दिल्ली हिंसा में मरने वालों की संख्या 13 हुई, कई लोग घायल

  • 26 फरवरी 2020
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दिल्ली के उत्तरी-पूर्वी इलाके में बीते कुछ दिनों से जारी हिंसा में मरने वालों की संख्या 13 पहुंचने के बाद एनएसए अजीत डोभाल ने मंगलवार देर रात हिंसा ग्रस्त इलाकों का दौरा किया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने मंगलवार शाम गुरु तेग बहादुर अस्पताल का दौरा किया.

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अस्पताल में पीड़ितों से मिलने के बाद हर्षवर्धन ने बताया, "अब तक हिंसा में मरने वालों की संख्या 13 हो चुकी है. कल सोमवार को 81 लोग घायल अवस्था में यहां लाए गए थे. आज मंगलवार को 69 मरीज़ अस्पताल में लाए गए हैं. इनमें से 30-40 लोग इलाज़ कराकर अपने घर जा चुके हैं. यहां मैंने कई वार्ड्स में मरीज़ों की हालत देखी है. इनमें से कई मरीज़ों की हालत गंभीर मानी जा सकती है."

वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफ़राबाद में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटा दिया गया है.

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मेट्रो स्टेशन के पास प्रदर्शन कर रहे लोगों में बड़ी संख्या महिलाओं की थी.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार दिल्ली पुलिस ने इसकी जानकारी दी.

जाफ़राबाद में महिलाएं पिछले कई दिनों से सीएए के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहीं थीं. लेकिन शनिवार रात को प्रदर्शनकारियों में से कुछ लोगों ने जाफ़राबाद रोड को ब्लॉक कर दिया.

रविवार को धरना स्थल से कुछ ही दूरी पर सीएए के समर्थन में भारी भीड़ जमा होने लगी और हालात तनावपूर्ण हो गए. सोमवार को हिंसा शुरू हो गई.

दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ़्रेंस

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दिल्ली पुलिस के डीसीपी मनदीप सिंह रंधावा ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर हिंसा और उससे जुड़ी कार्रवाइयों की जानकारी दी. रंधावा ने कहा कि सोमवार से शुरू हुई हिंसा में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है. इनमें नौ आम लोग हैं और एक हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल.

डीसीपी रंधावा ने कहा, ''दिल्ली पुलिस के 56 जवान ज़ख़्मी हुए हैं. उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में जवानों की पर्याप्त तैनाती है और कहीं भी तैनाती में कोई कमी नहीं है. हमारे पास अर्धसैनिक बलों में सीआरपीएफ़ और एसएसबी हैं. इनके अलावा ग्राउंड पर पट्रोलिंग के और कई तरह की निगरानी की जा रही है. पुलिस ने धारा 144 लगा दी है. 144 के बावजूद आज कुछ इलाक़ों में हिंसा हुई है. मैं दिल्ली वालों से अपील करता हूं कि क़ानून अपने हाथ में ना लें. असमाजिक तत्वों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की है. ड्रोन्स की मदद ले रहा हूं. हम सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की भी जांच कर रहे हैं.''

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बीजेपी नेता कपिल मिश्रा को लेकर रंधावा ने कहा तमाम चीज़ों की जाँच की जा रही है और अब तक 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

मंगलवार को भी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी हिस्से में तनाव की स्थिति बनी हुई है. दिल्ली में हुई हिंसा पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दोपहर 12 बजे एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी. इस बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी भी शामिल हुए.

पुलिस, आरएएफ़ और एसएसबी ने कई इलाक़ों में फ़्लैग मार्च किया. बीबीसी संवाददाता सलमान रावी के अनुसार सोमवार को हिंसा के दौरान पुलिस या तो नहीं दिख रही थी या फिर बहुत कम संख्या में थी. मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी पुलिस के रवैए पर सवाल उठे.

केजरीवाल घायलों को देखने अस्पताल पहुंचे

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया घायलों को देखने जीटीबी अस्पताल पहुंचे.

इससे पहले अरविंद केजरीवाल अपने मंत्रियों और पार्टी नेताओं के साथ राजघाट पहुंचे थे. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार केजरीवाल ने कहा कि पिछले दो दिनों में दिल्ली में जो हिंसा हुई है उससे पूरा देश चिंतित है.

केजरीवाल ने कहा, ''हम सब यहां गांधी जी को श्रद्धांजलि देने आएं हैं जो अहिंसा के पुजारी थे.''

इस बीच उत्तर-पूर्वी दिल्ली में तनाव बना हुआ है. पुलिस, आरएएफ़ और एसएसबी ने कई इलाक़ों में फ़्लैग मार्च किया. बीबीसी संवाददाता सलमान रावी के अनुसार सोमवार को हिंसा के दौरान पुलिस या तो नहीं दिख रही थी या फिर बहुत कम संख्या में थी.

मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी पुलिस के रवैये पर सवाल उठे.

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दिल्ली के खजूरी ख़ास में हिंसा

खजूरी ख़ास इलाक़े में जमा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़. जमा भीड़ ने पुलिस, पत्रकारों पर पत्थर से हमला किया. जमा लोगों ने पत्रकारों को वहां हो रही हिंसा की तस्वीरें कैमरे में क़ैद करने से भी रोका.

पत्रकारों पर हमला

निजी चैनल में काम करने वाले दो पत्रकारों पर भी भीड़ ने हमला किया.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान

गृह मंत्रालय की बैठक में जाने से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दावा किया कि हिंसा वाले इलाक़ों में पुलिस का संख्याबल कम है और पुलिस के पास एक्शन लेने की पॉवर नहीं है, उन्हें लाठी चार्ज करने या हवाई फ़ायर करने के लिए ऊपर से आदेश नहीं मिल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि बाहर से बहुत लोग आ रहे हैं, सीमा को सील करने और ऐहतियान हिरासत में लेने की ज़रूरत है. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि सभी धर्म के लोग पीस मीटिंग करें, इनमें स्थानीय विधायक भी मौजूद रहें.

संवाददाताओं ने जब उनसे सवाल करना चाहें तो अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे गृहमंत्री अमित शाह से मिलने जा रहे हैं, मुलाक़ात के बाद उनके सवालों का जबाव देंगे.

मंगलवार सुबह गोकुलपुरी में हिंसा

गोकुलपुरी के जिस टायर मार्केट में सोमवार को आग लगाई गई थी वहां आज भी आगजनी देखने को मिली है. गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन से पहले पथराव भी देखने को मिला.

जब लोगों ने बीबीसी संवाददाता को शूटिंग करते हुए देखा तो उन्होंने हमारी ओर पत्थर फेंके, पत्थर हमारी गाड़ी में आकर लगे और इसके बाद हमें वहां से निकलना पड़ा.

इस बीच जय श्रीराम के नारे लग रहे थे. गोकुलपुरी की मीत नगर इलाके में करीब दो सौ लोग तिरंगा और भगवा झंडा लहराते हुए वंदे मातरम के नारे लगाते दिखे.

इस दौरान देश के गद्दारों को, गोली मारो...के नारे भी सुनाई पड़ रहे थे.

अब तक जो मालूम है

पूर्वी दिल्ली में हिंसा और आगज़नी के अभी तक के घटनाक्रम पर नज़र डालने से पहले, आइए एक नज़र डालते हैं कुछ तथ्यों पर-

  • नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में पिंक मेट्रो लाइन पर पांच स्टेशन लगातार दूसरे दिन बंद.
  • बंद किए गए मेट्रो स्टेशन हैं- जाफ़राबाद, मौजपुर-बाबरपुर, गोकुलपुरी, जौहरी एन्कलेव, शिव विहार.
  • हिंसा प्रभावित इलाक़े में मंगलवार को सभी सरकारी-प्राइवेट स्कूल बंद.
  • सीबीएसई प्रवक्ता रमा शंकर के मुताबिक, हिंसा प्रभावित इलाकों में किसी सेंटर पर मंगलवार को कोई पेपर नहीं है.
  • ब्रह्मपुरी इलाके में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने फ्लैग मार्च निकाला.
  • समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, रैपिड एक्शन फोर्स टीम को ब्रह्मपुरी इलाके में दो खाली बुलेट शेल्स मिले.
  • करावल नगर इलाके के टायर मार्केट में मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे के करीब आग लगी. इसी इलाके में रविवार को भी वाहनों को फूंका गया था.
  • फ़ायरिंग और आगज़नी की घटनाओं के बाद दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय उप राज्यपाल अनिल बैजल से मिलने सोमवार देर रात पहुंचे.

सोमवार को हुए घटनाक्रम को समझने के लिए दो दिन पहले के घटनाक्रम को जानना जरूरी है.

प्रदर्शनों का सिलसिला

जाफ़राबाद-मौजपुर में जो प्रदर्शन चल रहे हैं वो तीन दिन पुराने नहीं है.

दरअसल शाहीनबाग में शुरू हुए प्रदर्शन के कुछ दिन बाद ही दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में कई छोटे-छोटे प्रदर्शन चल रहे थे.

उनमें से एक जाफ़राबाद में सर्विस लेन में चल रहा था. जाफ़राबाद के आलावा सीएए के विरोध में ये प्रदर्शन करदमपुरी, चांद बाग, खजूरी ख़ास, वजीराबाद और यमुना विहार इलाके में भी चल रहे थे.

सोमवार को क्या हुआ?

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Image caption दिल्ली में सोमवार को हुई हिंसा में लाल शर्ट पहने ये शख़्स हाथ में पिस्तौल लहराता नज़र आया

दिल्ली में सोमवार को हुई हिंसा में लाल शर्ट पहना एक व्यक्ति पिस्तौल के साथ नज़र आया.

इस तस्वीर के सामने आने के बाद तरह-तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं.

इससे पहले सोमवार की सुबह करीब 7 बजे, मौजपुर चौक पर सीएए के समर्थन में लोग बैठे थे.

सुबह करीब 10 बजे, मौजपुर चौक से 200 मीटर आगे कबीर नगर इलाके के लोग सीएए के विरोध में सड़क पर आ गए.

इसके ठीक आधे घंटे बाद सुबह करीब 10.30 बजे, कबीर नगर और मौजपुर चौक के समर्थकों के बीच पत्थरबाज़ी होने लगी.

Image caption मज़ार में आगज़नी

करीब 1 बजे तक पत्थरबाजी चलती रही. इस बीच नॉर्थ ईस्ट इलाके में अलग-अलग जगहों से पत्थरबाजी और आगज़नी की खबरें आने लगीं.

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करीब 2 बजे जाफ़राबाद, भजनपुरा, गोकुलपुरी इलाके में अलग-अलग घर, मज़ार और मंदिर को नुक़सान पहुंचाने की कोशिश की गई.

इसी बीच गोकलपुरी के हेड कांस्टेबल रतनलाल को पत्थर लगा. उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान मौत हो गई.

करीब 2.30 बजे ही डीसीपी शाहदरा अमित शर्मा घायल हो गए.

ये पता नहीं चल पाया है कि रतनलाल और अमित शर्मा साथ में एक ही जगह पर थे या अलग-अलग जगहों पर उन्हें चोट आई.

करीब 3 बजे जाफ़राबाद इलाके में एक शख्स ने गोली चलाई, जिसमें दूसरा लड़का घायल हो गया.

करीब 4 बजे करदमपुरी इलाके में फिर पत्थरबाज़ी शुरू हो गई, पुलिस ने आँसूगैस के गोले दागे, ये घटनाक्रम शाम करीब 6 बजे तक चला.

फायर ब्रिगेड के मुताबिक़ रात भर इलाके से फ़ायर कॉल आते रहे.

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मंगलवार सुबह भी माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है.

डीसीपी अमित शर्मा का क्या हुआ

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, गोकुलपुरी इलाके में सोमवार को हुई हिंसा में घायल हुए शाहदरा डीसीपी अमित शर्मा की बीती रात सर्जरी हुई है.

सर्जरी के बाद डीसीपी अमित शर्मा को अब ख़तरे से बाहर बताया जा रहा है.

डीसीपी शर्मा उस पुलिस बल में शामिल थे जो सोमवार को हिंसा प्रभावित इलाके में मौजूद थे.

कौन हैं रतनलाल

दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल रतल लाल नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में सोमवार को हुई हिंसा के दौरान मारे गए.

रतनलाल मूल रूप से राजस्थान के सीकर के रहने वाले हैं. दिल्ली में उनका घर बुराड़ी के अमृत विहार में है.

आईपीएस एसोसिएशन ने एक ट्वीट करके उनके मारे जाने पर शोक जताया है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी रतन लाल के मारे जाने पर दुख जताया है.

नेताओं ने क्या कहा, क्या किया

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने हिंसा पर चिंता जताई और हिंसा बंद करने का आह्वान किया. केजरीवाल ने कहा कि वे हिंसा प्रभावित इलाकों में सभी पार्टियों के विधायकों से मुलाकात करेंगे.

जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी ने बीजेपी नेता कपिल मिश्रा को फौरन गिरफ्तार करने की मांग की. कपिल मिश्रा पर हिंसा भड़काने का आरोप है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली में हुई हिंसा में चिंता जताते हुए कहा है, ''किसी भी प्रकार की हिंसा का महात्मा गांधी के भारत में कोई स्थान नहीं हो सकता और देश में उन ताक़तों की कोई जगह नहीं है जो अपनी सांप्रदायिक और विभाजनकारी विचारधारा को भारतवर्ष पर थोपना चाहते हैं.''

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने ट्वीट किया है, ''उत्तर पूर्व दिल्ली के जाफ़राबाद, यमुना विहार, करावल नगर और आसपास के इलाके में उपद्रव की घटना के मद्देनजर मैं सारे नागरिकों से संयम बरतने का अनुरोध करता हूँ. किसी प्रकार की अफवाहों से बचें और दिल्ली में शांति व्यवस्था बनाये रखें.''

बाबरपुर इलाके में फ़ायरिंग और आगज़नी की घटनाओं के बाद दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय उप राज्यपाल अनिल बैजल से मिलने पहुंचे हैं.

रविवार को क्या हुआ

शनिवार-रविवार को बस बदलाव ये हुआ कि देर रात जाफ़राबाद के ये प्रदर्शनकारी सर्विस लेन से हटकर मेट्रो स्टेशन के नीचे आ बैठे.

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दोपहर होते-होते मेट्रो प्रशासन को कुछ मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े.

रविवार को जाफ़राबाद में जो प्रदर्शन चल रहा था, उसमें महौल तनावपूर्व उस वक्त ज्यादा हो गया जब पूर्व विधायक और वर्तमान में बीजेपी के नेता कपिल मिश्रा सीएए के समर्थम में कुछ लोगों को लेकर जाफ़राबाद से एक किलोमीटर दूर मौजपूर की तरफ आकर बैठ गए.

सीएए के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच जमकर झड़प हुई.

हिंसक होती स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े.

हालांकि बाद में पुलिस अधिकारियों की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि स्थिति नियंत्रण में है.

इस प्रदर्शन की वजह से इलाक़े को जोड़ने वाली कई सड़कें (सीलमपुर, मौजपुर और यमुना विहार को जोड़ने वाली सड़क) बंद हैं. कई रुट डायवर्ट कर दिए गए और मेट्रो सेवा भी प्रभावित हुई.

जाफ़राबाद मेट्रो स्टेशन पर कोई ट्रेन रुक नहीं रही. यहां न एग्ज़िट खुला है ना एंट्री. आसपास की ज़्यादातर दुकानें भी बंद हैं.

'बोरियों में पत्थर'

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बीबीसी से बात करते हुए एक स्थानीय व्यक्ति ने दावा किया कि जो लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्होंने गुट बना रखे हैं और बोरियों में पत्थर भर रखे हैं.

मौजपुर और जाफ़राबाद मेट्रो स्टेशन के बीच की दूरी दस से पंद्रह मिनट में तय की जा सकती है. लेकिन सोच के लिहाज़ से दोनों छोरों पर खड़े लोग एक-दूसरे से काफ़ी दूर नज़र आ रहे हैं.

रविवार को शाम 5.11 बजे कपिल मिश्रा ने 41 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो में उन्होंने साफ कहा, "डीसीपी साहब सामने है. ट्रंप के जाने तक तो हम शांति से जा रहे हैं. लेकिन उसके बाद तो हम इनकी भी नहीं सुनेंगे. ट्रंप के जाने तक आप जाफ़राबाद और चांद बाग खाली करा दीजिए, नहीं तो हमें दोबारा लौट कर आना पड़ेगा."

वीडियो के अंत में कपिल मिश्रा 'भारत माता की जय' कहते हुए साफ़ सुने जा सकते हैं.

दिल्ली पुलिस ने एक के बाद कई ट्वीट करके दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है.

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