ममता का जेईई-नीट टलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का सुझाव - आज की बड़ी ख़बरें

ममता बनर्जी

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रस्ताव रखा है कि सभी ग़ैर-बीजेपी शासित प्रदेशों को जेईई और नीट प्रवेश परीक्षाओं को स्थगित करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील करनी चाहिए.

ममता बनर्जी ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ संयुक्त रूप से सात ग़ैर-बीजेपी शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों की वर्चुअल बैठक बुलाई जिसमें उन्होंने ये बात कही.

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ममता बनर्जी के प्रस्ताव का समर्थन किया. उन्होंने थोड़ी देर बाद ट्वीट कर बताया कि उन्होंने पंजाब के एडवोकेट जेनरल को दूसरे राज्यों के अपने समकक्षों सेसमन्वय बनाकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने के लिए कहा है.

उन्होंने कहा,"महामारी के बीच में लाखों छात्रों का परीक्षा में शामिल होना सुरक्षित नहीं है".

मगर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि 'सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पहले हमें प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के पास जाना चाहिए'.

जेईई और नीट की प्रवेश परीक्षाएँ सितंबर में कराए जाने की घोषणा की गई है मगर कोरोना महामारी और बाढ़ के मौसम में परीक्षाओं के आयोजन को लेकर इस फ़ैसले को लेकर बहस छिड़ गई है.

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को कहा कि जॉइंट एंट्रेंस एग्ज़ाम (जेईई) की मेन परीक्षा 1 से 6 सितंबर तक और मेडिकल के लिए होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी) यूजी या नीट की परीक्षा 12 सितंबर को होगी.

हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने 17 अगस्त को परीक्षाएं स्थगित करने की एक याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा था कि छात्रों का क़ीमती साल 'बर्बाद नहीं किया जा सकता है' और ज़िंदगी चलते रहने का नाम है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से महामारी के दौरान ब्याज़ में छूट पर जवाब माँगा

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कोरोना महामारी के दौरान क़र्ज़ों पर ब्याज, और ब्याज़ में छूट देने के मामले में जवाब दाख़िल करने के लिए कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने मोरेटोरियम अवधि के दौरान ऋणों पर ब्याज़ में छूट देने के बारे में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र को ये निर्देश दिया.

जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा, "आप सिर्फ़ कारोबार में दिलचस्पी नहीं ले सकते और लोगों की तकलीफ़ों को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते."

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार आरबीआई की आड़ में ख़ुद को छुपा रही है और जवाब नहीं दे रही.

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह समस्या आपके (केंद्र सरकार) लगाए लॉकडाउन की वजह से पैदा हुई है और ये ऐसा समय है जब केवल कारोबार के बारे में नहीं बल्कि लोगों की परेशानी के बारे में भी सोचना चाहिए.

अदालत ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 1 सितंबर का दिन तय किया है.

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