अमरीका से भारत लौटा सॉफ़्टवेयर इंजीनियर कोरोना वायरस से संक्रमित

  • इमरान क़ुरैशी
  • बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
कोरोना वायरस

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अमरीका से भारत लौटा एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है. उसकी उम्र 40 साल है.

बताया जा रहा है कि उन्होंने 27 फरवरी को ऑस्टिन से न्यूयॉर्क की यात्रा की थी.

फिर अगले दिन वो न्यूयॉर्क से दुबई के लिए रवाना हुए जहां से वे पहली मार्च को बेंगलुरु पहुंचे. बेंगलुरु पहुंचने पर जब उनकी जांच की गई थी तो उनमें कोरोना वायरस संक्रमण का कोई लक्षण नहीं मिला था.

लेकिन चार दिनों बाद तबियत ख़राब होने पर एक प्राइवेट हॉस्पिटल के ओपीडी में दिखाने के लिए गए जहां से उनका मामला सरकार को रिपोर्ट किया गया.

पांच मार्च को उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कर दिया गया. उनके दो सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए और दोनों ही नतीजो में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई.

राज्य के मेडिकल शिक्षा मंत्री डॉक्टर सुधाकर ने संवाददाताओं से कहा, "उनकी सेहत काफी अच्छी है. परेशान होने जैसी कोई बात नहीं है. उनमें सुधार हो रहा है. हम सब को उनके लिए प्रार्थना करनी चाहिए."

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तीन साल का बच्चे में संक्रमण

केरल में तीन साल के एक बच्चे में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है.

माना जा रहा है कि ये बच्चा भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित सबसे कम उम्र का मरीज है.

ये बच्चा इटली से दुबई के रास्ते सात मार्च को भारत पहुंचा है. कोच्चि एयरपोर्ट पर निगरानी टीम ने पाया कि बच्चे को हल्का बुखार था.

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बीबीसी को बताया, "मरीज और उसके परिवार को फौरन अस्पताल ले जाया गया है. बच्चे का सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ वीरोलॉजी भेजा गया है जहां कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. केरल में कोरोना से संक्रमित होने वाला ये सबसे कम उम्र का मरीज है."

बच्चे की मां जो इटली में नर्स हैं और उसके पिता को अस्पताल में अलग से निगरानी में रखा गया है और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ वीरोलॉजी से उनकी रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है.

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केरल में कोरोना संक्रमण

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कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बीबीसी हिंदी को नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया, "चीन से केरल लौटने वाले छात्रों के अलावा देश में अभी तक कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की औसत उम्र 40 से 45 वर्ष के बीच रही है. तीन साल के जिस बच्चे के संक्रमित होने का पता चला है, वो सबसे कम उम्र का मरीज होना चाहिए."

राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ़ चेस्ट डिजीज के पूर्व निदेशक डॉक्टर शशिधर बुग्गी कहते हैं, "अगर आप बच्चे को देखें तो पाएंगे कि उसे कितना तेज़ बुखार है, उसके टेम्प्रेचर में कोई बदलाव हो रहा है या नहीं और बुखार के बारे में कब पता चला. हरेक मामले में मरीज की स्थिति को समझने के लिए इन बातों का ख्याल रखना होता है."

डॉक्टर शशिधर बुग्गी कहते हैं, "बहुत उम्र दराज लोगों में इसका ख़तरा ज़्यादा रहता है. अभी तक संक्रमण के जिन मामलों का पता चला है, उनसे पता चलता है कि मधुमेह, हृदय रोग या सांस की तकलीफ़ वाले लोगों की स्थिति गंभीर है."

एयरपोर्ट पर निगरानी टीम

पिछले 24 घंटे में केरल में कोरोना संक्रमण के पांच मामलों का पता चला है.

उन पांच लोगों में से तीन इटली से लौटे थे लेकिन उन्होंने एयरपोर्ट पर निगरानी टीम से जांच करवाने से इनक़ार कर दिया था.

इनमें से एक व्यक्ति को एक निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमण के लक्षणों का पता चला. और फिर परिवार के दो बड़े लोग जो इटली नहीं गए थे, इससे संक्रमित पाए गए.

केरल भारत का पहला ऐसा राज्य है जहां जहां कोरोना संक्रमण के मामलों का पता चला है, इनमें ज़्यादातर पिछले महीने चीन से लौटे छात्र थे.

जिन छात्रों में कोरोना संक्रमण का पता चला था, उनका अच्छे से इलाज हुआ और अब वे घर लौट आए हैं.

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हर यात्री की जांच

ये तीन लोग प्रशासन को जानकारी दिए बिना घर आकर आराम से रह रहे थे लेकिन अब केरल में फ्लाइट में उनके साथ यात्रा करने वाले हर यात्री की जांच की जा रही है, वे किन रिश्तेदारों के संपर्क में आए, किस कैब ड्राइवर की सर्विस ली और बाहर से आए छात्रों के संपर्क में आने वाले हर किसी व्यक्ति की जांच की जा रही है.

ऐसे ही एक दूसरे मामले में मेंगलुरु एयरपोर्ट पर एक आदमी दुबई से आठ मार्च को पहुंचा. उस व्यक्ति को बुखार था. उसे फौरन वेनलॉक अस्पताल ले जाया गया. लेकिन सोमवार सुबह से वो व्यक्ति अस्पताल से ग़ायब है.

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बीबीसी हिंदी को बताया, "हमारी निगरानी टीम पुलिस के साथ उसे हॉस्पिटल वापस लाने के लिए उसके घर गई है."

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