CAA पर सुप्रीम कोर्ट जाने के फ़ैसले पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त को दिया जवाब

नागरिकता संशोधन क़ानून

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नागरिकता संशोधन क़ानून के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में इंटरवेंशन याचिका दाखिल करने के संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के फ़ैसले पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त ने जेनेवा में हमारे स्थाई मिशन को सोमवार शाम को ये बताया कि उनके दफ़्तर ने सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता संशोधन को लेकर एक इंटरवेंशन याचिका दाखिल की है."

"नागरिकता संशोधन क़ानून भारत का एक अंदरूनी मुद्दा है और क़ानून बनाने को लेकर भारतीय संसद के संप्रभु अधिकार से जुड़ा हुआ है. हमें पूरा भरोसा है कि भारत की संप्रभुता से जुड़े किसी भी मसले पर किसी विदेशी पक्ष को दखल देने का कोई हक़ नहीं है."

"हम इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि नागरिकता संशोधन क़ानून संवैधानिक रूप से वैध है और हमारे संविधानिक मूल्यों की सभी शर्तों को पूरा करता है."

"भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां क़ानून का शासन है. न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए हमारे मन में बहुत आदर है और हमें उस पर पूरा भरोसा है. हमें पूरा भरोसा है कि हमारी सच्ची और लंबे समय से चले आर रहे क़ानूनी स्टैंड को आदरणीय सुप्रीम कोर्ट समझेगा."

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केजरीवाल मोदी की मुलाकात

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की. पिछले महीने दिल्ली चुनाव में जीत के बाद केजरीवाल की मोदी से यह पहली मुलाक़ात थी.

इस मुलाक़ात के बाद के बाद दिल्ली के सीएम ने कहा, "मैंने प्रधानमंत्री से कहा कि जो भी दिल्ली हिंसा के लिए दोषी पाया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए. साथ ही हमने इस पर भी चर्चा की कि कोरोना वायरस से हमें साथ मिलकर लड़ना होगा."

दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर पत्रकारों से अरविंद केजरीवाल ने कहा, "रविवार की रात को जब हिंसा फैले तो दिल्ली पुलिस ने तुरंत हालात पर काबू पाया. अगर सोमवार और मंगलवार को, जब एक ज़िले में ही दंगे हो रहे थे, तब भी पुलिस ने ऐसे ही काम किया होता तो इतनी सारी ज़िंदगियां बचाई जा सकती थीं."

अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी के बीच संसद परिसर में सुबह 11 बजे के क़रीब बैठक हुई. पूर्वी दिल्ली में हाल ही में हुई हिंसा को देखते हुए इस मुलाक़ात को काफ़ी अहम माना जा रहा था.

पिछले हफ़्ते इसी मामले को लेकर केजरीवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाक़ात की थी. इस बैठक के बाद दिल्ली के सीएम ने कहा था, "अमित शाह ने हर संभव सहायता मुहैया करवाने का भरोसा दिलाया है."

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दिल्ली में हिंसा की शुरुआत उस समय हुई थी जब अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के दौरे पर थे.

दिल्ली में पिछले हफ़्ते लगभग चार दिनों तक जारी रही हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने 1200 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया है और 369 केस दर्ज किए हैं.

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले महीने अपने शपथ ग्रहण समारोह का भी न्योता भेजा था मगर उन्होंने शिरकत नहीं की थी.

उस दौरान वह अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे थे. हालांकि, उन्होंने ट्विटर पर दिल्ली के सीएम को शपथ लेने पर बधाई और शुभकामनाएं दी थीं. इसके जवाब में दिल्ली के सीएम ने शुक्रिया कहा था और उम्मीद जताई थी कि मिलकर दिल्ली को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे.

इससे पहले दोनों नेताओं के बीच उस समय भी ट्विटर पर संवाद हुआ था, जब दिल्ली चुनाव के नतीजे घोषित हुए थे.

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