राजस्थान संकट: बीजेपी ने दलित आदिवासी विधायकों को गुजरात क्यों भेजा - प्रेस रिव्यू

वसुंधरा

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राजस्थान में कांग्रेस नेता सचिन पायलट के बाग़ी बनने के बाद से प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन विपक्षी बीजेपी को भी डर है कि कहीं उसके विधायक पाला बदल कांग्रेस में ना चले जायें.

इसी डर से बीजेपी ने अपने 19 विधायकों को पड़ोसी राज्य गुजरात में रखा है.

बीजेपी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

इस ख़बर को इकोनॉमिक टाइम्स ने दूसरे पन्ने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

अख़बार के अनुसार बीजेपी ने गहलोत पर आरोप लगाया है कि वो कमज़ोर तबके से आए विधायकों को लालच देकर अपने पाले में करने की कोशिश कर रहे हैं.

बीजेपी के सभी 72 विधायक 11 अगस्त को शाम चार बजे जयपुर के क्राउन प्लाज़ा होटल में जुटेंगे. यहाँ विधायक दल की बैठक होनी है. इस बैठक में राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी के तीन विधायक भी एनडीए के साथी के तौर पर शरीक होंगे.

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने पार्टी को आश्वस्त किया है कि वो इस बैठक में मौजूद रहेंगी.

राजस्थान विधानसभा का सत्र 14 अगस्त से शुरू होने जा रहा है. बीजेपी को लगता है कि सचिन पायलट के साथ 19 विधायकों के कांग्रेस से अलग होने के कारण सदन में गहलोत सरकार अल्पमत में है जिसकी वजह से सरकार गिर जायेगी.

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राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि एहतियात के तौर पर कुछ विधायकों को गुजरात ले जाया गया है. कटारिया ने इकोनॉमिक टाइम्स से कहा, ''हमें यह डर नहीं है कि ये विधायक बीजेपी छोड़ देंगे, लेकिन हम कांग्रेस को कोई मौक़ा नहीं देना चाहते हैं.''

केवल 19 विधायकों को ही बीजेपी ने गुजरात क्यों भेजा? इस सवाल के जवाब में कटारिया ने कहा, ''विरोधी हमले कर कमज़ोर कड़ी को तोड़ना चाहते हैं. इनमें से ज़्यादातर विधायक अनुसूचित जनजाति से हैं.''

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि उनकी पार्टी के दलित और आदिवासी विधायक कांग्रेस के निशाने पर हैं.

लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि बीजेपी में फूट पड़ गई है जिसकी वजह से ऐसा हो रहा है.

जैसलमेर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, "सरकार में तो हम लोग हैं, हॉर्स ट्रेडिंग हो रही थी. किस प्रकार हमें विधायकों को एक साथ रोकना पड़ा. लेकिन बीजेपी को किस बात की चिंता है? तीन-चार जगह पर वो बाड़ेबंदी कर रहे हैं. वो भी चुन-चुनकर कर. उनमें फूट नज़र आ रही है."

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आईपीएल में वीवो की जगह लेने की सोच रही बाबा रामदेव की कंपनी

इंडियन प्रीमियर लीग के टाइटल स्पॉन्सर की दौड़ में एक और कंपनी का नाम सामने आ रहा है.

नवभारत टाइम्स अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी मोबाइल कंपनी वीवो के इस साल के लिए टाइटल स्पॉन्सर से हटने के बाद योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पंतजलि भी इस दौड़ में शामिल हो गई है.

कंपनी की ओर से इस बात की पुष्टि भी की गई है. पंतजलि के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने अख़बार से बातचीत में कहा, "हम इस साल आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सरशिप के बारे में सोच रहे हैं क्योंकि हम पतंजलि ब्रांड को एक वैश्विक मंच पर ले जाना चाहते हैं."

उन्होंने ये भी कहा कि वो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को इसके लिए एक प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रहे हैं.

बाज़ार के जानकार इस बात को मानते हैं कि एक चीनी कंपनी के विकल्प के तौर पर पंतजलि का दावा बहुत मज़बूत है, लेकिन उनका यह भी मानना है कि उसमें एक 'मल्टीनेशनल ब्रांड' के तौर पर स्टार पावर की कमी है.

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केरल विमान हादसा: सरकार को सौंपी गई प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट

एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान हादसे की प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंप दी गई है.

दैनिक जागरण अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि इस फ़्लाइट को पहले कोझिकोड एयरपोर्ट के 28 नंबर रनवे पर लैंडिंग की मंज़ूरी दी गई थी. पायलट रनवे के करीब पहुँच भी गया था, लेकिन आख़िरी वक़्त में वो विमान को ऊपर लेकर चला गया.

रिपोर्ट में कहा गया है कि पायलट ने कंट्रोल रूम को भारी बारिश की वजह से लैंडिंग ना कराने की बात बताई थी. इसके बाद कंट्रोलर ने उससे विमान को 10 हज़ार फ़ीट की ऊंचाई पर ले जाने को कहा.

दुर्घटनाग्रस्त होने से क़रीब 16 मिनट पहले विमान ने 28 नंबर रनवे पर उतरने का प्रयास किया था.

रिपोर्ट के मुताबिक़, एटीसी यानी एयरपोर्ट ट्रैफ़िक कंट्रोलर ने पायलट से विमान को 10 हज़ार फ़ीट की ऊंचाई पर ले जाने को कहा था, लेकिन पायलट ने सात हज़ार फ़ीट की ऊंचाई पर जाने के बाद एटीसी से रनवे नंबर 10 पर लैंडिंग की अनुमति माँगी. तब पायलट को वहाँ चल रही हवा, दृश्यता और बादल की स्थिति की जानकारी देने के बाद लैंडिंग की मंज़ूरी दे दी गई थी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि ख़तरे की आशंका होने पर कंट्रोलर ने फ़ायर ब्रिगेड को सतर्क करने के साथ ही सायरन बजा दिया था. वहीं, सीएफ़टी ने भी रनवे के आख़िर तक विमान नज़र ना आने की जानकारी दी जिसके बाद उससे खाई में देखने को कहा गया. बाद में विमान खाई में दुर्घटनाग्रस्त मिला था.

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फ़िलहाल सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बनी रहेंगी

कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि फ़िलहाल सोनिया गांधी ही पार्टी अध्यक्ष बनी रहेंगी.

हिन्दुस्तान टाइम्स अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस पार्टी का कहना है कि नया अध्यक्ष चुनने के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जायेगी. तब तक कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी ज़िम्मेदारी निभाती रहेंगी.

पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी का कार्यकाल 10 अगस्त को ख़त्म हो रहा है.

इस बारे में सवाल किये जाने पर पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ये सही है कि सोनिया गांधी को पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी संभाले एक साल पूरा हो रहा है, पर इसका मतलब यह नहीं कि पद खाली हो जाता है.

पार्टी का कहना है कि कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्लूसी) की जल्द बैठक बुलाकर अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी के कार्यकाल को बढ़ा दिया जाएगा. सीडब्लूसी की बैठक इस महीने की शुरुआत में होने की उम्मीद थी, पर कुछ कारणों के चलते यह बैठक नहीं हो सकी.

इस बीच, पार्टी के अंदर पूर्णकालिक अध्यक्ष चुने जाने की माँग लगातार ज़ोर पकड़ रही है.

लोकसभा सांसद शशि थरूर का कहना है कि 'राहुल गांधी के पास साहस, क्षमता और योग्यता है. अगर वे इस ज़िम्मेदारी को नहीं उठाना चाहते तो पार्टी को नया अध्यक्ष चुनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.'

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से अनिश्चितकाल तक ज़िम्मेदारी उठाने की उम्मीद करना उचित नहीं है.

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