उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती के रिहा होने की दुआ करता हूं: राजनाथ सिंह- प्रेस रिव्यू

  • 23 फरवरी 2020
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केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि वो फ़ारूख़ अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती की रिहाई की दुआ कर रहे हैं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि रिहा होने के बाद ये नेता जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने में मदद करेंगे.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व तीन मुख्यमंत्री फ़ारूख़ अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही हिरासत में रखा गया है.

इन तीनों के अलावा जम्मू-कश्मीर के दर्जनों अन्य नेता भी हिरासत में हैं. सरकार ने इन्हें हिरासत में रखे जाने के पीछे क्षेत्र की शांति-व्यवस्था का हवाला दिया है.

नेशनल कॉन्फ़्रेंस के फ़ारूख़ और उमर अब्दुल्ला और पीडीपी की नेता महबूबा मुफ़्ती को पब्लिक सेफ़्टी एक्ट (पीएसए) के तहत हिरासत में रखा गया है.

पीएसए के तहत मामला दर्ज होने पर किसी भी शख़्स को पुलिस बिना किसी अदालती कार्रवाई के तीन महीने तक हिरासत में रख सकती है और इस अवधि को कई बार बढ़ाया जा सकता है.

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भड़काऊ भाषण की परिभाषा में विस्तार चाहते हैं PM

प्रंधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हेट स्पीच (भड़काऊ भाषण) की तय परिभाषा का विस्तार किया जाए.

हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी एक्सक्लूसिव ख़बर में यह दावा दो सरकारी अधिकारियों के हवाले से किया है.

अख़बार ने लिखा है कि दो सरकारी अधिकारियों ने अपने नाम ज़ाहिर न करने शर्त पर बताया कि पीएम मोदी चाहते हैं कि भड़काऊ भाषण की परिभाषा का दायरा बढ़ाया जाए.

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रस्ताव रखा है कि नागरिकों की प्रतिष्ठा बरक़रार रखने के लिए दो क्षेत्रों के बीच दुश्मनी भड़काने के मक़सद से दिए गए भाषणों को भी हेट स्पीच में शामिल किया जाए.

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक पीएम मोदी ने महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर होने वाले हमलों और खालिस्तान की मांग को लेकर भड़काऊ बातें करने वालो का उदाहरण दिया.

एक अधिकारी ने कहा कि दो क्षेत्रों के बीच मनमुटाव पैदा करने वे किसी सोशल मीडिया पोस्ट, लिखित सामग्री या कार्टून को भी हेट स्पीच का हिस्सा बनाया जा सकता है.

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दिल्ली के स्कूल जाएंगी मेलानिया पर केजरीवाल नहीं होंगे

अमरीका की फ़र्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप मंगलवार को दिल्ली के स्कूलों में जाएंगी लेकिन इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया उपस्थित नहीं रहेंगे.

जनसत्ता में प्रकाशित ख़बर के अनुसार केजरीवाल और सिसोदिया के नाम कार्यक्रम के मेहमानों की सूची से हटा लिए गए हैं. अख़बार ने यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी है.

मेलानिया ट्रंप दिल्ली सरकार के स्कूलों में हैपीनेस करिकुलम देखेंगी और छात्रों से बातचीत करेंगी.

अख़बार लिखता है कि अमरीकी दूतावास ने शनिवार सुबह प्रशासन को जानकारी दी कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया का नाम अतिथियों की सूची से हटा लिया गया है.

दिल्ली सरकार ने करीब डेढ़ साल पर स्कूलों में हैपीनेस करिकुलम की शुरुआत की थी. उसके इस पहल की काफ़ी तारीफ़ और चर्चा होती रही है.

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ट्रंप के लिए दिल्ली की हवा साफ़ कराने के निर्देश

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दिल्ली दौरे के मद्देनज़र नगर निगम से यहां की हवा साफ़ कराने के निर्देश दिए गए हैं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने बताया कि उप राज्यपाल अनिल बैजल ने इस मद्देनज़र एक समीक्षा बैठक बुलाई थी.

अधिकारी ने बताया कि इस बैठक में दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए ज़रूरी कदम उठाने को कहा गया है.

नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि सड़क पर कचरा बिल्कुल न जलाया जाए. बार-बार सफ़ाई की जाए और सड़क से मलबे हटा दिए जाएं.

अख़बार लिखता है कि नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल ने ट्रंप की यात्रा के लिए एक ख़ास सफ़ाई और सौंदर्यीकरण अभियान शुरू किया है.

इसके तहत राष्ट्रपति भवन, हैदराबाद भवन और अन्य चौराहों के पास के रास्तों10,000 से ज़्यादा फूलों वाले मले सजाए जाएंगे.

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