दिल्ली हिंसा पर अब ईरान ने दी भारत को नसीहत - पाँच बड़ी ख़बरें

जावेद ज़रीफ़

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दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रिया आने के बाद अब ईरान की ओर से भी टिप्पणी की गई है.

ईरान के विदेश मंत्री जावेद ज़रीफ़ ने दो मार्च को एक ट्वीट करके दिल्ली में हुई हिंसा की निंदा की है. उन्होंने लिखा, "ईरान भारतीय मुसलमानों के ख़िलाफ़ हुई संगठित हिंसा की निंदा करता है."

ज़रीफ़ लिखते हैं, "सदियों से ईरान भारत का दोस्त रहा है. हम भारतीय अधिकारियों से आग्रह करते हैं कि वे सभी भारतीयों का ख़्याल रखें और उनके साथ कोई अन्याय ना होने दें. शांतिपूर्ण संवाद और क़ानून के शासन में ही आगे का रास्ता निहित है."

इससे पहले तुर्की, पाकिस्तान और अमरीका के राजनेताओं की ओर से भी दिल्ली में हुई हिंसा पर टिप्पणी की गई थी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने इसकी तुलना नाज़ी जर्मनी में हुए यहूदियों के नरसंहार से की थी.

इमरान ख़ान ने लिखा, "मुसलमानों के जला दिए गए घरों और दुकानों की तस्वीरें सामने आ रही हैं. मुसलमानों को मारा-पीटा जाना, मस्जिदों और क़ब्रगाहों को नापाक कर देना वैसा ही है, जैसा नाज़ी जर्मनी में यहूदियों की सामूहिक हत्या के रूप में हुआ था. मोदी की फासीवादी नस्लवादी सरकार की बर्बर सच्चाई को दुनिया को समझना चाहिए और इसे रोकना चाहिए."

दिल्ली हिंसा के विरोध में बांग्लादेश में कई जगहों पर प्रदर्शन हुआ और कई इस्लामिक पार्टियों ने शेख़ मुजीबुर रहमान की सौवीं जयंती पर भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को भेजे गए आमंत्रण को रद्द करने की माँग भी की है.

पीएम मोदी का सोशल मीडिया छोड़ना एक चाल: अधीर रंजन चौधरी

सोशल मीडिया से दूरी बनाने पर विचार करने वाले ट्वीट को कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चाल क़रार दिया है.

सोमवार को रात आठ बजकर 56 मिनट पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, "सोच रहा हूं कि फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स इस रविवार को छोड़ दूं."

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इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गई. हालांकि, प्रतिक्रियाएं काफी मिलीजुली थीं. जहां कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पीएम ऐसा ना करें क्योंकि उनके विचार लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं तो कुछ लोगों ने अपने-अपने अंदाज़ में उन्हें नसीहतें भी दीं.

राहुल गांधी ने ट्वीट किया और कहा कि छोड़ना ही है तो नफ़रत छोड़िए. इसी तरह अनेक राजनीतिक हस्तियों ने अपने-अपने अंदाज़ में प्रतिक्रिया दी.

लेकिन कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का मानना है कि यह सब पीएम की चाल है ताकि वो मौजूदा ज्वलंत मुद्दों से लोगों का ध्यान हटा सकें. समाचार एजेंसी एएनआई ने चौधरी के हवाले से लिखा है, "यह यानी सोशल मीडिया छोड़ना मोदी जी की नई चाल है ताकि वो देश का ध्यान ज़रूरी मुद्दों से हटा सकें."

एयर इंडिया ने दी क्रू मेंबर्स को पृथक केंद्र में रहने को कहा

एयर इंडिया ने 25 फरवरी को वियना से दिल्ली आने वाले विमान के सभी क्रू मेंबर्स को कम से कम 14 दिनों के लिए एकांत या पृथक केंद्र में रहने को कहा है.

एयर इंडिया के अधिकारियों के हवाले से न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने लिखा है कि यह फ़ैसला फ़्लाइट में सवार एक यात्री के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद लिया गया है.

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अधिकारियों के मुताबिक़, "25 फरवरी को वियना से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया की फ़्लाइट के सभी क्रू मेंबर्स से कहा गया है कि वो अपने-अपने घरों में कम से कम 14 दिनों के लिए एकांत में रहें. एक पुरुष यात्री जो कि वियना से दिल्ली आ रहा था, उसे कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है."

इससे पूर्व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से घोषणा की गई थी कि देश में कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं. एक मामला दिल्ली में मिला है जबकि दूसरा तेलंगाना में.

कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से शुरू होकर अब तक लगभग 45 दूसरे देशों में फैल चुका है.

एनआरसी पर भारत ने बांग्लादेश को दिया आश्वासन

भारत ने पड़ोसी मुल्क बांग्‍लादेश को आश्वासन दिया है एनआरसी की वजह से वहां के लोगों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने ढाका में आयोजित एक गोष्ठी में कहा कि एनआरसी को अपडेट करना पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है.

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इससे पूर्व बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एनआरसी के मुद्दे पर बीते साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में चर्चा भी की थी.

इससे पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए के अब्दुल मोमिन और गृह मंत्री असदुज्जमां खान ने दिसंबर में भारत का अपना दौरा रद्द कर दिया था.

श्रीलंका के राष्ट्रपति ने भंग की संसद

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटभाया राजपक्षे ने देश की संसद को भंग कर दिया है. इसके बाद देश के निर्वाचन आयोग ने 25 अप्रैल को आम चुनाव कराए जाने की घोषणा की है.

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बीते साल नवंबर में राष्ट्रपति बने गोटभाया ने अपने भाई महिंदा राजपक्षे को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया था.

महिंदा राजपक्षे दो बार देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं और तीन बार प्रधानमंत्री. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि आगामी आम चुनावों में वो आसानी से बहुमत हासिल कर लेंगे.

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