भारत-चीन सीमा विवाद: कांग्रेस ने पीएम मोदी और रक्षा मंत्री से पूछे चार सवाल?

सुरजेवाला और राहुल गांधी

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लद्दाख की गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प के मामले में विपक्ष ने सरकार से जानकारी माँगी

गलवान घाटी में सोमवार की रात हुई हिंसक झ़ड़प के बारे में जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी और विभिन्न राजनेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट करके रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से जवाब मांगा है.

सुरजेवाला ने ट्वीट में लिखा है, "चौंकाने वाला, भयावह और अस्वीकार्य. क्या रक्षा मंत्री पुष्टि करेंगे?"

इसके बाद कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से सुरजेवाला का बयान ट्वीट किया गया है जिसमें इस घटना की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से चार सवाल पूछे गए हैं.

कांग्रेस ने पूछा है कि 'इस घटना में कितने जवानों की मौत हुई है और कितने घायल हुए हैं? सोमवार की रात हुई घटना का बयान मंगलवार को क्यों जारी किया गया? पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सामने आकर क्यों नहीं बताते कि चीन ने कितनी ज़मीन पर अवैध क़ब्ज़ा किया है और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं क्षेत्रीय अखंडता की इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार की क्या नीति है?'

इसके बाद ट्विटर पर भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने वाले ट्वीटों की झड़ी-सी लग गई है और #WeakestPMModi ट्विटर ट्रेंड में आ गया है.

वीडियो कैप्शन,

भारत-चीन के सैनिकों की लड़ाई, तीन भारतीयों की मौत

'देश इस हमले के ख़िलाफ़ खड़ा हो'

भारतीय सेना में लेफ़्टिनेंट जनरल रहे एचएस पनाग ने ट्वीट करके मारे गए अफ़सर और जवान को सलामी दी है.

इसके अलावा उन्होंने लिखा है कि वो इस घटना से बेहद दुखी हैं क्योंकि बीते चार सप्ताह से चीन के इरादे साफ़ चेतावनी दे रहे थे, जिसके बावजूद स्थिति यहां तक पहुंच आई है.

पंजाब के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 'घुसपैठ' के ख़िलाफ़ देश से एक साथ खड़े होने की अपील की है.

उन्होंने ट्वीट किया है, "गलवान घाटी में जो हुआ है वो लगातार हो रहे चीनी अतिक्रमण के कारण है. देश का घुसपैठ के ख़िलाफ़ अब एकसाथ खड़े होने का समय है. हमारे जवान किसी का निशाना बनने के लिए नहीं हैं जो हर कुछ दिनों में हमारी सीमा की रक्षा करते हुए अफ़सर और जवान मारे जाते हैं और घायल होते हैं."

इसके बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह अगला ट्वीट करते हैं कि भारत सरकार चीन के ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठाए.

उन्होंने लिखा, "हमारी ओर से कमज़ोरी का हर निशान, चीन की प्रतिक्रिया को और युद्धकारी बनाएगा. मैं अपने बहादुर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए राष्ट्र के साथ शामिल हूं. राष्ट्र दुख की घड़ी में आपके साथ खड़ा है."

'मौतों का बदला लेना चाहिए'

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर सवाल किया है कि अगर 'तनाव कम करने की प्रक्रिया में चीन भारतीय सेना के कर्नल और दो जवानों को मार सकता है तो सोचिए कि स्थिति कितनी ख़राब होगी, यह तब होता है जब मीडिया सरकारी लाइन पर चलता है और सवाल पूछना राष्ट्रविरोधी होता है.'

एआईएमआईएम सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने ट्वीट करके गलवान घाटी में मारे गए अफ़सर और जवानों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं.

उन्होंने ट्वीट किया, "गलवान में आज मारे गए तीन बहादुर शहीदों के साथ भारत खड़ा है. कर्नल और दो बहादुर जवानों के परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. कमांडिंग अफ़सर अगुवाई कर रहे थे. सरकार को इन मौतों का बदला लेना चाहिए और सुनिश्चित करें कि उनका बलिदान व्यर्थ न जाए."

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