टेलिकॉम कंपनियों को मिल सकता है बेलआउट पैकेजः प्रेस रिव्यू

वोडाफोन

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टेलिकॉम कंपनियों को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) की देनदारी से बचाने के लिए यूनियन कैबिनेट में बेलआउट पैकेज पर सहमति बनती दिख रही है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार इस बेलआउट पैकेज की इसी हफ़्जे मंज़ूरी मिल सकती है.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि यह बेलआउट पैकेज एजीआर की देनदारी से राहत और लाइसेंस फ़ीस में कमी पर केंद्रित हो सकता है.

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को है, इससे पहले टेलिकॉम कंपनियां और सरकार एक रोडमैप तैयार करना चाहती हैं.

अभी तक वोडाफ़ोन ने अपने 53 हज़ार करोड़ रुपए के बक़ाए में से 3,500 करोड़ रुपए चुकाए हैं जबकि एयरटेल ने 35,586 करोड़ रुपए में से 18 हज़ार करोड़ रुपए चुकाए हैं. वहीं टाटा समूह ने 13,823 करोड़ रुपए में से 4,197 करोड़ रुपए चुकाए हैं.

इस बेलआउट पैकेज के संबंध में टेलिकॉम मंत्रालय, वित्त मंत्रालय एवं नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठक भी हो चुकी है.

यस बैंक से हट सकती है 50 हज़ार की लिमिट

यस बैंक के खाताधारकों को बड़ी राहत मिल सकती है. नवभारत टाइम्स में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़ भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने अधिकतम 50 हज़ार रुपए निकालने की जो सीमा तय की है, वह शनिवार तक ख़त्म हो सकती है.

आरबीआई की ओर से नियुक्त यस बैंक के प्रशासक प्रशांत कुमार ने कहा है कि बैंक अपने ग्राहकों के लिए सभी सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए काम कर रहा है.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि यस बैंक का नियंत्रण स्टेट बैंक के हाथों में आने के साथ ही बैंक से जुड़ी लिक्विडिटी की चिंता कम हो गई है. ऐसी स्थिति में पैसे की निकासी पर नियंत्रण जारी रहने से नकारात्मक असर पड़ सकता है.

इसलिए पैसे निकालने की लिमिट को आरबीआई जल्दी ही ख़त्म कर सकती है.

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पीएम मोदी ने रद्द किया बांग्लादेश का दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना बांग्लादेश दौरा रद्द कर दिया है. इसके पीछे वजह कोरोना वायरस को बताया गया है.

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी बांग्लादेश में शेख़ मुजीब-उर-रहमान जयंती शताब्दी समारोह में हिस्सा लेने जाने वाले थे लेकिन अब उन्होंने यह दौरा रद्द कर दिया है.

दरअसल 17 मार्च को होने वाले इस कार्यक्रम को बांग्लादेश में भी रद्द कर दिया गया था. इससे पहले पीएम मोदी कोरोना वायरस के चलते ब्रसेल्स का दौरा भी रद्द कर चुके हैं.

प्रधानमंत्री मोदी के बांग्लादेश दौरे का बांग्लादेश के कई राजनीतिक दल विरोध कर रहे थे, इसके विरोध की वजह दिल्ली में हुई हिंसा और नागरिकता क़ानून बताई गई है.

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बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख़ हसीना और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

दिल्ली हिंसा में ताहिर हुसैन के भाई भी हुए गिरफ़्तार

दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के निलंबित निगम पार्षद और दिल्ली दंगों के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या का आरोप झेल रहे ताहिर हुसैन के भाई शाह आलम को भी गिरफ़्तार कर लिया गया है.

जनसत्ता में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, सोमवार सुबह शाह आलम को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था फिर देर रात उन्हें गिरफ़्तार भी कर लिया गया.

आलम के अलावा दिल्ली पुलिस ने दो अन्य संदिग्धों को भी गिरफ़्तार किया है. पुलिस ने हिंसा भड़काने और षडयंत्र रचने के आरोप में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया के एक सदस्य को गिरफ़्तार किया है, इसकी पहचान मोहम्मद दानिश के तौर पर की गई है.

वहीं एसआईटी ने भी एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान लोकेश कुमार सोलंकी के तौर पर हुई है.

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