ट्रंप के स्वागत में अहमदाबाद यूं है तैयार

  • 23 फरवरी 2020
गुजरात

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप सोमवार को अहमदाबाद आ रहे हैं और ये शहर उनके स्वागत में सज धज कर तैयार है.

राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहर के सरदार पटेल स्टेडियम में बड़ी भीड़ को संबोधित करेंगे. इसे मोटेरा स्टेडियम भी कहा जाता है.

वहीं साबरमती आश्रम में उनकी यात्रा की अधिकारिक पुष्टि होनी अभी बाक़ी है लेकिन यहां भी तैयारियां ज़ोरों पर हैं.

गुजरात सरकार से जुड़े अधिकारियों ने रविवार को समाचार एजेंसी एएनआई को बताया है कि ट्रंप और मोदी मोटेरा स्टेडियम के बाद साबरमती आश्रम जाएंगे और यहां वार्ता करेंगे.

इस रिपोर्ट के प्रकाशित किए जाने तक बीबीसी ट्रंप के साबरमती आने की पुष्टि नहीं कर सका है.

एयरपोर्ट से स्टेडियम के 22 किलोमीटर के रास्ते पर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. इस पूरे रूट का नया रंग रोगन किया गया है और इसे फूलों और लाइटों से सजाया गया है.

पूरा अहमदाबाद शहर ट्रंप और मोदी के बड़े-बड़े कटआउट और होर्डिंगों से पटा पड़ा है. ट्रंप और अमरीका की फ़र्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप की तस्वीरों वाले होर्डिंग भी लगाए गए हैं. नमस्ते ट्रंप इवेंट को भारत और अमरीकी रिश्तों में मील के पत्थर के तौर पर पेश किया जा रहा है.

अहमदाबाद शहर किसी पुलिस छावनी सा नज़र आता है. जहां देखों खाकी वर्दी में तैनात सिपाही ही नज़र आते हैं. सड़क पर भी सुरक्षाबलों की गाड़ियां दौड़ रही हैं. वरिष्ठ अधिकारी भी जवानों के साथ क़दमताल कर रहे हैं और पूरे रूट पर पुलिस की गाड़ियों के सायरन ही सुनाई देते हैं. पुलिस हर छोटी से छोटी बात का ध्यान रख रही है.

काले कपड़े पहने लोगों या फिर दर्शक-दीर्घा से किसी चीज़ के रूट पर फेंके जाने की ओर भी पुलिस का पूरा ध्यान है.

सड़क किनारे सुरक्षा चौकियां स्थापित की गई हैं जहां राहगीरों की सुरक्षा जांच की जा रही है. रोडशो में शामिल होने के लिए सुरक्षा जांच अनिवार्य है. 22 किलोमीटर लंबे इस रास्ते पर लोहे की बैरिकेडिंग भी लगाई गई है.

अहमदाबाद शहर के डिप्टी पुलिस कमिश्नर विजय पटेल ने एक प्रेसवार्ता में बताया है कि इस इवेंट की सुरक्षा में बारह हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.

रिज़र्व्ड पुलिस बलों को भी सुरक्षा में लगाया गया है. आसपास के ज़िलों साबरकांठा, महेसाणा, बनासकांठा से भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अहमदाबाद बुला लिया गया है.

इसके अलावा अमरीका की सीक्रेट सर्विस के एजेंट और भारत की नेशनल सिक्युरिटी गार्ड और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के कमांडो भी सुरक्षा में तैनात हैं.

पुलिस रास्ते में आने वाले किसी ड्रोन से निबटने के लिए एंटी ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल भी करेगी. पूरे रास्ते में एनएसजी के स्नाइपर (निशानेबाज़) भी तैनात रहेंगे.

रविवार को अहमदाबाद की सड़कों पर नज़र आने वाले अधिकतर वाहन या तो अहमदाबाद नगर निगम, पुलिस या फिर सड़क और निर्माण विभाग के ही थे जो अंतिम पलों की तैयारियों में जुटे थे.

रविवार को ट्वीट करते हुए अहमदाबाद नगर निगम के कमिश्नर विजय नेहरा ने लोगों से रोडशो में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि लोग बाहर निकलें और भारतीय संस्कृति का प्रदर्शन करें.

अधिकारियों का अनुमान है कि रोडशो के दौरान एक लाख से अधिक रोड ट्रंप के रूट पर मौजूद रहेंगे. अहमदाबाद नगर निगम ने इसे इंडिया रोड शो नाम दिया है.

रास्ते में अलग-अलग प्रांतों के लिए स्टेज तैयार किए गए हैं जहां उनकी संस्कृति का प्रदर्शन किया जाएगा. असम के कलाकार राज्य के लिए बने मंच पर प्रस्तुति देते नज़र आएंगे. वहीं राजस्थान और पश्चिम बंगाल के मंच एयरपोर्ट के आसपास बनाए गए हैं.

अहमदाबाद नगर निगम के पशु पकड़ने वाले दस्ते के वाहन भी रूट पर लगातार गश्त कर रहे हैं. इस पूरे रास्ते पर अब एक भी आवारा गाय नज़र नहीं आ रही है.

वन विभाग ने एयरपोर्ट के आसपास से पचास से अधिक बंदरों को भी पकड़ा है.

वहीं रविवार को अधिकतर दुकानें बंद रही हैं. प्रशासन ने लोगों से सोमवार को भी दुकाने बंद रखने के लिए कहा है.

अहमदाबाद में 16 विधानसभा क्षेत्र हैं और हर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को रूट पर अलग जगह दी गई है. उदाहरण के तौर पर वेजलपुर के लोगों को सदर बाज़ार में अपने वाहन पार्क करने होंगे और वो अहमदाबाद कैंट के पास खड़े रहेंगे. इसी तरह बापूनगर विधानसभा के लोगों को कैंट के मुख्य दरवाज़े के पास सिमरन फ़ार्म के पास जगह दी गई है.

अनुमान लगाया गया है कि एलिसब्रिज विधानसभा से क़रीब दो हज़ार लोग हनुमान कैंप इलाक़े में पहुंचेंगे. एलिसब्रिज से विधायक राकेश शाह ने बीबीसी से कहा, "हम सुबह नौ बजे वहां पहुंच जाएंगे और जब तक काफ़िला गुज़र नहीं जाएगा हम वहीं रहेंगे. बीजेपी आज आयोजन की तैयारियों की बैठक भी कर रही है जिसमें कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है."

अहमदाबाद नगर निगम ने रास्ते में पार्किंग स्थल और अस्थायी शौचालय भी तैयार किए हैं. रोड शो देखने आने वाले लोगों को काफ़िला गुज़र जाने तक वापस नहीं जाने दिया जाएगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए