क्या अब ख़त्म होगा शाहीन बाग़ का सीएए विरोधी प्रदर्शन: प्रेस रिव्यू

शाहीन बाग़

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दिसंबर से शुरू हुआ शाहीन बाग़ का प्रदर्शन अब भी जारी है.

महिलाओं के नेतृत्व वाले इस प्रदर्शन के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई थी कि प्रदर्शन की वजह से दिल्ली के कालिंदी कुंज से सरिता विहार को जाने वाली सड़क बाधित है. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए तीन लोगों को नियुक्त किया था. शुरुआती बातचीत से अब तक कोई हल नहीं निकल सका है.

ऐसे में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर नियुक्त मध्यस्थ संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन एक बार फिर शाहीन बाग़ बात पहुंचे. जहां उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से क़रीब बीस मिनट बात की और रोड खोलने को लेकर कोई हल निकालने को कहा.

मध्यस्थता करने पहुंचे संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से कहा कि वो यहां सरकार की तरफ से नहीं सुप्रीम कोर्ट की तरफ़ से आए हैं और उम्मीद करते हैं कि कोई हल निकलेगा. उन्होंने कहा कि आप लोग आपसी मशविरा कर लें और जब कोई आम सहमति बन जाए तो सूचित करके हमें बुला लें.

कुछ दिन पहले तक शाहीन बाग़ में धारा 144 लागू थी. हालांकि पहले की तुलना में प्रदर्शन का आकार कम हुआ है लेकिन प्रदर्शन बंद अब भी नहीं हुआ है. इस ख़बर को दैनिक हिंदुस्तान ने प्रकाशित किया है.

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भारत माता की जय बोलने पर पर विवाद क्यों? : पीएम मोदी

इस ख़बर को नवभारत टाइम्स अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.

अख़बार के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि एक पूर्व प्रधानमंत्री अगर यह कहते हैं कि भारत माता की जय नारे से बू आती है तो यह चिंतित होने की बात है.

कांग्रेस के लोग आज़ादी के बाद अपनी बैठकों में वंदे मातरम का विरोध करते थे और अब वो भारत माता की जय के नारे को भी विवादित बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

लोकपाल के समक्ष भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराने का नया प्रारुप जारी

सरकार ने पहले लोकपाल की नियुक्ति के ग्यारह महीने बाद लोकपाल के सामने प्रधानमंत्री समेत लोकसेवकों के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करानेको लेकर नया प्रारूप जारी किया है.

इसके अनुसार पूर्व और वर्तमान प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ लोकपाल की पूरी बेंच अगर सुनवाई करती है और मामले को ख़ारिज कर देती है तो वो उसके लिए कारण बताने को बाध्य नहीं है.

इसके अलावा कार्मिक मंत्रालय के आदेशानुसार सभी शिकायतकर्ताओं को अन्य बातों के अलावा गैर-न्यायिक स्टैंप पेपर पर यह हलफ़नामा भी देना होगा कि कोई भी झूठी शिकायत दंडनीय है. इसके लिए एक साल की सज़ा तक हो सकती है या फिर जुर्माना देना पड़ सकता है. इस ख़बर को इंडियन एक्सप्रेस ने प्रकाशित किया है.

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पुलवामा हमले में चरमपंथियों को शरण देने के आरोप में पिता-पुत्री गिरफ़्तार

पुलवमा में हुए चरमपंथी हमले की जांच कर रही एनआईए की टीम ने पिता-पुत्री को चरमपंथियों को पनाह देने के आरोप में गिरफ़्तार किया है. जनसत्ता की ख़बर के अनुसार, ये दोनों ही कथित रूप से इस हमले की साज़िश के चश्मदीद है.

इस शख़्स के घर में ही पुलवामा के आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार का वीडियो बनाया गया था लेकिन इन लोगों ने इस जानकारी को छिपाकर रखा. इन लोगों के घर में ही रहकर चरमपंथियों ने हमले की साजिश रची.

आदिल का आख़िरी वीडियो इस चरमपंथी हमले के बाद पाकिस्तान से जैश ए मोहम्मद ने जारी किया था. जांच के दौरान पता चला था कि ये वीडियो पुलवामा ज़िले के हदकीपोरा के एक घर में बनाया गया था. जिसके बाद एनआईए ने ये गिरफ़्तारी की.

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कोहली अब 30 के हो चले हैं, उन्हें और ज़्यादा अभ्यास की ज़रूरत - कपिल देव

पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव का मानना है कि भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली को थोड़े और अभ्यास की ज़रूरत है. द स्टेट्समैन में छपी ख़बर के मुताबिक़, कपिल देव को लगता है कि विराट कोहली जोकि न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ संघर्ष करते नज़र आए, उन्हें अपने अभ्यास को बढ़ा देना चाहिए.

कपिल देव ने कहा, "जब आप एक उम्र में पहुंच जाते हैं, जब आप 30 के हो चलते हैं तो इससे आपकी दृष्टि क्षमता पर असर पड़ता है. इन-स्विंग जो किसी समय पर कोहली की ताक़त हुआ करती थी और जिसे वो बाउंड्री पार पहुंचा दिया करते थे अब पिछले मैचों में वो दो बार उन्हीं पर आउट हुए. ऐसे में मुझे लगता है कि उन्हें बॉल-आई कॉर्डिनेशन बढ़ाने के लिए अभ्यास करना होगा."

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