रमज़ान-क्रिसमस के जश्न से नहीं, दुर्गा और सरस्वती पूजा पर रोक से दिक्कत: अमित शाह- प्रेस रिव्यू

अमित शाह

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अंग्रेज़ी अख़बार द टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए साक्षात्कार में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि बीजेपी धार्मिक त्यौहारों की आज़ादी का संदेश दे रहे हैं.

अमित शाह से जब सांप्रदायिकता की राजनीति करने का सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पहले ममता बनर्जी को ये बताना चाहिए कि उन्होंने राज्य में दुर्गा पूजा और सरस्वती पूजा पर प्रतिबंध क्यों लगाया था.

उन्होंने कहा, ''हमें रमज़ान और क्रिसमस के त्यौहारों के जश्न से कोई दिक्कत नहीं है लेकिन दूर्गा पूजा और सरस्वती पूजा पर रोक लगाने से हमें दिक्कत है.''

बीजेपी पश्चिम बंगाल में 200 से ज़्यादा सीटें जीतेगी और असम में भी सरकार बनाएगी. अमित शाह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बीजेपी पश्चिम बंगाल के 85 प्रतिशत बूथों पर समितियां बना चुकी है और पार्टी का ढांचा राज्य में बहुत मज़बूत है. अमित शाह ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में दो सौ से अधिक सीटें जीतेगी.

असम के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस और बदरद्दीन अजमल की पार्टी के बीच गठबंधन ही उनकी हार का कारण बनेगा.

शाह ने कहा कि असम में बीते पांच सालों में शांति स्थापित हुई है और 2,000 से अधिक अलगाववादियों ने आत्मसमर्पण किया है. शाह ने कहा कि राज्य में चाय बाग़ान के मज़दूर मज़बूती से बीजेपी के साथ खड़े हैं.

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के असम दौरों को उन्होंने 'पिकनिक' कहा और दावा किया कि बीजेपी राज्य में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी. तमिलनाडु केरल और पुद्दुचेरी के बारे में पूछे गए सवाल पर शाह ने कहा कि तमिलनाडु में एनडीए सरकार बनाएगी जबकि तीनों राज्यों में बीजेपी की सीटें बढ़ेंगी.

बीजेपी ने असम के लिए पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में सीएए (नागरिकता संशोधन क़ानून) का ज़िक्र नहीं किया है जबकि पश्चिम बंगाल में पार्टी ने इसे लागू करने का वादा किया है.

इस बारे में पूछे गए सवाल पर अमित शाह ने कहा कि सीएए एक देशव्यापी क़ानून है. उन्होंने कहा, ''पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने इसका विरोध किया है इस वजह से इसे घोषणापत्र में शामिल किया गया है.''

उन्होंने कहा कि बीजेपी पश्चिम बंगाल में मोदी सरकार के विकास के एजेंडे के दम पर जीतेगी. उन्होंने कहा, ''कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग ये चुनाव ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं वो उनके दस साल के दुशासन के ख़िलाफ़ अपना मन बना चुके हैं.''

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'महाराष्ट्र के पूर्व अधिकारी ने ट्रांसफर रैकेट के बारे में चेताया था;

अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ महाराष्ट्र की राज्य की पुलिस अधिकारी रश्मि शुक्ला ने बीते साल अगस्त में डीजीपी को एक पत्र लिखकर शीर्ष पुलिस अधिकारियों की पैसों के बदले पोस्टिंग कराने के रैकेट के बारे में जानकारी दी थी.

इस पत्र के बारे में जानकारियाँ सामने आने के बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बेजीपी नेता देवेंद्र फणनवीस ने दिल्ली आकर केंद्रीय गृह सचिव से मुलाक़ात की है और उन्हें सीलबंद लिफ़ाफ़े में 6.3 जीबी डेटा के रिकॉर्ड दिए हैं, जिनमें अधिकारियों के तबादलों के सौदों के बारे में जानकारी है.

रश्मि शुक्ला के सात पन्नों के पत्र में गृहमंत्री अनिल देशमुख के अलावा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार का नाम भी है. इस पत्र में राज्य में तैनात कई आईपीएस अधिकारियों के नाम भी हैं. आरोप हैं कि ये आईपीएस अधिकारी तबादला रैकेट में शामिल लोगों के संपर्क में थे.

बीजेपी नेता देवेंद्र फणनवीस ने इस मामले में सीबीआई जाँच की मांग की है. फणनवीस ने कहा, ''ये साफ़ हो गया है कि राज्य सरकार किसी को बचाने की कोशिश कर रही है, यदि ज़रूरत पड़ी तो हम अदालत तक जाएंगे.''

वहीं, एनसीपी ने रश्मि शुक्ला को बेजीपी का एजेंट कहा है. एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि शुक्ला ने बिना अनुमति के नेताओं के फ़ोन टैप किए हैं. उन्होंने कहा कि फ़ोन तब टैप किए गए जब महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बनाई जा रही थी.

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पुलिसवालों ने झूठे मुक़दमे में फंसाया, अब जाएंगे जेल

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश के एटा में ढाबा मालिक ने उन पुलिसवालों पर मुक़दमा दर्ज करवाया है जिन्होंने खाने के पैसे माँगने पर ढाबा कर्मचारियों को झूठे मुक़दमे में फँसाकर जेल भेज दिया था.

रिपोर्ट के मुताबिक़ पुलिसकर्मी ढाबे पर खाना खाने पहुंचे थे. जब उनसे खाने के पैसे देने के लिए कहा गया तो उन्होंने कर्मचारियों के साथ बदतमीज़ी की और फिर अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वापस ढाबे पर लौटकर स्टाफ़ की पिटाई की और झूठे आरोप लगाकर उन्हें जेल भिजवा दिया.

ढाबा मालिक प्रवीण कुमार यादव इंजीनियरिंग में स्नातक हैं. उन्होंने क़ानून की मदद ली और अब उनके स्टाफ़ को जेल भिजवाने वाले पुलिसकर्मी ख़ुद जेल जा रहे हैं.

एटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार ने अपनी जांच में पाया है कि पुलिसकर्मियों ने 10 लोगों को फ़र्ज़ी मुक़दमे में फंसाया. अब दो हेड कांस्टेबल और एक एसएचओ के ख़िलाफ़ मंगलवार को दो एफ़आईआर दर्ज की गई हैं. यह घटना पछले महीने की है.

खाने के पैसे मांगने के बाद इंस्पेक्टर इंद्रेश पाल और हेड कांस्टेबल शैलेंद्र और संतोष कुमार ने प्रवीण और उसके भाई पर हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम और एक्साइज़ एक्ट के तहत 12 मुक़दमे दर्ज किए थे.

पुलिस वालों के ख़िलाफ़ जाँच कराने के लिए प्रवीण कुमार यादव को ज़िले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कई पत्र लिखने पड़े. लेकिन शुरुआत में किसी ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया. बाद में ज़िलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए.

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यूपीः दो बहनों की लाश मिली, हत्या की आशंका

अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में दो बहनों की लाश खेत में मिली है.

इनमें से एक की उम्र 20 साल है और दूसरी की उम्र 17 साल है. पुलिस के मुताबिक़ ये लड़कियां सोमवार शाम को घर से लापता हो गई थीं. एक बहन की लाश खेत में मिली है जबकि दूसरी पेड़ से लटकी मिली.

पुलिस के मुताबिक़ दोनों बहनों के गले पर निशान मिले हैं जिससे उनकी मौत गला घुटने से होने की आशंका है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिली है. मामले की जांच के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं.

पुलिस ने इस संबंध में क़त्ल की धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया है. ये लड़कियां एक ईंट भट्टे पर परिवार के साथ मज़दूरी करती थीं और वहीं झुग्गी में रहती थीं. परिजनों के मुताबिक़ वो शाम के वक्त जंगल में शौच करने गईं थीं. जब वो नहीं लौटीं तो परिवार ने खोज शुरू की.

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