झांसी में केरल की दो नन के साथ दुर्व्यवहार का मामला कैसे सामने आया?

  • समीरात्मज मिश्र
  • बीबीसी हिन्दी के लिए
नन

उत्तर प्रदेश के झांसी में केरल की दो नन को कथित तौर पर परेशान किए जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस मामले में कठोर कार्रवाई के आश्वासन, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के गृहमंत्री को लिखे पत्र और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की इस मामले में टिप्पणी के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी पहुंच चुका है.

इस घटना के बहाने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरएसएस पर निशाना साधा है.

राहुल ने ट्वीट कर कहा, "यूपी में केरल की नन पर हुआ हमला संघ परिवार के ज़हरीले प्रोपेगेंडा का नतीजा है, जो अल्पसंख्यकों को कुचलने के लिए एक धर्म को दूसरे धर्म से लड़ाता है."

पिछले हफ़्ते धर्मांतरण के संदेह में दिल्ली के निज़ामुद्दीन से ट्रेन में आ रही दो नन और उनके साथ दो अन्य लड़कियों को कुछ लोगों की शिकायत के बाद झांसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतार लिया गया था और फिर पूरी जांच होने के बाद उन्हें आगे जाने दिया गया.

केरल के मुख्यमंत्री ने इस घटना पर आपत्ति जताते हुए गृह मंत्रालय को पत्र लिखा और फिर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूरे मामले की रिपोर्ट राजकीय रेलवे पुलिस यानी जीआरपी से तलब की है.

झांसी में जीआरपी के पुलिस उपाधीक्षक नईम ख़ान ने बीबीसी को बताया कि पूरी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी जा चुकी है और जीआरपी मामले की जांच कर रही है.

डीएसपी नईम ख़ान का कहना था, "गृह मंत्रालय को घटना के संबंध में रिपोर्ट भेज दी गई है. मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है लेकिन जीआरपी अपने स्तर से पूरे मामले की जांच कर रही है. उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी."

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पिछले हफ़्ते 19 मार्च (शुक्रवार) को उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन से केरल की दो नन, दो अन्य महिलाओं के साथ ओडिशा के राउरकेला जा रही थीं. इसी ट्रेन के दूसरे कोच में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कुछ कार्यकर्ता भी झांसी आ रहे थे.

कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण के संदेह में रेलवे के हेल्पलाइन पर यह सूचना दी और झांसी में अपने संगठन के लोगों को भी सूचित किया.

आरपीएफ़ से सूचना मिलने के बाद जीआरपी ने झांसी रेलवे स्टेशन पहुंचकर इन चारों लोगों को ट्रेन से उतार लिया और पूछताछ की गई. लेकिन जांच-पड़ताल के बाद धर्मांतरण की शिकायत ग़लत निकलने पर सभी को छोड़ दिया गया.

जीआरपी के डीएसपी नईम ख़ान का कहना था कि जांच के बाद चारों लोगों को दूसरी ट्रेन से राउरकेला भेज दिया गया.

उन्होंने बताया, "एबीवीपी के अजय शंकर तिवारी ने इस मामले में हमें लिखित शिकायत भी दी थी. हम लोग मौक़े पर पहुंचे और पूछताछ की. पूछताछ से पता चला कि दो अन्य महिलाएं ओडिशा के राउरकेला की थीं और दीक्षा ले रही थीं. हमने उनके प्रमाणपत्रों की जांच की जिससे पता चला कि दोनों जन्म से ही ईसाई थीं और धर्मांतरण जैसी बात सही नहीं है. किसी के साथ दुर्व्यवहार भी नहीं हुआ. हमने चारों महिलाओं को ओडिशा में उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया."

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सख़्त कार्रवाई का आश्वासन

ईसाई ननों के साथ हुए इस व्यवहार पर केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की शिकायत की है.

हालांकि घटना के तत्काल बाद यह मामला ठंडा पड़ गया था लेकिन गृह मंत्री अमित शाह की केरल में हुई एक सभा के दौरान जब उनके सामने यह मुद्दा उठाया गया तो उन्होंने सख़्त कार्रवाई का आश्वासन दिया और जीआरपी से तत्काल पूरी रिपोर्ट तलब की.

बुधवार को केरल में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, ''ननों के समूह के साथ हुई कथित बदसलूकी के मामले में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मैं केरल के लोगों को यह आश्वासन देना चाहूंगा कि इस मामले के दोषियों को यथाशीघ्र न्याय के शिकंजे में लाया जाएगा.''

सीएम ने लिखा ख़त

बुधवार को ही केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस मामले में गृहमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि ऐसी घटनाओं से देश की छवि और धार्मिक सहिष्णुता की प्राचीन परंपरा को नुक़सान होता है.

विजयन ने अपने पत्र में लिखा, "ऐसी घटनाओं की केंद्र सरकार की ओर से कड़ी निंदा की ज़रूरत है. मैं अधिकारियों को ऐसे सभी लोगों और समूहों पर सख़्त कार्रवाई करने का निर्देश देने के लिए आपके दख़ल का अनुरोध करूंगा, जो संविधान की ओर से दी गई व्यक्तिगत अधिकारों की स्वतंत्रता को बाधित करते हैं."

पी. विजयन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो कुछ भी हुआ वह इस देश में नहीं होना चाहिए. यह बहुत गंभीर मामला है और ऐसे मामलों के लिए वह राज्य बदनाम है. विजयन ने दावा किया कि उनकी सरकार केरल में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की किसी मुहिम को पनपने नहीं देगी.

इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी ननों को पूछताछ के लिए ट्रेन से उतारकर ले जा रहे हैं.

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