाथ

2. डोनल्ड रबींद्रनाथ रामोतार

पद: गुयाना के तत्कालीन राष्ट्रपति

दौरा: 7 से 12 जनवरी, 2015

साल 2015 में 8 और 9 जनवरी को गुजरात की राजधानी गांधीनगर में प्रवासी भारतीय दिवस मनाया गया था. इस कार्यक्रम में डोनल्ड रबींद्रनाथ रामोतार ही मुख्य अतिथि थे.

गुयाना में भारतीय मूल के तमाम लोग रहते हैं. उनके नाम भी भारतीय नामों से काफी मिलते-जुलते हैं. इसी वजह से रबींद्रनाथ को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था.

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Image caption भारत दौरे पर पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ शेरिंग तोबगे

3. शेरिंग तोबगे

पद: भूटान के तत्कालीन प्रधानमंत्री

दौरा: 10-18 जनवरी, 2015

शेरिंग तोबगे का यह दौरा अहमदाबाद में आयोजित 'वाइब्रेंट गुजरात समिट' से शुरू हुआ. समिट का उद्घाटन करने के बाद तोगबे ने एक संबोधन भी दिया था. फिर उनकी पीएम मोदी से तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई.

साबरमती आश्रम के बाद तोबगे दिल्ली लौटे थे, जहां से वह पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लिए रवाना हुए. इसके बाद वह बिहार के बोध गया भी गए थे.

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Image caption आनंद एग्रिकल्चरल यूनिवर्सिटी में फिलिप जेसिंटो

4. फ़िलिप जेसिंटो न्यूसी

पद: मोज़ाम्बिक के राष्ट्रपति

दौरा: 4 से 8 अगस्त, 2015

फ़िलिप जेसिंटो का भारत से एक पुराना नाता भी है. उन्होंने अहमदाबाद स्थिति भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) से मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की है. अपने दौरे पर वह कुछ पुराने सहपाठियों से भी मिले थे.

दिल्ली से गुजरात पहुंचकर फिलिप आनंद एग्रिकल्चरल यूनिवर्सिटी, दीन दयाल उपाध्याय पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी और साबरमती आश्रम गए थे.

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Image caption दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती के दौरान शिंज़ो आबे और नरेंद्र मोदी

5. शिंज़ो आबे

पद: जापान के प्रधानमंत्री

दौरा: 11 से 13 दिसंबर, 2015

गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी कई बार जापान जा चुके हैं. ऐसे में शिंज़ो आबे के साथ उनके पुराने ताल्लुकात माने जाते हैं. इस बार मेज़बानी की बारी नरेंद्र मोदी की थी.

आबे का दौरा दिल्ली में नरेंद्र मोदी और तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के साथ शुरू हुआ था. फिर मोदी आबे को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी ले गए. यहां के दशाश्वमेध घाट पर दोनों ने पारंपरिक गंगा आरती में हिस्सा लिया था.

आबे के इस दौरे पर भारत-जापान के बीच बुलेट ट्रेन, असैन्य परमाणु ऊर्जा, सुरक्षा, आधारभूत ढांचे, तकनीक, शिक्षा और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में तमाम समझौते हुए थे.

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Image caption भारत दौरे पर पीएम मोदी के साथ केपी शर्मा ओली

6. केपी शर्मा ओली

पद: नेपाल के तत्कालीन और मौजूदा प्रधानमंत्री

दौरा: 19 से 24 फरवरी, 2016

ओली का यह दौरा ऐसे वक्त में हुआ था, जब कुछ महीनों से भारत-नेपाल के रिश्ते खराब दौर से गुज़र रहे थे. दिल्ली के बाद ओली ने उत्तराखंड के टिहरी पावर प्रॉजेक्ट का दौरा किया था.

इस दौरे पर ओली गुजरात के भुज भी गए थे. यह इलाका 2001 के भूकंप के बाद नए सिरे से बसाया गया था. हालांकि, गुजरात दौरे के समय पीएम मोदी ओली के साथ नहीं थे.

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Image caption दिल्ली में नरेंद्र मोदी के साथ एंटोनियो कोस्टा

7. एंटोनियो कोस्टा

पद: पुर्तगाल के प्रधानमंत्री

दौरा: 7 से 13 जनवरी, 2017

साल 2017 की '8वीं वाइब्रेंट गुजरात समिट' के लिए नरेंद्र मोदी ने एंटोनियो कोस्टा को न्योता भेजा था. कोस्टा न्योता स्वीकार करते हुए गुजरात में इस कार्यक्रम में शरीक हुए थे.

इसी दौरे पर कोस्टा 14वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में मुख्य अतिथि भी बने. यह कार्यक्रम बेंगलुरु में आयोजित किया गया था. इन दोनों ही कार्यक्रमों का उद्घाटन कोस्टा ने पीएम मोदी के साथ किया था.

बेंगलुरु और गुजरात के बाद कोस्टा गोवा के लिए रवाना हो गए थे. कोस्टा के पिता का अधिकांश जीवन गोवा में बीता था. वह अपने पैतृक निवास पर भी गए थे.

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Image caption भारत दौरे पर एलेक्ज़ेंडर वुकिक

8. भारत दौरे पर एलेक्ज़ेंडर वुकिक

पद: सर्बिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री और मौजूदा राष्ट्रपति

दौरा: 9 से 12 जनवरी, 2017

'8वीं वाइब्रेंट गुजरात समिट' के लिए नरेंद्र मोदी ने एलेक्ज़ेंडर वुकिक को भी न्योता भेजा था. इस कार्यक्रम में मोदी और वुकिक की बैठक की शुरुआत 'नमस्ते' के साथ हुई थी.

समिट के उद्घाटन के बाद वुकिक मुंबई के लिए रवाना हो गए थे. मुंबई में उन्होंने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री और कई उद्योगपतियों से मुलाकात की थी.

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Image caption राजघाट पर बिद्यादेवी भंडारी

9. बिद्या देवी भंडारी

पद: नेपाल की राष्ट्रपति

दौरा: 17 से 21 अप्रैल, 2017

बिद्या देवी के पांच दिन के दौरे की शुरुआत दिल्ली से हुई थी. यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की थी.

इसके बाद भंडारी ने गुजरात में राजकोट, सोमनाथ और द्वारका का दौरा किया. इन जगहों पर भंडारी ने सोमनाथ और द्वारकाधीश में पूजा की थी. हालांकि, इस दौरे पर पीएम मोदी भंडारी के साथ नहीं थे.

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Image caption साबरमती आश्रम में नरेंद्र मोदी के साथ जापानी PM और उनकी पत्नी

10. शिंज़ो आबे

पद: जापान के प्रधानमंत्री

दौरा: 13 से 14 सितंबर, 2017

वाराणसी के बाद अब शिंज़ो आबे की गुजरात दौरा करने की बारी थी. इस बार वह दिल्ली के बजाय सीधे अहमदाबाद पहुंचे थे. एयरपोर्ट पर खुद प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी अगवानी की.

फिर दोनों ने एयरपोर्ट से साबरमती आश्रम तक रोड-शो किया था. यह नरेंद्र मोदी का किसी विदेशी नेता के साथ पहला रोड-शो था.

इस दौरे पर आबे साबरमती आश्रम, सिद्दी सैयद की जाली, गांधीनगर में महात्मा गांधी को समर्पित म्यूज़ियम दांडी कुटीर गए थे. साथ ही, नरेंद्र मोदी ने आबे के साथ मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल प्रॉजेक्ट का भूमि-पूजन किया था.

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Image caption गुजरात की पारंपरिक छतरी के साथ बिन्यामिन नेतन्याहू

11. बिन्यामिन नेतन्याहू

पद: इसराइल के प्रधानमंत्री

दौरा: 14 से 19 जनवरी, 2018

दिल्ली आने और आगरा में ताज महल का दीदार करने के बाद नेतन्याहू अहमदाबाद पहुंचे थे. नरेंद्र मोदी ने नेतन्याहू के साथ एयरपोर्ट से साबरमती आश्रम तक 14 किमी लंबा रोड-शो किया था.

इसके बाद मोदी नेतन्याहू को साबरमती आश्रम ले गए. वहां नेतन्याहू ने अपनी पत्नी के साथ चरखा चलाया था. इस मौके पर मोदी और नेतन्याहू ने साथ में पतंग भी उड़ाई थी.

कई कार्यक्रमों में शिरकत के बाद मोदी नेतन्याहू को वरदाद स्थित 'आई क्रिएट सेंटर' ले गए थे. इस दौरे पर भारत-इसराइल के बीच रक्षा, कृषि, अंतरिक्ष विज्ञान समेत कुल 9 समझौतों पर दस्तखत हुए थे.

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Image caption भारतीय परिधानों में परिवार समेत अहमदाबाद एयरपोर्ट पर जस्टिन ट्रूडो

12. जस्टिन ट्रूडो

पद: कनाडा के प्रधानमंत्री

दौरा: 17 से 24 फरवरी, 2018

जस्टिन ट्रूडो के इस दौरे की शुरुआत दिल्ली से हुई थी. इसके बाद वह आगरा, अहमदाबाद, मुंबई और अमृतसर भी गए. हालांकि, ट्रूडो के इस दौरे पर कनाडाई मीडिया द्वारा 'फीके स्वागत' के आरोप ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं.

ट्रूडो अपने परिवार के साथ गुजरात पहुंचे थे. वहां उन्होंने अक्षरधाम मंदिर के दर्शन किए. फिर वह अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम गए, जहां ट्रूडो और उनकी पत्नी ने चरखा भी चलाया.

सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर चर्चा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ गुजरात दौरे पर क्यों नहीं दिखाई दिए?

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Image caption वाराणसी में नौका विहार करते नरेंद्र मोदी और इमैनुएल मैक्रों

13. इमैनुएल मैक्रों

पद: फ्रांस के राष्ट्रपति

दौरा: 9 से 12 मार्च, 2018

इस दौरे पर मैक्रों ने दिल्ली से लेकर आगरा, वाराणसी और मिर्ज़ापुर जैसी कई जगहों पर गए थे. वाराणसी के दौरे के वक्त प्रधानमंत्री मोदी भी मैक्रों के साथ मौजूद थे.

वाराणसी पहुंचे मैक्रों का शंखनाद के साथ स्वागत किया गया था. उन्होंने मोदी के साथ नौका-विहार किया था. मोदी उन्हें पं. दीन दयाल उपाध्याय हस्तकला शंकुल भी ले गए थे. इस मौके पर मैक्रों के सामने तमाम भारतीय व्यंजन परोसे गए थे.

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Image caption गंगा आरती के दौरान दशाश्वमेध घाट पर वाल्टर

14. डॉ. फ्रैंक-वाल्टर स्टाइनमायर

पद: जर्मनी के राष्ट्रपति

दौरा: 22 से 25 मार्च, 2018

जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर को भी मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र की सैर कराई थी. दिल्ली से सीधे वाराणसी पहुंचे फ्रैंक ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों से संवाद किया था.

इसके बाद फ्रैंक अस्सी घाट पहुंचे, जहां उन्होंने नौकायन किया. इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी के साथ दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती भी देखी थी. फिर फ्रैंक बाकी कार्यक्रम के लिए दिल्ली लौट गए थे.

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Image caption साबरमती आश्रम में पत्नी के साथ चरखा चलाते डैनी

15. डैनी एंटोइन रोलेन

पद: सेशेल्स के राष्ट्रपति

दौरा: 22 से 27 जून, 2018

डैनी के इस दौरे की शुरुआत गुजरात से हुई थी, लेकिन गुजरात में पीएम मोदी उनके साथ नहीं थे. गुजरात में एक दिन बिताने के बाद दिल्ली में दोनों की मुलाकात हुई थी.

गुजरात में डैनी अहमदाबाद के गांधी आश्रम पहुंचे. वहां उन्होंने अपनी पत्नी के साथ चरखा चलाया. इसके बाद वह भारतीय प्रबंध संस्थान के कैंपस पहुंचे. वहां उन्होंने संस्थान के निदेशक और अपने पुराने दोस्त इरोल डिसूजा से मुलाकात की.

दौरे के अगले दिनों में वह गोवा और उत्तराखंड भी गए थे.

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Image caption पत्नी कविता के साथ दशाश्वमेध घाट पर प्रविंद कुमार

16. प्रविंद कुमार जगन्नाथ

पद: मॉरिशस के प्रधानमंत्री

दौरा: 20 से 28 जनवरी, 2019

15वें प्रवासी भारतीय दिवस पर पीएम मोदी ने मॉरिशस के पीएम प्रविंद कुमार को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित था. 2019 में यह कार्यक्रम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ही रखा गया था. यह वही समय था, जब कुंभ भी चल रहा था.

प्रविंद को आमंत्रित करने के पीछे एक वजह उनके पूर्वजों का भारतीय होना भी है. वाराणसी में उन्होंने पत्नी के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा की. फिर दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में भी हिस्सा लिया.

प्रवासी भारतीय दिवस के कार्यक्रम के अपने भाषण में प्रविंद ने कई बातें भोजपुरी में कही थीं.

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Image caption बोध गया जाने से पहले अस्सी घाट पर राजपक्षे

17. महिंदा राजपक्षे

पद: श्रीलंका के प्रधानमंत्री

दौरा: 7 से 11 फ़रवरी 2020

राजपक्षे के इस दौरे की शुरुआत दिल्ली से हुई थी. 9 फरवरी को वाराणसी पहुंचकर उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा की थी. फिर वह कालभैरव मंदिर में दर्शन करने गए थे.

इस मौके पर राजपक्षे ने पीएम मोदी के 'नमामि गंगे' प्रॉजेक्ट की खूब तारीफ की थी. वाराणसी से वह बिहार में बोध गया के लिए रवाना हो गए थे. हालांकि, वाराणसी में रहने के दौरान मोदी राजपक्षे के साथ नहीं थे.

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