30 जून तक लॉकडाउन चाहती है केरल सरकार

  • इमरान कुरैशी
  • बीबीसी हिंदी के लिए
एरनाकुलम मेडिकल कॉलेज

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भारत में कोरोनावायरस के मामले

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2842

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559

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स्रोतः स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

11: 30 IST को अपडेट किया गया

देश के ज्यादातर राज्यों ने लॉकडाउन को चरणबद्ध ढंग से बढ़ाने का सुझाव दिया है. वहीं केरल ने देश भर में क्रमिक ढंग से स्थितियों की समीक्षा करते हुए चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाते हुए पूरे देश में 30 जून तक लॉकडाउन जारी रखने का सुझाव दिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों को इस मुद्दे पर सुझाव देने को कहा था. इसके बाद केरल में बनी उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की कमेटी ने सुझाव दिया है कि विभिन्न राज्यों में अलग अलग समय पर कोरोना संक्रमण अपने शीर्ष स्तर पर पहुंचेगा. इस आधार पर कमेटी ने लॉकडाउन के लिए चरणबद्ध प्रस्ताव दिया है.

कमेटी की ओर से कहा गया है, "एक राष्ट्रीय स्तर की संयोजन व्यवस्था बनाना उपयोगी भी होगा और महत्वपूर्ण भी जिससे राज्य अपने अनुभव, विशेषज्ञता, उपकरणों और वित्तीय संसाधनों से दूसरे राज्यों की मदद कर सकें."

इस कमेटी के मुखिया केरल के पूर्व मुख्य सचिव और भारतीय सिक्यूरिटीज एक्सचेंज बोर्ड (सेबी) के सदस्य हैं. कमेटी ने कई अनुशंसाएं की हैं जिसमें स्वास्थ्यगत मुद्दे और स्वास्थ्य से इतर मुद्दों की बात शामिल हैं. इसमें देश की अर्थव्यवस्था और लोगों की आजीविका के मुद्दे का भी ध्यान रखा गया है.

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कोविड-19 संक्रमण के मामलों में संतोषजनक कमी नहीं होने की स्थिति में कमेटी ने 30 जून तक के लिए अनुशंसाएं की हैं, उनकी अहम बातें इस तरह हैं-

  • घर से बाहर निकलने वाले हर शख्स के लिए मास्क पहनना अनिवार्य
  • शादी जैसे आयोजन के लिए स्थानीय निकाय की अनुमति ज़रूरी, लेकिन शादी में 25 से ज्यादा लोगों को एकत्रित होने की इजाज़त नहीं.
  • सभी कामकाजी क्षेत्रों, निजी कारों और सार्वजनिक परिवहन में एयर कंडीशनर चलाने पर पाबंदी
  • समुदाय में संक्रमण दूर करने के लिए जांच में तेज़ी
  • हॉटस्पॉट की पहचान. हॉटस्पॉट वह इलाक़ा है जहां पांच या उससे ज्यादा कोविड-19 संक्रमण मरीज़ हों या फिर उस पंचायत और वार्ड में सेकेंडरी कांटैक्ट में आने वाले लोगों की संख्या 100 और 100 से ज्यादा हो.
  • इन पंचायतों और वार्ड को पूरी तरह से सील किया जाए, किसी के आने जाने पर पाबंदी हो. किसी भी अपातकालीन परिस्थिति के लिए पुलिस और स्वयंसेवियों की तैनाती हो. स्वंयसेवियों की टास्क फोर्स के जरिए जरूरी चीज़ों और खान पान के सामानों की आपूर्ति सुनिश्चित हो.
  • हॉटस्पॉट के बाहर के इलाक़ों में 15 अप्रैल के बाद से लॉकडाउन में तीन चरणों में ढील. लेकिन इसके लिए इकलौती शर्त लोगों की सतत रिकवरी और संक्रमण के मामलों में गिरावट होनी चाहिए ताकि संक्रमण के मामले कम हों.
  • ढील देने की शर्त यह हो कि जिले में एक सप्ताह में संक्रमण के एक से ज्यादा मामले ना हों.

पहला चरण की ढील उन्हीं ज़िलों को मिले जहां समीक्षा के दिन से पहले यानी 7 अप्रैल से 13 अप्रैल तक, संक्रमण के एक से ज्यादा मामले सामने नहीं आए हों. इतना ही नहीं घरों में क्वारंटीन होने वाले मरीज़ों की संख्या में भी 10 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोत्तरी ना हो.

दूसरा चरण की ढील उन ज़िलों को मिले जहां 15 दिनों में एक से ज्यादा मामले सामने नहीं आए हों. घरों में क्वारंटीन होने के मामलों में पांच प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं हुई हो.

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तीसरे चरण की ढील उन ज़िलों को मिले जहां 15 दिनों में कोई मामला सामने नहीं आया हो. घरों में क्वारंटीन के मामले में पांच प्रतिशत की कमी हुई हो.

पहले चरण में क्या पाबंदियां हटें- मास्क के बिना घर से बाहर जाने की इजाज़त नहीं. एक घर से एक आदमी को एक बार में ख़ास उद्देश्य के लिए बाहर जाने की इजाज़त लेकिन तीन घंटे से कम समय के लिए. 65 साल से अधिक उम्र के शख्स जिन्हें हाइपरटेंशन, डायबिटीज और कैंसर इत्यादि की बीमारी रही हो, उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं. ऑड-ईवन के जरिए वाहनों पर रोक, सप्ताह में तीन दिन चलाने की इजाज़त. पांच लोगों से ज्यादा लोगों के एकत्रित होने पर रोक. धार्मिक पूजा अर्चना की जगहों पर धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं. सरकारी बैंकों में कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत की उपस्थिति की इजाज़त. शादी और अंतिम संस्कार में 10 लोगों से ज़्यादा लोगों के शामिल होने की अनुमति नहीं.

दूसरे चरण में क्या पाबंदियां हटे- ऑटो में एक और टैक्सी में तीन यात्रियों की यात्रा की अनुमति. छोटी दूरी की यात्रा के लिए प्रति सीट एक यात्री के हिसाब से बस यात्रा की अनुमति. मनरेगा के तहत काम करने की अनुमति. सभी लघु, छोटे और मंझोल उद्योग धंधों को काम करने की अनुमति. कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण के लक्षण की निगरानी प्रोपराइटर की होगी.

तीसरे चरण में क्या पाबंदियां हटे- कुल सीटों के दो तिहाई यात्रियों के साथ बसों को एक ज़िले से दूसरे ज़िले जाने की अनुमति. डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और मरीज़ों के लिए घरेलू उड़ान सेवा की अनुमति. केरल से बाहर रहने वाले लोग अगर लौटना चाहेंगे तो उन्हें अनुमति मिलेगी, लेकिन उनकी जांच होगी और उन्हें क्वारंटीन में रहना होगा. आईटी कंपनियों में आशंकि तौर पर काम की इजाजत. उत्पादन और साफ्टवेयर कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति. धार्मिक आयोजन, शादी और राजनीतिक आयोजन की अनुमति नहीं.

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