बर्नी सैंडर्स ने भारत को हथियार बेचने पर ट्रंप को कोसा

  • 25 फरवरी 2020
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अमरीका में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति के उम्मीदवार के प्रबल दावेदार और अमरीकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने मंगलवार को कहा कि अमरीका को भारत की साझेदारी जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में चाहिए न कि अरबों डॉलर के हथियारों की बिक्री में.

बर्नी सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप भारत दौरे पर डिफेंस डील की घोषणा कर रहे हैं जबकि उन्हें जलवायु परिवर्तन से लड़ने में भारत से साझेदारी बढ़ानी चाहिए.

सैंडर्स ने ट्वीट कर कहा, ''ट्रंप भारत से तीन अरब डॉलर के हथियार बेचकर डिफेंस कंपनियां रेदियॉन, बोइंग और लॉकहीड को अमीर बना रहे हैं जबकि उन्हें भारत के साथ मिलकर जलवायु परिवर्तन पर काम करना चाहिए. हम भारत के साथ वायु प्रदूषण में कमी लाने, प्राकृतिक ऊर्जा और पृथ्वी को बचाने के लिए काम कर सकते हैं.''

78 साल के बर्नी सैंडर्स राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उनकी नीतियों की लगातार आलोचना करते रहते हैं. इस साल अमरीका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में बर्नी सैंडर्स को ही ट्रंप का मुख्य प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है. अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में पीएम मोदी के साथ वहां मौजूद भीड़ को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा था कि वो भारत के साथ डिफेंस डील करने जा रहे हैं और इससे भारत की सेना और मज़बूत होगी.

इससे पहले बर्नी सैंडर्स ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करने पर भी पीएम मोदी की नीतियों की आलोचना की थी. तब बर्नी सैंडर्स ने कहा था कि कश्मीर में भारत का क़दम अस्वीकार्य है.

उन्होंने ये भी कहा था कि वो कश्मीर के हालात को लेकर चिंतित हैं. वर्मोंट से सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने कहा था कि सुरक्षा के नाम पर कश्मीर में विरोध की आवाज़ को दबाने से स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी बाधित हुई है.

उन्होंने कहा था, "भारत में कई डॉक्टरों ने माना है कि कश्मीर में भारत सरकार की ओर लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से मरीज़ों को जीवनरक्षक इलाज तक नहीं मिल पा रहा है."

अमरीका में मुसलमानों के एक सम्मेलन में बोलते हुए सैंडर्स ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में संचार सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध तुरंत हटाए जाने चाहिए. उन्होंने ये भी कहा था कि अमरीकी सरकार को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के समर्थन में प्रखर होकर बोलना चाहिए.

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पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने कहा है कि बीजेपी नेता कपिल मिश्रा पर भड़काऊ भाषण देने के लिए सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने ये किया है उन पर सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए. ये स्वीकार्य नहीं है. जो हुआ है वो दुर्भाग्यपूर्ण है."

गौतम गंभीर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "जिन लोगों ने उकसाने वाले भाषण दिए हैं, चाहें वो किस की तरफ़ से भी हों, बीजेपी के हों, आम आदमी पार्टी के हों या कांग्रेस के हों, उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए."

जब उनसे कपिल मिश्रा के भड़काऊ भाषण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "चाहे वो कपिल मिश्रा हों या कोई भी हो, जिसने भी भड़काऊ भाषण दिए हैं, उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए. ये अब किसी पार्टी का मुद्दा नहीं रह गया है, ये पूरी दिल्ली का मुद्दा है. कपिल मिश्रा पर जो भी कार्रवाई होगी मैं उसका समर्थन करता हूं."

उन्होंने कहा, "आप भड़का के चले जाते हैं लेकिन उनके बारे में नहीं सोचते जो प्रभावित होते हैं. आपने भाषण दे दिया, आपका काम ख़त्म हो गया. आपने उस पैंतीस साल के डीसीपी के बारे में नहीं सोचा जो आईसीयू में है."

गौतम गंभीर ने ये भी कहा कि ऐसा लगता है कि ये हिंसा सुनियोजित है. उन्होंने कहा, "ये सब सुनियोजित लगता है, डोनल्ड ट्रंप आए हैं. जब तक शाहीन बाग़ में शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था, हम कह रहे थे कि आपके पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन आप सुनियोजित तरीके से दुनिया में ये संदेश देना चाहते हैं कि दिल्ली असुरक्षित है, यहां हिंसा हो रही है.

बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने भी उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा को सुनियोजित साज़िश बताया है. तिवारी ने कहा, "जब ट्रंप आए हैं इस समय पर किसी ने दिल्ली में हिंसा कराने की कोशिश की है, ये बड़ी साज़िश का हिस्सा है. किसी के खौलाने में मत जाइये, ये सीएए किसी की नागरिकता ले नहीं रहा है बल्कि दे रहा है."

निर्भया मामले में फांसी टली

निर्भया मामले में दोषियों को 3 मार्च को फांसी अब नहीं होगी.

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Image caption निर्भया मामले के चारों अपराधी

सुप्रीम कोट में गृह मंत्रालय की तरफ से दायर याचिका पर सुनावाई के दौरान अगली सुनवाई की तारीख 5 मार्च की दी गई है.

गृहमंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिक दायर की है ताकि दोषियों को अलग अलग फांसी की सज़ा दी जा सके.

याचिका पर सुनवाई जस्टिस आर भानुमति की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच कर रही थी.

निर्भया मामले में चारों दोषी हैं मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय ठाकुर और पवन गुप्ता.

17 फरवरी को कोर्ट में क्या हुआ

निर्भया मामले में दोषियों को फांसी देने के लिए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी किया था. पहले भी दो बार अदालत ने फांसी की तारीख़ तय की थी जो अलग-अलग याचिकाओं के कारण टल गई थी.

17 फरवरी को जारी डेथ वारंट के अनुसार अदालत ने 3 मार्च को सुबह छह बजे चारों दोषियों को फांसी देने का समय तय किया है.

चारों दोषी हैं मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय ठाकुर और पवन गुप्ता.

इससे पहले अदालत ने फांसी की तारीख़ 22 जनवरी को तय की थी लेकिन एक दोषी की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित होने के कारण फांसी की तारीख़ टाल दी गई थी. बाद में अदालत ने एक फ़रवरी का दिन तय किया था लेकिन उस दिन भी फांसी नहीं दी जा सकी और इसे अगले आदेश तक टाल दिया गया.

निर्भया की मां आशा देवी ने नया डेथ वारंट जारी होने पर उम्मीद जताई है कि इस बार दोषियों को फांसी दे दी जाएगी और वो किसी भी क़ानूनी पेचीदगी का फ़ायदा नहीं उठा सकेंगे.

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