तमिलनाडु चुनाव: जयललिता और करुणानिधि के बाद अगला खेवनहार कौन?

तमिलनाडु विधान सभा चुनाव के बारे में सब कुछ

इमेज स्रोत, ARUN SANKAR/AFP VIA GETTY IMAGES

अगले कुछ हफ़्तों में अन्य राज्यों के साथ तमिलनाडु में भी विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव की तारीख़ों का एलान होने के बाद राज्य में सत्ता की दौड़ में शामिल पार्टियां ज़ोर-शोर से चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं.

बीते पांच दशकों से यहां की राजनीति में दो पार्टियां - डीएमके (द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम) और एआईडीएमके (ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम) सबसे महत्वपूर्ण रही हैं. 2016 विधानसभा चुनाव के छह महीने बाद ही उस समय की मुख्यमंत्री और एआईडीएमके प्रमुख जे जयललिता की मौत हो गई थी. उसके बाद 2018 में पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख करुणानिधि की भी मौत हो गई.

इन दोनों अहम नेताओं की मौत के बाद यहां पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि ये चुनाव बेहद दिलचस्प हो सकते हैं. यहां अब इन दोनों पार्टियों के लिए एक बार फिर से अपनी मज़बूती साबित करने की चुनौती है.

एआईडीएमके के साथ गठबंधन में उतरी बीजेपी इस बार दक्षिण भारत में अपना समर्थन बढ़ाने की पुरजोर कोशिश कर रही है. वहीं कांग्रेस ने चुनावों में डीएमके से हाथ मिलाया है.

तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 24 मई, 2021 को ख़त्म हो रहा है. राज्य में विधानसभा की कुल 234 सीटें हैं. राज्य में इस बार एक ही चरण में 6 अप्रैल, 2021 को मतदान होना है. चुनाव के नतीजे 2 मई, 2021 को घोषित हो जाएंगे.

इमेज स्रोत, ARUN SANKAR/AFP via Getty Images

कौन-सी पार्टियाँ मैदान में हैं?

तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी एआईएडीएमके इस बार बीजेपी के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ रही है. एआईएडीएमके ने बीजेपी को 20 सीटें दी हैं.

कहा जा रहा है कि राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके, एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन को कड़ी चुनौती दे सकती है. वहीं डीएमके अपनी सहयोगी कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. साथ ही वाइको के नेतृत्व वाली मारुमलार्ची द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम यानी एमडीएमके और राज्य की 8 छोटी पार्टियां डीएमके के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरेगी. डीएमके को चुनाव में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया का भी साथ मिला है.

डीएमके ने इस बार कांग्रेस को कम सीटें दी हैं. कांग्रेस केवल 25 सीटों पर लड़ेगी. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया और विदुतलाई चिरुतागल कच्छी को 6-6 सीटें मिली हैं. वहीं आईयूएमएल और कोंगुनाडु मुन्नेत्र कड़गम 3-3 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी.

राज्य में बीजेपी और कांग्रेस केवल 20 और 25 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं. इससे साफ़ है कि मुख्य मुक़ाबला क्षेत्रीय पार्टियों एआईएडीएमके और डीएमके के बीच है.

वहीं कमल हासन की तीन साल पुरानी पार्टी, मक्कल निधि मैय्यम यानी एमएनएम पहली बार चुनावी मैदान में उतर रही है.

कितने हैं वोटर?

चुनाव आयोग के मुताबिक़ तमिलनाडु में 6.26 करोड़ मतदाता हैं. महिला वोटरों की तादाद पुरुष मतदाताओं से ज़्यादा है. राज्य में 3,18,28,727 महिला वोटर और 3,08,38,473 पुरुष वोटर हैं. साथ ही 7,246 थर्ड जेंडर वोटर हैं.

जादुई आंकड़ा क्या है?

विधानसभा की 234 सीटों को देखते हुए तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए कम से कम 118 सीटें जीतनी होंगी. इस तरह तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में जीत का जादुई आंकड़ा 118 है.

मुख्य उम्मीदवार कौन-कौन?

तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके नेता ई पलानीस्वामी, डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, अभिनेता से नेता बने कमल हासन, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एल मुरुगन धारापुरम जैसे मुख्य उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं.

इमेज स्रोत, TWITTER@EPSTAMILNADU

चर्चित निर्वाचन क्षेत्र कौन से?

यहां की एडाप्पडी विधानसभा सीट पर सबकी नज़रें होंगी. यहां से सूबे के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी चुनाव लड़ रहे हैं. वे यहां से 7वीं बार चुनाव लड़ रहे हैं. इससे पहले यहां से वे 1989, 1991, 1996, 2006, 2011 और 2016 में लड़ चुके हैं. और चार बार यानी 1989, 1991, 2011 और 2016 में वे यहां से जीत चुके हैं.

कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र पर भी सबकी नज़रें रहेंगी, क्योंकि डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन यहीं से चुनाव मैदान में उतर रहे हैं.

एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि चेपक सीट से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं.

कोयंबटूर साउथ निर्वाचन क्षेत्र भी ख़ास है. अभिनेता से नेता बने कमल हासन यहीं से अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एल मुरुगन धारापुरम सीट से प्रत्याशी हैं. इसलिए सबकी निगाहें इस निर्वाचन क्षेत्र पर भी टिकी हुई हैं. वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता एच राजा कराईकुड़ी से लड़ेंगे.

इमेज स्रोत, ARUN SANKAR/AFP VIA GETTY IMAGES

चुनाव के प्रमुख मुद्दे क्या हैं?

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
पॉडकास्ट
दिन भर

वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.

ड्रामा क्वीन

समाप्त

चुनाव में सत्ताधारी एआईएडीएमके के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया जा रहा है. सत्ताधारी पार्टी के कई नेताओं पर भी भ्रष्टाचार के आरोप हैं.

विपक्ष ने मुद्दा बनाया है कि एआईएडीएम पर बीजेपी का वर्चस्व हो गया है और गठबंधन में बीजेपी की ज़्यादा चलने लगी है. विपक्ष का कहना है कि यदि इस गठबंधन की सरकार फ़िर से बनी तो राज्य की सत्ता बीजेपी के हाथों में होगी और वो मनमाने तरीक़े से अपनी नीतियों को लागू करेगी.

तमिलनाडु चुनाव में नीट प्रवेश परीक्षा का मुद्दा भी अहम नज़र आ रहा है. तमिलनाडु में मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए कराए जाने वाली नीट प्रवेश परीक्षा का विरोध होता रहा है.

पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन का मुद्दा भी चुनाव में उठ रहा है. डीएमके ने कहा है कि अगर वो सत्ता में आते हैं तो 'जयललिता के निधन के पीछे की असली वजह' का पता लगाएंगे.

डीएमके ने चुनाव जीतने पर टैक्सों में कटौती कर पेट्रोल की कीमतों को कम करने का वादा किया है.

चेन्नई से सेलम तक का 277 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट भी चुनावी मुद्दा है. इस एक्सप्रेस वे पर अदालत ने रोक लगा दी थी. लेकिन केंद्रीय बजट में बीजेपी की केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि वो इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाएगी.

तमिलनाडु चुनाव में पहली बार धर्म का मुद्दा भी नज़र आ रहा है. बीजेपी गठबंधन, डीएमके-कांग्रेस-वामदलों के गठबंधन को 'हिंदू-विरोधी' बता रहा है.

इस बीच बीजेपी की सहयोगी पार्टी अन्नाद्रमुक ने विवादास्पद नागरिकता संशोधन क़ानून पर अपना स्टैंड बदल लिया है. अपने घोषणापत्र में अन्नाद्रमुक ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि वो नागरिकता संशोधन क़ानून पर पीछे हटने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाती रहेगी. जबकि दो साल पहले अन्नाद्रमुक ने राज्यसभा में नागरिकता संशोधन क़ानून का समर्थन किया था.

पिछले चुनाव में क्या हुआ था?

2016 के विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके ने जयललिता के नेतृत्व में 136 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी. वहीं डीएमके को 89, कांग्रेस को 8 और आईयूएमएल को एक सीट मिली थी. इस तरह डीएमके+ को कुल मिलाकर 98 सीटें मिली थी.

2016 में एआईएडीएमके का बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं था और तब बीजेपी का खाता भी नहीं खुल सका था.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)