गो-हत्या निवारण अध्यादेश में संशोधन को यूपी सरकार ने दी मंज़ूरी- आज की बड़ी ख़बरें

योगी आदित्यनाथ

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उत्तर प्रदेश सरकार ने गो हत्या निवारण क़ानून को और अधिक मज़बूत बनाने के मक़सद से इसमें संशोधन के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है. इस अध्यादेश के तहत यूपी में गाय की हत्या पर 10 साल तक की सज़ा और 3 से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. इसके अलावा गोवंश के अंग भंग करने पर 7 साल की जेल और 3 लाख तक जुर्माना लगेगा.

यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि राज्य कैबिनेट ने साल 1955 के इस क़ानून में संशोधन के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है. राज्य विधानमंडल का सत्र न होने की वजह से उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश, 2020 लाने का फ़ैसला लिया गया है.

उन्होंने बताया कि अध्यादेश का मक़सद उत्तर प्रदेश गोवध निवारण क़ानून, 1955 को और अधिक संगठित और प्रभावी बनाना तथा गोवंशीय पशुओं की रक्षा और गोकशी की घटनाओं से संबंधित अपराधों पर पूरी तरह से लगाम लगाना है.

उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 दिनांक 6 जनवरी, 1956 को राज्य में लागू हुआ था और उसी साल इसकी नियमावली बनी थी. इस क़ानून में अब तक चार बार और नियमावली में दो बार संशोधन हो चुका है.

सरकार का कहना है कि इस संशोधन से गोवंशीय पशुओं का संरक्षण एवं परि-रक्षण प्रभावी ढंग से हो सकेगा और गोवंशीय पशुओं के अनियमित परिवहन पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी.

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बुरुंडी के राष्ट्रपति पीएर-न्कुरूनज़ीज़ा

बुरुंडी के राष्ट्रपति का निधन, कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत

बुरुंडी के राष्ट्रपति पीएर-न्कुरूनज़ीज़ा का 65 साल की उम्र में निधन हो गया है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि उनका निधन कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुआ.

स्वास्थ्य बेहतर नहीं होने की वजह से उन्हें बीते शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी स्थिति में सुधार भी हो रहा था लेक्न सोमवार को उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया. उन्हें बचाने के कई प्रयास किये गए लेकिन सबी प्रयास असफल रहे.

वो बीते 15 सालों से सत्ता में थे. अगस्त 2020 में ही उन्हें पद से हटना था.

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ड्रामा क्वीन

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असम के तिनसुकिया ज़िले के बाघजान गांव में मौजूद एक ऑयल फील्ड (गैस के कुएं में ) में धमाके के बाद भीषण आग लग गई है.

ऑयल इंडिया लिमिटेड के गैस के कुएं में आग लगने की यह घटना मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की है. गांव वालों के अनुसार इस आग में अबतक 20 से अधिक घर जलकर राख हो गए है.

गुवाहाटी में मौजूद स्थानीय पत्रकार दिलीप कुमार शर्मा के मुताबिक गैस के कुएं की आग लगातार फैलती जा रही है. इससे आसपास के इलाकों में आतंक का माहौल है.

गैस के कुएं में आग इतनी भंयकर तरीके से लगी है कि दो किलो मीटर दूर से इसकी लपटें दिखाई दे रही है. इस घटना के बाद मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्‍द्र प्रधान से स्थिति से निपटने पर बात की है.

मुख्यमंत्री सोनोवाल ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर संपर्क कर आग बुझाने के लिए वायुसेना की मदद मांगी है. ऑयल इंडिया लिमिटेड के इस गैस के कुएं में बीते 27 मई से गैस रिसाव हो रही है.

ऑयल इंडिया और ओएनजीसी के विशेषज्ञों के नाकाम प्रयासों के बाद गैस लीकेज को रोकने के लिए सिंगापुर की "मेसर्स एलर्ट डिज़ास्टर्स कंट्रोल" के तीन विशेषज्ञ बुलाए गए हैं.

इस गैस के कुएं के आसपास बसे बाघजान गांव के छह सौ से अधिक परिवारों को वहां से हटाकर राहत शिविरों में ले जाया गया है.

गैस रिसाव के प्रभाव को रोकने के लिए कई दिनों से वहां पानी का छिड़काव किया जा रहा था.

गैस के कुएं वाले इलाके के बिल्कुल पास डिब्रू सैखोवा नेशनल पार्क है. बाघजान गांव के पास डिब्रू नदी का पानी गैस रिसाव के कारण पूरी तरह प्रदूषित गया है. असम सरकार का वन विभाग के मुताबिक गैस रिसाव की इस घटना से पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचा है.

ईरानी जनरल क़ासिम सुलेमानी की जासूसी करने वाले को मिलेगी मौत की सज़ा

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ईरान की सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ईरानी टॉप कमांडर जनरल क़ासिम सुलेमानी की जासूसी कर, उनसे जुड़ी सूचनाएं अमरीका और इसराइल को देने के दोषी महमूद मूसवी माजिद को जल्द ही मौत की सज़ा दी जाएगी.

3 जून को एक अमरीकी ड्रोन से हुए हमले में सुलेमानी की मौत हो गई थी. सुलेमानी ईरान के एक बड़े सैन्यकर्मी, उभरते हुए नेता और वहाँ की क़ुद्स फ़ोर्स के प्रमुख थे जिन्होंने इसराइल और अमरीका के ख़िलाफ़ कई बड़े अभियान चलाये थे.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ईरानी सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता ग़ुलाम हुसैन इस्माइली ने मंगलवार को एक टीवी कॉन्फ़्रेंस में कहा, "महमूद मूसवी को सीआईए और मोसाद के लिए जासूसी करने का दोषी पाया गया है. इस जुर्म के लिए उन्हें सज़ा-ए-मौत दी जाएगी. पाया गया है कि महमूद मूसवी ने ही सुलेमानी से जुड़ी सारी जानकारियाँ हमारे दुश्मनों की दी थीं."

सुलेमानी की मौत के बाद ईरान ने इराक़ में स्थित अमरीकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किये थे. हालांकि अमरीका ने दावा किया था कि इन हमलों में उनका कोई सैनिक नहीं मारा गया.

अमित शाह ने वर्चुअल रैली में ममता बनर्जी से माँगा हिसाब

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केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार और ओडिशा के बाद मंगलवार को पश्चिम बंगाल में जन संवाद रैली को संबोधित किया है.

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर इस तरह की वर्चुअल रैलियों का आयोजना बीजेपी कर रही है.

इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल के लोगों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, "ममता दी आप हमारा हिसाब माँगती हो, मैं तो हिसाब लेकर आया हूं.

लेकिन आप भी कल प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी सरकार का हिसाब दीजिए और कहीं बम धमाकों या बंद हुई फ़ैक्टरियों का नंबर मत बता दीजिएगा. भाजपा के मार दिए गए कार्यकर्ताओं की संख्या मत बता दीजिएगा.''

उन्होंने ममता सरकार पर ग़रीबों का अधिकार छीनने का भी आरोप लगाया. अमित शाह ने कहा, "मैं बंगाल की जनता को कहना चाहता हूं कि बंगाल सरकार यहां के ग़रीबों के अधिकार को रोककर बैठी है. हम किसानों को पैसा भेजना चाहते हैं, लेकिन उनकी सूची नहीं भेजती."

कोरोना आपदा के बीच केन्द्र सरकार ने किसानों और मज़दूरों के लिए कुछ घोषणाएं की थीं. बीजेपी का आरोप है कि बंगाल के लोगों तक उनका लाभ नहीं पहुंच रहा है. पश्चिम बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं. राजनीति के जानकार इन रैलियों को उसी कड़ी में जोड़कर देख रहे हैं. हालांकि बीजेपी इससे इनकार करती रही है.

2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में से 18 सीटें जीती थी. उनकी नज़र अगले विधानसभा चुनाव पर है, जहां वो पिछले बेहतर प्रदर्शन को आगे ले जाना चाहती है.

प्रवासी मज़दूरों पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला

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सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मज़दूरों को 15 दिनों के भीतर उनके घर भेजने का आदेश केंद्र सरकार को दिया है.

साथ ही देश की सर्वोच्च अदालत ने ये भी कहा है कि आपदा प्रबंधन क़ानून, 2005 के तहत लॉकडाउन का कथित तौर पर उल्लंघन करने के आरोप में प्रवासी मजदूरों के ख़िलाफ़ जितने भी केस दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लेने का विचार किया जाए.

जस्टिस अशोक भूषण की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई की. मई के आख़िरी हफ़्ते में सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान फंसे हुए मजदूरों पर खुद ही सुनवाई करने का फ़ैसला किया था. बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.

इस महत्वपूर्ण आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि श्रमिक ट्रेनों की मांग किए जाने की सूरत में रेलवे 24 घंटे के भीतर इसका इंतज़ाम करेगा. साथ ही श्रमिकों के लिए जो भी योजनाएं चलाई जा रही हैं, रेलवे उन्हें मुहैया कराने और उनके प्रचार की व्यवस्था करेगा.

अपने आदेश में जस्टिस भूषण ने कहा, "हम कुछ आदेश जारी कर रहे हैं. कुछ शपथपत्र दायर करने की ज़रूरत पड़ेगी. सभी राज्यों और केंद्र प्रशासित प्रदेशों की सरकारों को फंसे हुए मज़दूरों की पहचान करनी है और उन्हें 15 दिनों के भीतर उनके घर वापस भेजना है. श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का इंतज़ाम 24 घंटों के भीतर करना होगा."

सुप्रीम कोर्ट के आदेश में केंद्र और राज्य सरकारों को सुनियोजित तरीके से प्रवासी मज़दूरों की पहचान करने के लिए भी कहा गया है.

राहुल गांधी ने फिर पूछा लद्दाख पर सवाल

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कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ये पूछा कि क्या लद्दाख में चीन ने भारतीय क्षेत्र पर क़ब्ज़ा किया है?

राहुल गांधी ने मंगलवार को ट्वीट किया, "हमारे रक्षा मंत्री हाथ के चुनाव चिन्ह पर टिप्पणी कर रहे हैं. क्या वो इस सवाल का जवाब दे सकते हैं. क्या लद्दाख में चीन ने भारतीय क्षेत्र पर क़ब्ज़ा किया है?"

सोमवार को भारत-चीन सीमा विवाद पर राहुल गांधी ने एक शेर के ज़रिए टिप्पणी की थी...

"सब को मालूम है 'सीमा' की हक़ीक़त लेकिन,

दिल के ख़ुश रखने को, 'शाह-यद' ये ख़याल अच्छा है."

इसके बाद राजनाथ सिंह ने जवाब में कांग्रेस के चुनाव चिन्ह हाथ का ज़िक्र करते हुए राहुल गांधी पर तंज़ करते हुए कहा था...

"मिर्ज़ा ग़ालिब का ही शेर थोड़ा अलग अन्दाज़ में है....

'हाथ' में दर्द हो तो दवा कीजै,

'हाथ' ही जब दर्द हो तो क्या कीजै..."

हालांकि फिर राजनाथ ने सिंह ने जवाब भी दिया, "कांग्रेस के कई नेता सवाल पूछ रहे हैं कि भारत चीन सीमा पर क्या हो रहा है? मैं देश की जनता को आश्वस्त करना चाहूँगा कि संसद में इस बारे में विस्तार से जानकारी दूँगा. सीमा को लेकर सैनिक और कूटनीतिक स्तर पर चीन के साथ भारत की बातचीत जारी है. छह जून को सेना के स्तर पर वार्ता हुई है. हम किसी भी देश के मान, सम्मान एवं स्वाभिमान को न चोट पहुँचाते हैं और न ही हम चोट बर्दाश्त करेंगे."

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