डोनाल्ड ट्रंप से मोदी को मिली तारीफ़, कितनी सच्ची-कितनी झूठी

  • 25 फरवरी 2020
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अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान हज़ारों लोगों को संबोधित किया.

डोनाल्ड ट्रंप ने इस भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए बताया कि मोदी सरकार की हालिया नीतियां किस तरह भारत के विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं.

बीबीसी ने ट्रंप के भाषण में किए गए दावों की जांच की है.

ट्रंप का पहला दावा - ट्रंप ने कहा है कि 21वीं सदी की शुरुआत से अब तक भारतीय अर्थव्यवस्था में छह गुना वृद्धि हुई है.

रियलिटी चेक: जीडीपी की बात करें तो ट्रंप का दावा सही है.

साल 2000 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुताबिक़, भारतीय जीडीपी 477 अरब डॉलर की थी. लेकिन 2019 में भारतीय जीडीपी 2940 अरब डॉलर की हो चुकी है.

ये साल 2000 के आंकड़ों की तुलना में 6.2 गुना वृद्धि है.

साल 2019 में आईएमएफ़ के वैश्विक आर्थिक नज़रिए में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक़, भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है.

ट्रंप का दूसरा दावा - "एक दशक में भारत ने 27 करोड़ लोगों को ग़रीबी से बाहर निकाला"

रियलिटी चेक: साल 2019 की यूएन रिपोर्ट के मुताबिक़, साल 2016 में भारत में पिछले दस सालों के मुकाबले में 271 मिलियन कम लोग ग़रीबी रेखा से नीचे अपना जीवनयापन कर रहे थे.

हालांकि, यही रिपोर्ट ये भी बताती है कि ग़रीबों की संख्या में कमी के साथ ही 36.4 करोड़ भारतीय स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और साफ़-सफ़ाई की कमी झेल रहे हैं.

इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि ग़रीबी रेखा से नीचे रह रहे भारतीयों में से एक चौथाई भारतीयों की उम्र दस साल से कम है.

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ट्रंप का तीसरा दावा - 'मोदी राज में भारत में पहली बार हर गांव तक बिजली पहुंच चुकी है.'

रियलिटी चेक: साल 2018 में मोदी सरकार ने ऐलान किया था कि भारत सरकार ने हर गांव तक बिजली पहुंचाने का अपना लक्ष्य पूरा कर लिया है.

लेकिन इस मामले ये समझना जरूरी है कि इसका मतलब क्या है.

सरकार के मुताबिक़, अगर एक गांव में दस फ़ीसदी लोगों के घरों में, सार्वजनिक संस्थानों जैसे स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र आदि में बिजली पहुंच रही है तो ये माना जाएगा कि उस गांव में बिजली पहुंच चुकी है.

साल 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने तक भारत के छह लाख गांवों में से 94 फीसदी गांवों तक बिजली पहुंच चुकी थी.

बीते साल चुनाव के दौरान बीबीसी ने इस दावे की पड़ताल की है.

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ट्रंप का चौथा दावा - हाईवे बनाए जाने की रफ़्तार दोगुनी हुई है

रियलिटी चेक: ये सच है कि नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से भारत के हाईवे की कुल लंबाई में उल्लेखनीय इज़ाफा हुआ है.

सरकार ने 2018-19 में दस हज़ार किलोमीटर दूरी के हाईवे बनाए हैं.

ये 2013-14 में कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए हाईवे की कुल लंबाई के दुगने से भी ज़्यादा है.

सरकार ने इस साल भी इसी तरह का लक्ष्य रखा है.

नवंबर 2019 तक 5958 किलोमीटर हाईवे बनाया जा चुका है.

बीबीसी रियलिटी चेक टीम ने इस दावे की पड़ताल की है.

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ट्रंप का पांचवा दावा - भारत में 320 मिलियन इंटरनेट उपभोक्ता

रियलिटी चेक: इस दावे को लेकर बिलकुल भी स्पष्टता नहीं है क्योंकि भारत में 600 मिलियन इंटरनेट सब्सक्राइबर हैं.

ये भारतीय दूरसंचार नियामक संस्था की ओर से इंटरनेट उपभोक्ताओं का संख्या की गणना के लिए दिया गया मानक है.

बीते कुछ सालों में इन आंकड़ों में तेज वृद्धि देखने में आई है और ये ट्रंप के दावे से कहीं ज़्यादा है.

लेकिन अगर आप एक गांव की बजाए शहर में रहते हैं तो आप बेहतर ढंग से इंटरनेट इस्तेमाल कर पाएंगे. और भारत में ज़्यादातर गांवों, कस्बों और छोटे शहरों में रहते हैं.

इसके साथ ही इंटरनेट उपभोग के मामले में एक तरह का लैंगिक भेदभाव भी देखा जाता है.

साल 2019 में सामने आए एक अध्ययन के मुताबिक़, भारत में महिलाओं के पुरुषों की अपेक्षा इंटरनेट इस्तेमाल करने की संभावनाएं 50 फीसदी कम हैं.

बीते साल रियलिटी चेक की टीम को अपने शोध में एक महत्वाकांक्षी परियोजना की जानकारी मिली थी जो कि ग्रामीण भारत में इंटरनेट पहुंचाने के काम में लगी है. इस परियोजना ने शुरुआत में काफ़ी अच्छी प्रगति की लेकिन लक्ष्यों की प्राप्ति मुश्किल साबित हो रही है.

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ट्रंप का छठवां दावा - '60 करोड़ लोगों के पास शौचालय'

रियलिटी चेक:साल 2014 के अक्टूबर महीने में पीएम मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया था.

इस मिशन के तहत सरकार ने उन घरों के लिए शौचालय बनाना शुरू किया जहां पहले से शौचालय न हो.

पेयजल एवं ग्रामीण स्वच्छता विभाग की ओर से आई जानकारी के मुताबिक़, 10 करोड़ से ज़्यादा शौचालय बनाए गए हैं.

हम 60 करोड़ के आंकड़े की जांच नहीं कर सकते हैं लेकिन इस बात की संभावना है कि प्रत्येक टॉयलेट को कई लोगों द्वारा इस्तेमाल किया गया हो.

अप्रैल 2018 में, प्रधानमंत्री ने भारत को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया है.

बीबीसी रियलिटी चेक टीम को अपनी पड़ताल में ये पता चला कि खुले में शौच करने वाले भारतीयों की संख्या घटी है. लेकिन यूएन के आंकड़े कहते हैं कि खुले में शौच करना अभी भी काफ़ी आम बात है.

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ट्रंप का सातवां दावा - 'सात करोड़ नए गैस कनेक्शन'

रियलिटी चेक: पीएम मोदी ने साल 2016 में गरीब परिवारों को उज्जवला स्कीम के तहत गैस सिलेंडर देने की स्कीम लॉन्च की थी.

इसके तहत गरीब परिवारों को सिलेंडर दिए जाने और तीन सालों तक उन्हें भरवाए जाने के लिए सब्सिडी देने का प्रावधान है.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक़, भारत सरकार ने बीते साल सितंबर तक 8 करोड़ कनेक्शन बांटकर अपना लक्ष्य पूरा कर लिया है.

बीबीसी ने अपने आकलन में ये पाया है कि सिलेंडर भरवाए जाने में लगने वाले ज़्यादा खर्च की वजह से इस परियोजना की सफलता पर बट्टा लग रहा है.

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