असम विधानसभा चुनावः बीजेपी उम्मीदवार की कार में ईवीएम मिलने से बवाल, चार अधिकारी निलंबित

  • दिलीप कुमार शर्मा
  • बीबीसी हिंदी के लिए, गुवाहाटी से
EVM, ईवीएम, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन

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असम विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए गुरुवार को वोटिंग के दौरान हुई हिंसक घटनाओं की बात सामने आई है. लेकिन सबसे ज़्यादा विवाद उठ खड़ा हुआ है 'बीजेपी विधायक के निजी वाहन' से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम बरामद होने के मामले से.

ईवीएम बरामद होने के मामले को लेकर राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने चार मतदान अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.

चुनाव आयोग ने ईवीएम विवाद को देखते हुए राताबाड़ी सीट के एक मतदान केंद्र में नए सिरे से मतदान कराने का आदेश दिया है.

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बीजेपी विधायक जिनकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड गाड़ी में ईवीएम मिलने का ये मामला है

क्या है मामला?

दरअसल एक अप्रैल को 39 सीटों के लिए वोटिंग समाप्त होने के महज़ कुछ घंटे बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक प्राइवेट कार में ईवीएम ले जाते हुए दिखाया जा रहा है.

असम के वरिष्ठ पत्रकार अतानु भुयां ने एक ब्रेकिंग ट्वीट के साथ यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "पथारकांदी में बीजेपी उम्मीदवार कृष्णेंदु पॉल की कार में ईवीएम बरामद होने के बाद स्थिति तनावपूर्ण है."

गाड़ी किसने नाम की?

यह घटना बराक घाटी के करीमगंज के कानीसेल क्षेत्र की है, जहाँ स्थानीय लोगों ने गुरुवार की रात एक सफ़ेद बोलेरो कार को देखा, जिसमें कथित तौर पर ईवीएम मशीन थी.

वायरल वीडियो में, जो बोलेरो गाड़ी दिख रही है, जिसमें ईवीएम है, असल में वो गाड़ी बीजेपी के मौजूदा विधायक कृष्णेंदु पॉल की पत्नी मधुमिता पॉल के नाम पर पंजीकृत है.

इस वीडियो में स्थानीय लोगों को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि विधायक कृष्णेंदु पॉल की गाड़ी में ईवीएम मिला है. उसके बाद लोग ज़िलाधिकारी को फ़ोन करने की बात कह रहे हैं.

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उस मतदान केंद्र के बारे में जानकारी जहाँ के ये निर्वाचन अधिकारी थे

राहुल, प्रियंका, अजमल ने पूछे सवाल?

इस वीडियो के सामने आने के बाद इसे लोग सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

इस बीच काँग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा ने शुक्रवार को वायरल वीडियो को साझा करते हुए चुनाव आयोग से कार्रवाई करने की अपील की है.

प्रियंका गाँधी ने अपने ट्वीट में कहा, "हर बार चुनाव में प्राइवेट वाहनों में ईवीएम ले जाते हुए पकड़ने के वीडियो सामने आते रहे हैं और ये वाहन आमतौर पर बीजेपी उम्मीदवारों या उनके सहयोगियों के होते हैं. तथ्य यह है कि इस तरह की कई घटनाओं की सूचना दी जा रही है और उनके बारे में कुछ भी नहीं किया जा रहा है."

वहीं काँग्रेस नेता राहुल गाँधी ने शुक्रवार को एक ट्वीट में लिखा, "ईसी की गाड़ी ख़राब, भाजपा की नियत ख़राब, लोकतंत्र की हालत ख़राब!"

ईवीएम का मामला सामने आने के बाद एआइयूडीएफ़ अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने ट्वीट कर लिखा, "ध्रुवीकरण, वोट ख़रीद, उम्मीदवार ख़रीद, जुमलेबाज़ी, डबल सीएम, सीएए पर दोतरफ़ा बातें सब फ़ेल हो गई. बीजेपी का अंतिम उपाय ईवीएम चोरी करना, जो लोकतंत्र की हत्या है."

चुनाव आयोग ने माँगी रिपोर्ट

इस वायरल वीडियो को लेकर हंगामा मचने के बाद चुनाव आयोग ने असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट माँगी है.

असम के निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रेज़ाइडिंग अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है और आगे की जाँच की जा रही है.

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करीमगंज ज़िले में हुई इस ईवीएम घटना से संबंधित एक विस्तृत रिपोर्ट में चुनाव आयोग ने कहा कि एक अप्रैल को रात 9 बजे के आसपास पोलिंग पार्टी का वाहन ख़राब हो गया था.

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उन्होंने कहा, "जब सेक्टर अधिकारी एक वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था कर रहे थे, तब पोलिंग पार्टी ने स्वयं के एक वाहन की व्यवस्था करने का फ़ैसला किया, ताकि वे सामग्री प्राप्त करने वाले केंद्र तक तेज़ी से पहुँच सकें, क्योंकि उनके पास ईवीएम मशीनें थी."

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वहाँ एक पासिंग वाहन खड़ा था, जिसके स्वामित्व की जाँच किए बिना अधिकारी उसमें सवार हो गए.

बीजेपी के ज़िला अध्यक्ष का क्या है कहना?

करीमगंज ज़िला बीजेपी के अध्यक्ष सुब्रत भट्टाचार्य ने इस घटना के बारे में बीबीसी को बताया, "लोग इस घटना की सच्चाई जाने बग़ैर अपनी मनमर्ज़ी से प्रतिक्रिया दे रहें है. हमारी पार्टी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देगी. अगर आपको घटना के बारे में पता करना है तो मैं बताता हूं कि चुनाव अधिकारियों का वाहन रास्ते में ख़राब हो गया था और उन लोगों ने वहीं एक ख़ाली वाहन आते देखा और उसमें लिफ़्ट ले ली. उस प्राइवेट गाड़ी में केवल चालक था और कोई नहीं था. चुनाव अधिकारियों का पूरा स्टाफ़ जब वहाँ से लौट रहा था तो कुछ असामाजिक तत्वों ने रास्ते में गाड़ी को रोका और इस घटना को अलग रंग दे दिया. उन लोगों ने गाड़ी में तोड़फोड़ की और अन्य लोगों के साथ मारपीट भी की. ईवीएम किसी और मतदान केंद्र का था लेकिन इस घटना को अंजाम दिया गया किसी दूसरे इलाक़े में."

इस पूरे विवाद पर बीजेपी विधायक कृष्णेंदु पॉल की प्रतिक्रिया लेने के लिए बीबीसी ने उनसे कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया.

उधर बराक घाटी के सोनाई विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को मतदान के दौरान बीजेपी विधायक अमीनुल हक़ लस्कर और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद इलाक़े में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फ़ायरिंग करनी पड़ी, जिसमें दो स्थानीय लोग और एक पुलिस जवान के घायल होने की ख़बर है.

इस घटना की जानकारी देते हुए असम के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसएन सिंह कहना है, "विधायक उस इलाक़े में गए थे, जिसके बाद वहाँ कोई समस्या हो गई थी. हम उन्हें वहाँ से सुरक्षित ले आए है. मतदान केंद्र में क्या हुआ, इसको लेकर लोग अलग-अलग बातें बता रहे हैं. लेकिन जाँच के बाद ही पूरी घटना के बारे में सही जानकारी मिल पाएगी."

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असम में 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए तीन चरणों में मतदान हो रहा है. पहले और दूसरे चरण का मतदान हो चुका है. तीसरे चरण का मतदान छह अप्रैल को है. नतीजे दो मई को आएँगे.

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