कोरोना की रूसी वैक्सीन स्पूतनिक भारत में भी लाने की तैयारी -प्रेस रिव्यू

जल्द भारत आ रहा रूस का टीका

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अगर भारतीय नियामक ने मंज़ूरी दी तो ह्यूमन एडिनोवायरस प्लेटफॉर्म पर आधारित रूस का टीका 'स्पूतनिक-वी' जल्द ही भारत में उपलब्ध होगा.

रशा डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ़) ने क्लिनिकल ट्रायल और देश में स्पूतनिक-वी की 10 करोड़ डोज़ के वितरण के लिए हैदराबाद स्थित डॉ रेड्डीज़ लैब (डीआरएल) के साथ एक क़रार किया है. यह रिपोर्ट अंग्रेज़ी अख़बार बिज़नेस स्टैंडर्ड में छपी है.

इसके अलावा वैक्सीन के उत्पादन के लिए भारत के पाँच बड़े मैन्युफैक्चरर से बात चल रही है. ये उत्पादन ना सिर्फ़ भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए होगा.

एडिनोवायरस डीएनए वायरस होते हैं, जो सांस से संबंधित बीमारी का सबसे बड़ा कारण बनते हैं.

डीआरएल ने बुधवार को बताया कि क्लीनिकल ट्रायल का खर्च दोनों साझेदार मिलकर उठाएंगे.

घोषणा के बाद डीआरएल के शेयर्स में ज़बरदस्त उछाल देखा गया और बीएसई पर 4.2 फ़ीसदी की बढ़त के साथ प्रति शेयर 4,631 रुपये पर बंद हुए.

भारत में होने वाला ट्रायल ब्रिज ट्रायल होगा, क्योंकि रूस में पहले से 40 हज़ार लोगों पर तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है.

आरडीआईएफ़ के सीईओ किरिल दिमित्रिव ने एक टेलीविजन चैनल पर कहा कि तीसरे चरण के ट्रायल के वॉलिंटियर्स की संख्या 45,000 होगी और उनमें रूस के अलावा सऊदी अरब, यूएई, ब्राजील और भारत जैसे देशों के वॉलिंटियर्स शामिल होंगे.

आरडीआईएफ़ और डीआरएल ने आवश्यक ब्यौरे देश के दवा नियामक को दिए हैं और यहां क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने के लिए मंज़ूरी का इंतजार कर रहे हैं.

डीआरएल ने कहा कि वैक्सीन की डिलिवरी 2020 के आख़िर में शुरू होने की संभावना है. हालांकि ये ट्रायल के सफलतापूर्वक पूरे होने और भारत में नियामकों के टीके का पंजीकरण करने पर निर्भर करेगा.

दिमित्रिव का अनुमान है कि टीका यहां नवंबर तक उपलब्ध हो जाएगा क्योंकि रूस से शुरुआती नतीजे अक्टूबर में आने के आसार हैं. हालांकि डीआरएल ने वैक्सीन पेश करने के समय को लेकर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

लद्दाख: 10-15 साल से यहां तक नहीं पहुँच पा रही है भारतीय सेना

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बात सरहद पार

दो देश,दो शख़्सियतें और ढेर सारी बातें. आज़ादी और बँटवारे के 75 साल. सीमा पार संवाद.

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भारतीय सेना पिछले 10-15 वर्षों से ज़्यादा समय से लद्दाख के डेपसांग मैदान के एक बड़े हिस्से तक अपनी पहुँच नहीं बना पाई है.

अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के हवाले से यह दावा किया है. चीन इस साल अपैल से डेपसांग मैदान में पट्रोलिंग पॉइंट्स पर भारत की पहुंच को रोक रहा है लेकिन इसके बड़े हिस्से पर भारत '10-15 वर्ष से ज़्यादा समय से' नहीं पहुँच सका है.

सियाचिन का इलाका डेपसांग मैदान से 80 किलोमीटर पूरब की तरफ़ पड़ता है. हाँलाकि अधिकारी के मुताबिक़ पाकिस्तान ने डेपसांग के पश्चिम में भारतीय सेना को लगातार मौजूद रहने पर मजबूर किया है.

सैन्य अधिकारी ने कहा कि भले ही इस समय सबका ध्यान पूर्वी लद्दाख पर हो लेकिन पूरी आशंका है कि चीन मौका मिलते ही एलएसी के अन्य हिस्सों में भी अतिक्रमण करने की कोशिश करेगा.

उन्होंने कहा, "हमें आशंका है कि चीन कहीं भी सक्रिय हो सकता है. ऐसे में हम सिर्फ़ पूर्वी लद्दाख के बारे में बात क्यों करें?"

अधिकारी ने बताया कि भारतीय सुरक्षाबल पूरे एलएसी पर एलर्ट मोड में हैं.

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उमर ख़ालिद

उमर ख़ालिद के ख़िलाफ़ 'X' और 'Y' ग़वाह

दिल्ली दंगों मामले में जो दो 'गोपनीय ग़वाह' ने उमर ख़ालिद, नताशा नरवाल और देवांगना कलीता के ख़िलाफ़ ग़वाही देने के लिए आगे आए हैं, अदालती काग़जातों में उनका नाम 'एक्स' (X) और 'वाई' (Y) लिखा गया है.

हिंदुस्तान टाइम्स ने इस रिपोर्ट को पहले पन्ने पर एंकर स्टोरी के तौर पर प्रकाशित किया है.

दिल्ली पुलिस का दावा है कि दो ग़वाह (X) और 'वाई' (Y) इस साल फ़रवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों में उमर ख़ालिद, नताशा नरवाल और देवांगना कलीता के शामिल होने की जानकारी देने के लिए आगे आए हैं.

एक्स (X) और 'वाई' (Y) दोनों ही इस समय सुरक्षात्मक हिरासत (प्रोटेक्टिव कस्टडी) में हैं. दोनों ने पिछले महीने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट फ़हादउद्दीन के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए थे. दोनों ने दावा किया था कि वो सीएए विरोधी प्रदर्शनों में 'पिंजरा तोड़' के सदस्यों और जवाहर लाल यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ थे.

जज के सामने दिया गया बयान मुक़दमे के दौरान मान्य सबूत होता है. ऐसे में अगर एक्स (X) और 'वाई' (Y) अपने बयान से नहीं मुकरते हैं तो उमर ख़ालिद, एक्स (X) और 'वाई' (Y) नताशा नरवाल और देवांगना कलीता के विरुद्ध बड़ा मामला साबिता हो सकता है.

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अपने आरोपपत्र में 15 लोगों को अभियुक्त बनाया है जिनमें आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता ताहिर हुसैन और जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की छात्रा सफ़ूरा ज़रगर समेत उमर ख़ालिद, नताशा नरवाल और देवांगना कलीता का भी नाम है.

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एलएसी पर पंजाबी गाने बजा रही है चीनी सेना

लद्दाख के पैंगॉन्ग त्सो झील और चुशुल सब-सेक्टर इलाके में चीनी सेना (पीएलए) भारतीय सैनिकों को हतोत्साहित करने के लिए हिंदी में चेतावनी दे रही है और यहां तक कि पंजाबी गाने भी बजा रही है.

अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने सेना के एक अधिकारी के हवाले से अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है.

सेना के अधिकारी ने अख़बार से कहा, "चीनी सेना हमारे जवानों का मनोबल गिराना चाहती है लेकिन हमारे सैनिक संगीत और गाने-बजाने का लुत्फ़ उठा रहे हैं. ऐसी मनोवैज्ञानिक तरकीबों से हमारे सैनिकों का मनोबल नहीं टूटेगा."

इससे पहले गुरुवार को चीन ने भारत से कहा थी कि वो तत्काल अपनी 'ग़लत हरकतों को सुधारे और जल्द से जल्द चीनी सेना से उलझना बंद करे'.

इसके अलावा चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन कहा था कि हाल ही में भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हुए संघर्ष के लिए भारत ज़िम्मेदार है. चीन के इस बयान से एक दिन पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में भारत-चीन तनाव पर बयान देते हुए चीन पर सीमा के उल्लंघन का आरोप लगाया था.

भारत और चीन के बीच लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास पिछले चार महीने से टकराव की स्थिति बनी हुई है.

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'पाकिस्तान में होती है हिंदू लड़कियों की जबरन शादी'

भारत ने कहा है कि किसी को मानवाधिकारों के बारे में पाकिस्तान से 'भाषण' सुनने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि वो ख़ुद ही हिंदुओं, सिखों और ईसाइयों समेत अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर लगातार जुल्म कर रहा है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (एनएचआरसी) के 45वें सत्र में भारतीय प्रतिनिधि पवन बाथे ने पाकिस्तान को 'आतंकवाद का गढ़' करार दिया. उन्होंने ये बातें पाकिस्तान के बयानों पर 'जवाब देने के अधिकार' के तहत कहीं.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को ग़लत और मनगढ़ंत विमर्श पेश करके भारत की छवि ख़राब करने की कोशिश की आदत हो गई है.

भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहाँ कश्मीरियों की संख्या बहुत कम हो गई है.

पवन बाथे ने कहा कि पाकिस्तान में हज़ारों की संख्या में हिंदू, सिख, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक लड़कियों का अपहरण और धर्मांतरण कर जबरन उनकी शादी कराई जाती है.

उन्होंने कहा, "एक भी दिन ऐसा नहीं होता जब बलूचिस्तान में किसी परिवार के किसी सदस्य को पाकिस्तान सुरक्षा बल नहीं उठाते."

जनसत्ता ने इस ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

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भारत चीन तनाव पर अब चीन की तरफ से क्या जवाब आया?

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