अन्ना हज़ारे की मोदी को चिट्ठी, किसानों के लिए दिल्ली में करेंगे अनशन - प्रेस रिव्यू

अन्ना हज़ारे

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अमर उजाला अख़बार के अनुसार सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों के मुद्दे पर ख़त लिखकर दिल्ली में भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है.

अन्ना हज़ार ने लिखा है कि उन्होंने अबतक पाँच बार प्रधानमंत्री को ख़त लिखा है लेकिन एक बार भी जवाब नहीं आया.

उन्होंने कहा कि सरकार ने ना तो उनके ख़तों का जवाब दिया और ना ही किसानों से संबंधित उनकी माँग को पूरी की है, इसलिए इस बार उन्होंने जनवरी के आख़िर में दिल्ली के रामलीला मैदान में भूख हड़ताल करने का फ़ैसला किया है.

अन्ना हज़ार ने अपने ख़त में लिखा है कि सरकार ने लिखित में दिया था कि केंद्र सरकार ने फ़सल की लागत से 50 प्रतिशत अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है और इसे बजट भाषण में भी शामिल किया गया था लेकिन अभी तक इनका पालन नहीं किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि यह शायद उनकी आख़िरी भूख हड़ताल हो. इससे पहले वो 2018 और 2011 में दिल्ली में लोकपाल की माँग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे. हालांकि आज तक केंद्र में लोकपाल की नियुक्ति नहीं हुई है.

कोरोना से जंग में अमिताभ बच्चन की आवाज़ अब कॉलर ट्यून में नहीं सुनाई देगी

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अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स में छपी ख़बर के मुताबिक़ फ़िल्म अभिनेता की आवाज़ में कोरोना कॉलर ट्यून अब नहीं सुनाई देगी. पिछले कुछ महीनों से कोरोना कॉलर ट्यून में अमिताभ बच्चन अपनी आवाज़ दे रहे थे.

आप जैसे ही किसी को फ़ोन करते थे, आपको अमिताभ बच्चन की आवाज़ में कोरोना बीमारी के बारे में ज़रूरी जानकारी दी जाती थी और यह भी बताया जाता था कि आप कोरोना से कैसे अपना बचाव कर सकते हैं.

लेकिन अब मीडिया में स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से इस तरह की ख़बरें आ रही हैं कि 16 जनवरी से भारत में जो कोरोना वैक्सीन ड्राइव शुरू हो रहा है उसके बारे में एक महिला आवाज़ में लोगों को जानकारी दी जाएगी.

पहले चरण में भारत में तीन करोड़ लोगों को टीका दिया जाएगा.

इस महीने की शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट में एक पीआईएल भी दायर की गई थी और अपील की गई थी कि अदालत केंद्र सरकार को निर्देश दे कि वो कोरोना कॉलर ट्यून से अमिताभ बच्चन की आवाज़ हटा दें क्योंकि ख़ुद अमिताभ और उनके परिवार के कई सदस्य कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. 18 जनवरी को अदालत में इसपर सुनवाई होनी है.

पटना में इंडिगो एयरलाइन् के स्टाफ़ की हत्या

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इंडियन एक्सप्रेस अख़बार के अनुसार इंडिगो एयरलाइन्स के एक कर्मचारी रूपेश सिंह की हत्या के मामले में पुलिस उनके व्यापारिक संबंधों की भी जाँच कर रही है.

अख़बार ने पुलिस सूत्रों के हवाले से लिखा है कि रूपेश कुमार ठेकेदारों के 'लाइज़ेनर' (वार्ताकार) की हैसियत से भी काम करते थे और पुलिस इस एंगल से भी केस की तफ़्तीश कर रही है कि कहीं उन लोगों ने तो उनकी हत्या की साज़िश नहीं रची है जिन्हें रूपेश के कारण अपने बिज़नेस में नुक़सान हो रहा था.

38 साल के रूपेश सिंह की मंगलवार को उनके पटना स्थित घर के ठीक सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. विपक्ष इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रहा है.

अख़बार ने पुलिस सूत्र के हवाले से लिखा है, "रूपेश के राजनीति और नौकरशाही से जुड़े कई महत्वपूर्ण लोगों से बहुत अच्छे संबंध थे और वो ठेकेदारों और ऊर्जा, जल संसाधन और ग्रामीण विकास विभाग में प्रभावी लोगों के बीच 'लाइज़ेनर' की हैसियत से काम करते थे. हमलोग इस बात को जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उनको उनलोगों के ज़रिए निशाना बनाया गया जिनका व्यापारिक नुक़सान हो रहा था."

कर्नाटक में येदियुरप्पा के ख़िलाफ़ बग़ावत

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जनसत्ता अख़बार के अनुसार कर्नाटक में मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद पार्टी के भीतर विरोध की आवाज़ें उठने लगी हैं और मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के ख़िलाफ़ बीजेपी के कुछ नेताओं के बग़ावती सुर देखने को मिल रहे हैं.

लेकिन येदियुरप्पा ने असंतुष्ट नेताओं से कहा कि अगर भाजपा विधायकों को कोई समस्या है तो वे दिल्ली जा सकते हैं और राष्ट्रीय नेताओं से मिलकर उन्हें पूरी सूचनाएं दे सकते हैं.

मुख्यमंत्री ने 17 महीने पुराने अपने मंत्रिमंडल का बुधवार को विस्तार किया था. सात नए मंत्रियों को शामिल किया गया था और आबकारी मंत्री एच. नागेश को कैबिनेट से बाहर कर दिया गया था.

जिन लोगों को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली वो भी नाराज़गी ज़ाहिर कर रहे हैं.

एक विधायक बी. पाटिल ने कहा, "मुख्यमंत्री ब्लैकमेल करने वालों को मंत्री बना रहे हैं. तीन लोग एक राजनीतिक सचिव और दो मंत्री पिछले तीन महीने से येदियुरप्पा को सीडी के माध्यम से ब्लैकमेल कर रहे हैं."

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीसे अनुरोध किया कि वह राज्य को येदियुरप्पा परिवार के वंशवाद की राजनीति से मुक्त कराएं.

शरद पवार ने अपनी पार्टी के मंत्री पर लगे आरोपों को गंभीर बताया

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार के अनुसार एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपनी पार्टी के एक नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री धनंजय मुंडे के ख़िलाफ़ लगे आरोपों को गंभीर बताया है.

महाराष्ट्र सरकार में सामाजिक न्याय मंत्री धनंजय मुंडे पर एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया है.

शरद पवार ने कहा, "धनंजय मुंडे के ख़िलाफ़ बलात्कार का आरोप गंभीर है. हमलोग पार्टी के अंदर इस पर विचार विमर्श करेंगे. हमें पार्टी के स्तर पर फ़ैसला करना है. मुंडे मुझसे मिले थे और उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा है. एनसीपी जल्द ही इस पर फ़ैसला लेगी."

पार्टी के अंदर कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस की जाँच तक इंतज़ार करना चाहिए और उसके बाद ही पार्टी को उनके बारे में कोई फ़ैसला लेना चाहिए.

महिला ने 10 जनवरी को ओशिवारा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी और कहा था कि मुंडे 2006 से उनका यौन उत्पीड़न कर रहे हैं. पुलिस ने अभी तक एफ़आईआर दर्ज नहीं की है लेकिन कहा है कि दोनों पक्षों को बुलाकर बयान दर्ज किया जाएगा.

मुंडे ने कहा है कि उनका शिकायतकर्ता महिला के बहन के साथ आपसी सहमति से संबंध है और उनके दो बच्चे भी हैं.

इस बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि पारिवारिक मामलों को राजनीति के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि एनसीपी नेतृत्व इतनी शक्तिशाली है कि वो इस पर निर्णय लेने में सक्षम है.

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