दिल्ली के मौजपुर, जाफ़राबाद, भजनपुरा में हिंसा: गोकुलपुरी में इस वक्त लग रहे हैं नारे

  • 25 फरवरी 2020
दिल्ली में हिंसा

गोकुलपुरी के जिस टायर मार्केट में सोमवार को आग लगाई गई थी वहां आज भी आगजनी देखने को मिली है. गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन से पहले पथराव भी देखने को मिला.

जब लोगों ने हमें शूटिंग करते हुए देखा तो उन्होंने हमारी ओर पत्थर फेंके, पत्थर हमारी गाड़ी में आकर लगे और इसके बाद हमें वहां से निकलना पड़ा.

इस बीच जय श्रीराम के नारे लग रहे थे. गोकुलपुरी की मीट नगर इलाके में करीब दो सौ लोग तिरंगा और भगवा झंडा लहराते हुए वंदे मातरम के नारे लगाते दिखे.

इस दौरान देश के गद्दारों को, गोली मारो...के नारे भी सुनाई पड़ रहे थे.

भजनपुरा के बाबरपुर मुहल्ले में एक पुरानी मज़ार में पिछली रात तोड़फोड़ की गई और आग लगाने की कोशिश की गई.

जले हुए फूल और स्टील की रेलिंग पर जमी कालिख दिखाई देती है. यह नहीं मालूम कि यह हरकत किन लोगों की थी.

इस मज़ार से मुश्किल से 10-15 मीटर की दूरी पर एक पुलिस सहायता केंद्र है, यह थाना खजूरी खास की पुलिस चौकी थी, उस पुलिस चौकी पर भी हमला हुआ था. ज़ाहिर है, पुलिस वाले भीड़ के सामने बेबस रहे होंगे.

मज़ार के बाहर लगने वाली फूलों की दुकान को उजाड़ दिया गया है और उसे बाहर खड़ी दो बाइकों को जलाकर राख कर दिया गया है.

पूरे मुहल्ले में तनाव का माहौल है, लोग एक-दूसरे से कह रहे हैं कि भीड़ न बढ़ाएँ, सड़क पर सन्नाटे और गहमा-गहमी का एक अजीब सा माहौल है, चारों तरफ़ ईंट-पत्थर और तोड़फोड़ के निशान बिखरे हैं.

जब हिंसा हुई वहाँ मौजूद एक स्थानीय निवासी ने बताया, "घटना दोपहर के बाद ज़्यादा भड़क गई, लोगों ने पेट्रोल पंप में आग लगा दी. पेट्रोल डालकर कई दुकानों में आग लगा दी. बाहर से आए लोग थे, सबको मार रहे थे."

वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने कहा कि बजरंग दल और आरएसएस के लोग हिंसा भड़का रहे थे लेकिन वे ये नहीं बता पाए कि वे ऐसा किस आधार पर कह रहे हैं. मौके पर मौजूद एक युवा ने आरोप लगाया कि पुलिस मुसलमानों को मार रही थी और पत्थर फेंक रही थी.

किनको बनाया गया निशाना

एक स्थानीय व्यक्ति ने दावा किया कि यह मुसलमान बहुल मुहल्ला है और यहाँ तोड़फोड़ और हिंसा करने वाले सभी लोग बाहर से आए थे और पुलिस वाले भी उनके साथ ही थे, इसलिए उन्हें लगता है कि यह सब सुनियोजित था. उनका कहना है कि पाँच-छह घंटे तक पथराव चलता रहा जिसे पुलिस ने रोकने की कोशिश नहीं की.

स्थानीय लोग बार-बार आशंका व्यक्त कर रहे थे कि दोबारा हिंसा या पथराव की घटना हो सकती है, वे बार-बार लोगों से कह रहे थे कि भीड़ न बढाएँ.

लोगों ने आँसू गैस के चले हुए कैनिस्टर दिखाए जिनका इस्तेमाल पुलिस ने किया था, उनका कहना था कि यह उन पर निशाना लगाकर चलाया गया.

कुछ दुकानों से अगली सुबह भी धुआँ उठ रहा था, फलों के जूस की एक दुकान को बुरी तरह तोड़ दिया गया है और कुचले और जले हुए फल सड़क पर बिखरे हुए हैं, वहीं एक छोटी कार भी जलाकर राख कर दी गई है.

वहाँ मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि जली हुई गाड़ी आज़ाद चिकेन नाम का दुकान चलाने वाले की थी, एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गाड़ी को पेट्रोल बम का निशाना बनाया गया था.

आज़ाद चिकेन स्टोर के ऊपर सीढ़ियाँ चढ़कर दुकान के मालिक भूरे खान के घर पहुँचे, वे कहते हैं, "जब पथराव हो रहा था तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोई कोशिश नहीं की. हम भाग भी नहीं सके, उन्होंने नीचे से आग लगा दी, हम ऊपर वाली मंज़िल पर थे."

आग लगने की वजह से छत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी और कभी भी गिर सकती थी. भूरे खान बताते हैं कि "आग दोपहर ढाई बजे के करीब लगी थी लेकिन फ़ायर ब्रिगेड ने साढ़े सात-पौने आठ बजे पानी फेंकना शुरू किया."

भूरे खान के घर में मौजूद एक वृद्धा ने रो-रोकर बताया, "हमारे घर में कुछ नहीं बचा, सब कुछ जलकर राख हो गया, उन्होंने दुकान में नीचे तिरपाल पर आग लगा दी जो आग ऊपर आ गई और सब खत्म हो गया."

भूरे खान ने अपने घर की दूसरी मंजिल पर ले जाकर दिखाया कि वे किस रास्ते छतों पर से भागते हुए अपने एक रिश्तेदार के घर पहुँचे. आग इतनी तेज़ थी कि छत पर रखी पानी की टंकी और गमले तक जल गए थे, वे कहते हैं कि घर में रखे सारे रुपए भी जल गए, अब मरम्मत का काम न जाने कैसे होगा?

कपिल मिश्रा पर आरोप

चाँद बाग इलाके में रहने वाले जाहिद कहते हैं, "यहाँ हिंदू-मुसलमान अमन से रह रहे थे, आपस में कोई झगड़ा नहीं था दंगा करने वाले, पेट्रोल बम फेंकने वाले सब लोगों को यहाँ लाया गया है और यह दंगा कराया गया है."

ज़ाहिद आरोप लगाते हैं कि यह आरएसएस और कपिल मिश्रा का काम है. उनके ऐसा कहने की वजह शायद ये है कि कपिल मिश्रा ने यहीं मौजपुर चौक पर सीएए के समर्थन में एक रैली निकाली थी जिसमें उन्होंने कहा था "डीसीपी साहब सामने है. ट्रंप के जाने तक तो हम शांति से जा रहे हैं. लेकिन उसके बाद तो हम इनकी भी नहीं सुनेंगे. ट्रंप के जाने तक आप जाफराबाद और चांद बाग खाली करा दीजिए, नहीं तो हमें दोबारा लौट कर आना पड़ेगा."

कपिल मिश्रा मॉडल टाउन से बीजेपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़कर हार चुके हैं.

स्थानीय लोगों ने एक देवी मंदिर दिखाया और बताया कि मुसलमानों ने निगरानी की कि मंदिर को कोई नुकसान न पहुँचे, उनका कहना है कि दंगा करने की बदनामी से बचने के लिए उन्होंने हिंदुओं की दुकानों और मंदिर की हिफ़ाज़त रात को जागकर की.

बीबीसी ने मंदिर के पुजारी से बात करने की कोशिश की लेकिन वे वहाँ मौजूद नहीं थे और उनसे संपर्क नहीं हो पाया.

वहाँ रहने वाले संजय तोमर मंदिर के बारे में बात करने के लिए आगे आए. उन्होंने कहा, "यहाँ चांद बाग में हमने अपना जीवन गुजार दिया, कल हमने जैसा माहौल देखा वह पहले कभी नहीं था, बहुत पीड़ा हुई है यह हाल देखकर."

मेन रोड पर ही मौजूद मिठाई की एक दुकान बालाजी स्वीट्स को भी नुकसान पहुंचाया गया, उसका शटर तोड़ दिया गया है.

मुख्य सड़क पर ही मारुति सुज़ुकी की सेंकेंड हैंड कारों का शोरूम बुरी तरह जलाकर राख कर दिया गया है. दुकान की हालत देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि आग कितनी भयावह रखी होगी.

शोरूम के मालिक तक हम पहुँच गए लेकिन वह अपनी परेशानी से जूझ रहे थे, फ़ोन पर बात कर रहे थे, उन्होंने हमसे बात करने से इनकार कर दिया, अगर इस बात से कोई अंतर पड़ता हो तो इस शोरूम के मालिक एक सिख थे.

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