भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर विश्व बैंक का डरावना अनुमान - प्रेस रिव्यू

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विश्व की कई आर्थिक एजेंसियों के अनुमानों के बाद अब विश्व बैंक ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था इस वित्त वर्ष में 3.2 फ़ीसदी तक सिकुड़ जाएगी.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार की ख़बर के मुताबिक़, वॉशिंगटन स्थित कई क़र्ज़दाताओं का कहना है कि भारत में लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधियों पर लगी रोक ने अर्थव्यवस्था को विनाशकारी झटका दिया है.

विश्व बैंक के ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट के ताज़ा अंक में भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर किए गए आंकलन में नकारात्मक रूप से नौ फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.

हालांकि, विश्व बैंक ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2021 में वापस उछाल लेगी.

विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, 2019-20 वित्त वर्ष में यह विकास दर 4.2 फ़ीसदी थी जिसके 2020-21 वित्त वर्ष में 3.2 फ़ीसदी तक सिकुड़ने का अनुमान है.

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एसबीआई ने क़र्ज़ दरों में की कमी, होम लोन हुआ सस्ता

भारतीय रिज़र्व बैंक ने मई में रेपो रेट में 40 बीपीएस की कटौती की थी जिसके बाद एसबीआई ने क़र्ज़ की दरों में कमी की है.

द हिंदू अख़बार के अनुसार, क़र्ज़ देने वाले देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने सभी क़र्ज़दारों के लिए एमसीएलआर में 25 बीपीएस की कटौती की है.

इसके बाद 10 जून से एक साल का एमसीएलआर 7.25 फ़ीसदी से कम होकर 7 फ़ीसदी हो जाएगा.

एसबीआई ने कहा है कि बैंक के एमसीएलआर में लगातार तेरहवीं बार कटौती की गई है.

एसबीआई ने मई में जमा दरों में दो बार कमी की थी जिसके कारण भी क़र्ज़ की ब्याज़ दर में कटौती की गई है.

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इस साल कश्मीर में 93 चरमपंथी मारे गए जिनमें 10 पाकिस्तानी

साल 2020 में अब तक भारत प्रशासित कश्मीर में सुरक्षाबलों ने 93 चरमपंथियों को मारा है.

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, ये सुरक्षाबलों के जॉइंट ऑपरेशन और सेना द्वारा नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ निरोधी ग्रिड बढ़ाने के कारण संभव हो पाया है.

बीते 24 घंटों में सुरक्षाबलों ने शोपियां में दो जॉइंट ऑपरेशन किए जिसमें नौ चरमपंथियों को मारा गया और इसमें सुरक्षाबलों को कोई नुक़सान नहीं हुआ है.

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल जो 93 चरमपंथी मारे गए उनमें से 35 का संबंध हिज़बुल मुजाहिदीन से था जो कश्मीर में सबसे अधिक सक्रिय समूह है.

वहीं, मारे गए चरमपंथियों में 10 पाकिस्तानी भी थे.

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राज्यसभा में बढ़ सकती हैं बीजेपी की नौ सीटें

मार्च में हुए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के बाद बीजेपी की राज्यसभा सीटें घटकर 81 से 75 हो गई थीं. लेकिन 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से सत्तारुढ़ बीजेपी को काफ़ी उम्मीदें हैं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने होने वाले राज्यसभा चुनाव में बीजेपी की नौ सीटें बढ़ सकती हैं. अख़बार के मुताबिक़ अगर ऐसा हुआ तो राज्यसभा में बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए की सीटें 100 तक पहुंच जाएंगी.

इसके बाद मोदी सरकार को राज्यसभा में सामान्य बहुमत के लिए केवल 22 और सांसदों की ज़रूरत रह जाएगी. महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए ये समीकरण बीजेपी के लिए काफ़ी मायने रखता है.

हालांकि मोदी सरकार को राज्यसभा में चार नामांकित सदस्यों, अन्नाद्रमुक, बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस और टीएसआर की मदद मिलती रही है.

तीन तलाक़ और अनुच्छेद 370 जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समर्थन हासिल किया था लेकिन बीजेपी की सीटें बढ़ने से यकीनन पार्टी के राजनीतिक प्रबंधकों का भरोसा बढ़ेगा.

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कांग्रेस नेता की 'नज़रबंदी' पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस

जम्मू और कश्मीर में कांग्रेस नेता सैफ़ुद्दीन सोज़ की 'घर में नज़रबंदी' से रिहाई के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है. इंडियन एक्सप्रेस अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, सैफ़ुद्दीन सोज़ की पत्नी मुमताज़ुन्निसा सोज़ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और जम्मू-कश्मीर के प्रशासन को नोटिस जारी किया.

पांच अगस्त, 2019 को जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 के ख़ात्मे के बाद से ही सैफ़ुद्दीन सोज़ अपने घर में नज़रबंद हैं.

याचिकाकर्ता का कहना है कि सैफ़ुद्दीन सोज़ को कथित रूप से प्रशासन ने जम्मू और कश्मीर पब्लिक सेफ़्टी एक्ट के तहत हिरासत में रखा है.

मुमताज़ुन्निसा सोज़ ने अपनी याचिका में कहा है कि प्रशासन ने न तो सैफ़ुद्दीन सोज़ को हिरासत में रखने के आदेश की कॉपी मुहैया कराई है और न ही ये बताया है कि उन्हें किस आधार पर हिरासत में रखा जा रहा है.

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