सुशांत सिंह राजपूत: बॉलीवुड में दुश्मनी के कारण डिप्रेशन? मुंबई पुलिस करेगी जांच- आज की बड़ी ख़बरें

सुशांत सिंह राजपूत

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"अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कहती है कि उन्होंने फाँसी लगाकर आत्महत्या की थी. वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि वो पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण क्लीनिकल डिप्रेशन का शिकार हुए थे. मुंबई पुलिस उनकी मौत के इस पहलू की भी जांच करेगी."

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सोमवार रात एक वीडियो ट्वीट कर यह जानकारी दी है. उन्होंने वीडियो में कहा, "ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि सुशांत ने फ़िल्म इंडस्ट्री में बिज़नस राइवलरी के कारण आत्महत्या की. पुलिस इस एंगल की भी जांच करेगी."

कंगना रनौत समेत कुछ बॉलीवुड के कुछ कलाकारों का आरोप है सुशांत बॉलीवुड में व्याप्त 'नेपोटिज़्म' (भाई-भतीजावाद) के शिकार हुई थे और किसी ने उनकी परवाह नहीं की.

हेयरस्टाइलिस्ट सपना भवनानी ने भी कहा है कि सुशांत कुछ समस्याओं से जूझ रहे थे.

सपना ने लिखा है, ''यह कोई छुपी हुई बात नहीं है कि सुशांत पिछले कुछ सालों से मुश्किल दौर से गुज़र रहे थे. किसी ने सुशांत का साथ नहीं दिया. मदद के लिए कोई सामने नहीं आया. आज हर कोई ट्वीट कर दुख जता रहा है जिससे पता चलता है कि इंडस्ट्री कितनी खोखली है. यहाँ कोई भी आपका दोस्त नहीं है.''

'काइ पो चे', 'धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी', 'पीके', 'ब्योमकेश बख़्शी' और 'छिछोरे' जैसी लोकप्रिय फ़िल्मों में काम करने वाले सुशांत सिंह राजपूत ने रविवार को अपने बांद्रा स्थित आवास पर मृत पाए गए थे. मुंबई पुलिस ने बाद में इस बात की पुष्टि की थी कि 34 वर्षीय अभिनेता ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की है.

पुलिस का कहना है कि सुशांत क्लीनिकल ड्रिपेशन से जूझ रहे थे और इससे उबरने के लिए वो डॉक्टर की मदद भी ले रहे थे.

बिहार के पटना से ताल्लुक रखने वाले सुशांत टीवी सीरियल 'पवित्र रिश्ता' से मशहूर हुए थे और इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई थी. सुशांत की आत्महत्या से भारत में मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से जुड़ी बहस भी तेज़ हो गई है.

(आत्महत्या एक गंभीर सामाजिक-मनोवैज्ञानिक समस्या है जिसे टाला जा सकता है. इसके लिए मनोचिकित्सक की मदद लेनी चाहिए.)

पाकिस्तान: भारतीय उच्चायोग के अधिकारी रिहा

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बात सरहद पार

दो देश,दो शख़्सियतें और ढेर सारी बातें. आज़ादी और बँटवारे के 75 साल. सीमा पार संवाद.

बात सरहद पार

समाप्त

भारतीय उच्चायोग के दो कर्मचारी इस्लामाबाद पुलिस की हिरासत से रिहा कर दिए गए हैं.

इस्लामाबाद स्थि बीबीसी संवाददाता शुमाइला जाफ़री के अनुसार इस्लामाबाद के सचिवालाय पुलिस स्टेशन ने भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारियों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी.

इस्लामाबाद पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए दो भारतीय अधिकारियों में से एक के पास कथित तौर पर फ़ेक पाकिस्तानी करेंसी पाई गई थी और इसलिए उन पर फ़ेक करेंसी रखने का मामला दर्ज किया गया था.

भारतीय समाचार एजेंसी पीटीआई ने भी सरकारी सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास में ये कर्मचारी वापस आ गए हैं.

इससे पहले पाकिस्तान में मीडिया में चल रही ख़बरों के अनुसार पता चला था कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के दो कर्मचारी इस्लामाबाद पुलिस की हिरासत में हैं.

इन दो अधिकारियों का सोमवार सुबह आठ बजे से पता नहीं चल रहा था.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारियों को तलब करके इन कर्मचारियों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई.

लेकिन एएनआई और समाचार एजेंसी पीटीआई ने भी सूत्रों के हवाले से ख़बर दी थी. भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ़ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

उधर पाकिस्तान में भी कोई आधिकारिक रूप से बात करने को तैयार नहीं था.

बीबीसी संवाददाता शुमाइला जाफ़री के अनुसार भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी ने अपने दो साथियों के लापता होने की तो बात कही थी लेकिन इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भी कोई बयान नहीं जारी किया था.

इस्लामाबाद पुलिस के हवाले से पाकिस्तानी मीडिया में ख़बर चल रही थी कि, "भारतीय दूतावास के दो अधिकारी काले रंग की बीएमडब्ल्यू कार (जिसका नंबर क्यूएल- 104) को लापरवाही से चला रहे थे और इस्लामाबाद की सड़क पर उन्होंने एक पैदल यात्री को टक्कर मार दी. इसके बाद दोनों अधिकारी हादसे की जगह से भागने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने दोनों अधिकारियों को पकड़कर इस्लामाबाद पुलिस के हवाले कर दिया."

कुछ सप्ताह पहले भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के दो अधिकारियों पर जासूसी करने का आरोप लगाकर उन्हें पाकिस्तान वापस भेज दिया था.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन की हालत गंभीर

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मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन की हालत गंभीर बताई जा रही है.

लखनऊ स्थित बीबीसी सहयोगी समीरात्मज मिश्र के अनुसार लालजी टंडन लखनऊ के मेदांता अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.

दिग्विजय सिंह पर मुक़दमा दर्ज

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मध्यप्रदेश में बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह पर मुक़दमा दर्ज करवाया है. बीजेपी के अनुसार दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बारे में एक वीडियो ट्वीट किया था जो कि उनके अनुसार एडिट करके ट्वीट किया गया था और वो काफ़ी आपत्तिजनक था.

बाद में हालांकि दिग्विजय सिंह ने वो ट्वीट डिलीट कर दिया था, लेकिन इस बीच 11 लोगों ने उस वीडियो को री-ट्वीट कर दिया था. मध्यप्रदेश की बीजेपी ने उन 11 लोगों पर भी एफ़आईआर दर्ज करवाई है.

ट्विटर ने भी उस वीडियो को डिलीट कर दिया है.

कोरोना: सर्वदलीय बैठक में ज़्यादा से ज़्यादा टेस्ट की उठी मांग

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दिल्ली की स्थिति पर हुई सर्वदलीय बैठक में ज़्यादा से ज़्यादा टेस्टिंग की मांग उठाई गई. बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह ने की.

इस बैठक में अमित शाह और दिल्ली के लेफ़्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल ने सभी पार्टियों को आश्वासन दिया कि दिल्ली में सभी लोगों का टेस्ट कराया जाएगा.

इस बैठक में दिल्ली के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले उत्तर प्रदेश और हरियाणा के इलाक़ों की स्थिति पर भी चर्चा हुई.

इस बैठक में आम आदमी पार्टी के अलावा भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने भी हिस्सा लिया.

कांग्रेस ने मांग की कि दिल्ली में सभी का कोरोना टेस्ट कराया जाए, साथ ही कोरोना पॉज़िटिव व्यक्ति के परिवार और कंटेनमेंट ज़ोन में रहने वाले हर परिवार को 10 हज़ार रुपए की सहायता दी जाए.

कांग्रेस ने ये भी मांग की कि चौथे वर्ष में पढ़ रहे मेडिकल छात्रों को नॉन-परमानेंट रेज़िडेंट डॉक्टर्स की तरह इस्तेमाल किया जाए.

गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और लेफ़्टिनेंट गवर्नर के साथ बातचीत में हुए फ़ैसलों की जानकारी भी पार्टियों के प्रतिनिधियों को दी.

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्त ने इस बैठक के बाद कहा कि अमित शाह ने भरोसा दिलाया है कि 20 जून तक दिल्ली सरकार प्रतिदिन 18 हज़ार टेस्ट करेगी.

अमित शाह ने रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपराज्यपाल अनिल बैजल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की थी जिसके बाद उन्होंने राजधानी में महामारी की रोकथाम के लिए कई उपायों की घोषणा की.

उन्होंने दिल्ली की तीन नगरपालिकाओं के मेयरों और कमिश्नरों के साथ भी महामारी को रोकने के उपायों पर चर्चा की.

दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लगातार 2,000 से ज़्यादा लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो रही है.

दिल्ली में संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़कर 41,182 हो गई है और अब तक 1,327 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है.

भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता- राजनाथ सिंह

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भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा है कि भारत और नेपाल के आपसी संबंध कभी टूट नहीं हो सकते.

राजनाथ सिंह उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र के बीजेपी नेताओं को वर्चु्अल रैली के ज़रिए संबोधित कर रहे थे. राजनाथ सिंह का ये बयान नेपाल की संसद में नए नक्शे की पारित होने के बाद आया.

नेपाल की संसद ने लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी जैसे इलाक़ों को अपने इलाक़े के तौर पर दिखाया है, जिसका भारत हमेशा विरोध करता आया है.

राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी संबंध बेहद मज़बूत हैं.

उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच भौगोलिक, ऐतिहासिक, सामाजिक ही नहीं बल्कि अध्यात्मिक संबंध रहे हैं. हम लोग बाबा पशुपतिनाथ को कैसे भूल सकते हैं? हम बाबा अमरनाथ, सोमनाथ और काशी विश्वनाथ को कैसे अलग कर सकते हैं."

राजनाथ सिंह ने ये भी कहा कि 'दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी का संबंध है जिसे दुनिया की कोई ताक़त नहीं तोड़ सकती है.'

हालांकि दोनों देशों के बीच मौजूदा विवाद पर राजनाथ सिंह ने कहा कि 'नेपाल की तरफ़ कुछ कंफ्यूजन उत्पन्न हो गया है, जिसे बातचीत के ज़रिए सुलझा लिया जाएगा.'

इस रैली में राजनाथ सिंह ने कोविड-19 महामारी को लेकर मोदी सरकार की ओर से किए जा रहे कामों के बारे में बीजेपी नेताओं को जानकारी दी.

सवाल और जवाब

कोरोना वायरस के बारे में सब कुछ

आपके सवाल

  • कोरोना वायरस क्या है? लीड्स के कैटलिन से सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले

    कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है जिसका पता दिसंबर 2019 में चीन में चला. इसका संक्षिप्त नाम कोविड-19 है

    सैकड़ों तरह के कोरोना वायरस होते हैं. इनमें से ज्यादातर सुअरों, ऊंटों, चमगादड़ों और बिल्लियों समेत अन्य जानवरों में पाए जाते हैं. लेकिन कोविड-19 जैसे कम ही वायरस हैं जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं

    कुछ कोरोना वायरस मामूली से हल्की बीमारियां पैदा करते हैं. इनमें सामान्य जुकाम शामिल है. कोविड-19 उन वायरसों में शामिल है जिनकी वजह से निमोनिया जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं.

    ज्यादातर संक्रमित लोगों में बुखार, हाथों-पैरों में दर्द और कफ़ जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं. ये लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं.

    कोरोना वायरस के अहम लक्षणः ज्यादा तेज बुखार, कफ़, सांस लेने में तकलीफ़

    लेकिन, कुछ उम्रदराज़ लोगों और पहले से ह्दय रोग, डायबिटीज़ या कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे लोगों में इससे गंभीर रूप से बीमार होने का ख़तरा रहता है.

  • एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता? बाइसेस्टर से डेनिस मिशेल सबसे ज्यादा पूछे गए सवाल

    जब लोग एक संक्रमण से उबर जाते हैं तो उनके शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है.

    यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है. बाद में इसमें कमी आ सकती है.

    ऐसा माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी. हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी.

    यह नया वायरस उन सात कोरोना वायरस में से एक है जो मनुष्यों को संक्रमित करते हैं.
  • कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है? जिलियन गिब्स

    वैज्ञानिकों का कहना है कि औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं.

    कोविड-19 के कुछ लक्षणों में तेज बुख़ार, कफ़ और सांस लेने में दिक्कत होना शामिल है.

    वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है. लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है.

    इनक्यूबेशन पीरियड को जानना और समझना बेहद जरूरी है. इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर तरीके लाने में मदद मिलती है.

  • क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है? सिडनी से मेरी फिट्ज़पैट्रिक

    दोनों वायरस बेहद संक्रामक हैं.

    ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस से पीड़ित एक शख्स औसतन दो या तीन और लोगों को संक्रमित करता है. जबकि फ़्लू वाला व्यक्ति एक और शख्स को इससे संक्रमित करता है.

    फ़्लू और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं.

    • बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोएं
    • जब तक आपके हाथ साफ न हों अपने चेहरे को छूने से बचें
    • खांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत सीधे डस्टबिन में डाल दें.
  • आप कितने दिनों से बीमार हैं? मेडस्टोन से नीता

    हर पांच में से चार लोगों में कोविड-19 फ़्लू की तरह की एक मामूली बीमारी होती है.

    इसके लक्षणों में बुख़ार और सूखी खांसी शामिल है. आप कुछ दिनों से बीमार होते हैं, लेकिन लक्षण दिखने के हफ्ते भर में आप ठीक हो सकते हैं.

    अगर वायरस फ़ेफ़ड़ों में ठीक से बैठ गया तो यह सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया पैदा कर सकता है. हर सात में से एक शख्स को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.

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मेरी स्वास्थ्य स्थितियां

आपके सवाल

  • अस्थमा वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है? फ़ल्किर्क से लेस्ले-एन

    अस्थमा यूके की सलाह है कि आप अपना रोज़ाना का इनहेलर लेते रहें. इससे कोरोना वायरस समेत किसी भी रेस्पिरेटरी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से आपको बचने में मदद मिलेगी.

    अगर आपको अपने अस्थमा के बढ़ने का डर है तो अपने साथ रिलीवर इनहेलर रखें. अगर आपका अस्थमा बिगड़ता है तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा है.

  • क्या ऐसे विकलांग लोग जिन्हें दूसरी कोई बीमारी नहीं है, उन्हें कोरोना वायरस होने का डर है? स्टॉकपोर्ट से अबीगेल आयरलैंड

    ह्दय और फ़ेफ़ड़ों की बीमारी या डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोग और उम्रदराज़ लोगों में कोरोना वायरस ज्यादा गंभीर हो सकता है.

    ऐसे विकलांग लोग जो कि किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और जिनको कोई रेस्पिरेटरी दिक्कत नहीं है, उनके कोरोना वायरस से कोई अतिरिक्त ख़तरा हो, इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

  • जिन्हें निमोनिया रह चुका है क्या उनमें कोरोना वायरस के हल्के लक्षण दिखाई देते हैं? कनाडा के मोंट्रियल से मार्जे

    कम संख्या में कोविड-19 निमोनिया बन सकता है. ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जिन्हें पहले से फ़ेफ़ड़ों की बीमारी हो.

    लेकिन, चूंकि यह एक नया वायरस है, किसी में भी इसकी इम्युनिटी नहीं है. चाहे उन्हें पहले निमोनिया हो या सार्स जैसा दूसरा कोरोना वायरस रह चुका हो.

    कोरोना वायरस की वजह से वायरल निमोनिया हो सकता है जिसके लिए अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.
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अपने आप को और दूसरों को बचाना

आपके सवाल

  • कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकारें इतने कड़े कदम क्यों उठा रही हैं जबकि फ़्लू इससे कहीं ज्यादा घातक जान पड़ता है? हार्लो से लोरैन स्मिथ

    शहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा.

    क्वारंटीन उपायों को लागू कराते पुलिस अफ़सर

    फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है.

  • क्या खुद को और दूसरों को वायरस से बचाने के लिए मुझे मास्क पहनना चाहिए? मैनचेस्टर से एन हार्डमैन

    पूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण (लगातार तेज तापमान, कफ़ या छींकें आना) दिख रहे हैं या जो कोविड-19 के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं.

    मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए.

    फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं.

    यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है.

  • अगर मैं ऐसे शख्स के साथ रह रहा हूं जो सेल्फ-आइसोलेशन में है तो मुझे क्या करना चाहिए? लंदन से ग्राहम राइट

    अगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें.

    सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए.

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मैं और मेरा परिवार

आपके सवाल

  • मैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा? बीबीसी वेबसाइट के एक पाठक का सवाल

    गर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है.

    यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है.

    गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.

  • मैं अपने पांच महीने के बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं. अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए? मीव मैकगोल्डरिक

    अपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं.

    अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है.

    ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं.

  • बच्चों के लिए क्या जोखिम है? लंदन से लुइस

    चीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं.

    ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं.

    हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए.

End of मैं और मेरा परिवार

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