ज़ोमैटो डिलिवरी ब्वॉय-युवती के मारपीट' मामले में नया मोड़

  • इमरान क़ुरैशी
  • बीबीसी हिंदी के लिए
ज़ोमैटो

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सांकेतिक तस्वीर

पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए ज़ोमैटो डिलेवरी ब्वॉय और एक मेकअप आर्टिस्ट के बीच हुई कथित मारपीट के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है.

बेंगलुरु पुलिस के पास दर्ज कराई गई एफ़आईआर के मुताबिक़ ज़ोमैटो के डिलेवरी एग़्जिक्यूटिव कामराज ने अपना जवाबी शिकायतनामा फाइल किया है जिसमें उन्होंने ये आरोप लगाया है कि मेकअप आर्टिस्ट हितेशा चंद्राणी ने उन्हें गालियां दी थीं और उन पर चप्पल फेंका था.

इससे पहले हितेशा ने ये आरोप लगाया था कि कुछ दिनों पहले एक ऑर्डर की डिलिवरी में देरी होने के बाद ज़ोमैटो एग़्जेक्यूटिव कामराज ने उनके साथ मारपीट की थी.

हितेशा का कहना था कि जब उन्होंने कामराज से ये पूछा कि क्या ज़ोमैटो कस्टमर केयर ने उन्हें ऑर्डर कैंसल होने की जानकारी दी थी तो वे बदतमीज़ी करने लगे.

हितेशा का आरोप है कि जब उन्होंने दरवाज़ा बंद करने की कोशिश की तो कामराज ने उनसे ऑर्डर छीन लिया और चले गए. जब उन्होंने कामराज से ये कहा कि वो ऐसा नहीं कर सकते हैं तो उन्होंने कथित तौर पर उनकी नाक पर घूंसा मारा जिसकी वजह से उनकी नाक से ख़ून निकलने लगा.

कामराज की गिरफ़्तारी

हालांकि दूसरी तरफ़ कामराज ने पुलिस से शिकायत की है कि निर्माणाधीन सड़क के कारण डिलिवरी में हुई देरी के लिए जब उन्होंने माफी मांगी तो हितेशा भद्दी भाषा में बात करने लगीं और उन्होंने खाना वापस ले जाने के लिए कहा और जब वो उन पर हमला करने की कोशिश कर रही थीं तो इसी दरमियां उनकी अपनी अंगूठी से उनकी नाक चोटिल हो गई.

हितेशा की शिकायत के बाद पुलिस ने कामराज को गिरफ़्तार कर लिया था. हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.

हितेशा ने इस सिलसिले में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी किया जो काफी वायरल हुआ लेकिन जब कामराज की कहानी सोशल मीडिया पर सामने आई तो उन्हें भी काफी समर्थन मिला.

बेंगलुरु पुलिस के एडिशनल कमिश्नर एस मुरुगन ने बीबीसी को बताया, "हम इस मामले की जांच कर रहे हैं और मैंने अपने अफसरों से कहा है कि वे क़ानूनी प्रक्रिया का कड़ाई से पालन करें."

हितेशा की शिकायत के बाद पुलिस ने कामराज पर आईपीसी की धारा 504 (जानबूझकर अपमानित करने) और धारा 325 (जानबूझकर शारीरिक क्षति पहुंचाने) के तहत मामला दर्ज किया था.

कामराज की शिकायत के बाद अब पुलिस ने हितेशा पर आईपीसी की धारा 341 (ग़लत तरीके से रोकने), धारा 355 (हमला करने, बल प्रयोग), धारा 504 (जानबूझकर अपमानित करने) और धारा 506 (डराने-धमकाने) के तहत केस दर्ज किया है.

ज़ोमैटो ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वो हितेशा के इलाज का खर्च वहन करेगी और जब तक कामराज दोषी साबित न हो जाएं, उन्हें क़ानूनी मदद भी मुहैया कराएगी.

ज़ोमैटो के संस्थापक दीपेंदर गोयल ने एक बयान जारी कर कहा, "जब तक पुलिस की तफ्तीश जारी रहेगी, प्रोटोकॉल के तहत हमने कामराज को अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया है लेकिन हम उनकी कमाई की भरपाई कर रहे हैं. हम इस मामले में उनके क़ानूनी खर्चे भी उठा रहे हैं."

गोयल ने इस ओर ध्यान दिलाया कि "कामराज ने अब तक पांच हज़ार डिलिवरी दी है और ज़ोमैटो के प्लेटफ़ॉर्म पर उन्हें 4.75/5 स्टार रेटिंग हासिल है. ये सबसे हाई रैकिंग में से है. वे 26 महीने से हमारे यहां काम कर रहे हैं. ये फैक्ट है, विचार या निष्कर्ष नहीं."

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