महाराष्ट्र में भारी बारिश से भूस्खलन, 36 की मौत, कई लापता

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महाराष्ट्र के रायगढ़ ज़िले में भारी बारिश के बीच भूस्खलन होने से कम से कम 36 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस हादसे में अब भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है क्योंकि कई लोग लापता बताये जा रहे हैं.

रायगढ़ की ज़िलाधिकारी निधि चौधरी ने प्रेस से बातचीत में इस ख़बर की पुष्टि की. उन्होंने कहा, "इस ज़िले में भूस्खलन की वजह से कुल 36 लोगों की मौत हुई है जिनमें से 32 लोगों की मौत तलाई क्षेत्र और 4 लोगों की मौत सखर सूतर वाडी में हुई है. इसके साथ ही अभी भी 30 लोग फंसे हुए हैं."

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स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद लेनी पड़ी है.

बताया गया है कि रायगढ़ ज़िले के महाड में भारी बारिश से कुछ सड़कें धंस गई हैं.

मुंबई के दक्षिण में स्थित, महाराष्ट्र के इस कोंकण क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे कई ज़िलों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन रही है.

जानकारों के अनुसार, 40 वर्षों में पहली बार महाराष्ट्र में जुलाई के महीने में इतनी बारिश हो रही है.

शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि रायगढ़ के तलाई गाँव में भूस्खलन से क़रीब 35 लोगों की जान चली गई. कई जगहों पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मैंने लोगों को भूस्खलन की संभावना वाले इलाक़ों से निकालकर, उन्हें दूसरी जगह ले जाने का आदेश दिया है.

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के रायगढ़ में भूस्खलन के कारण जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिजनों के लिए पीएम-एनआरएफ़ से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि घायलों को भी 50,000 रुपये दिये जाएंगे.

वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी महाराष्ट्र के रायगढ़ में भारी बारिश और भूस्खलन से हुए हादसे पर दुख प्रकट किया.

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उन्होंने कहा कि इस संबंध में मैंने सीएम उद्धव ठाकरे और डीजी एनडीआरएफ़ से बात की. एनडीआरएफ़ की टीमें राहत व बचाव कार्यों में जुटी हैं. केंद्र सरकार लोगों की जान बचाने के लिए वहाँ हर सम्भव मदद पहुँचा रही है.

बताया गया है कि महाराष्ट्र के रत्नागिरी में भी बाढ़ प्रभावित चिपलून इलाक़े में राहत कार्यों के लिए आर्मी की टीम पहुँची है.

शुक्रवार को प्रेस से बात करते हुए एनडीआरएफ़ के डीआईजी मोहसिन शाहिदी ने कहा, पिछले दो दिनों में भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्से बाढ़ से प्रभावित हैं. महाराष्ट्र में हमारी 18 टीमें राहत एवं बचाव अभियान में लगी हैं. उड़ीसा से 8 अतिरिक्त टीमों को एयरलिफ़्ट करके महाराष्ट्र भेजा जा रहा है.

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गुरुवार को रत्नागिरी ज़िले में परशुराम घाट पर भूस्खलन होने से तीन लोगों की मौत हो गयी थी.

इसके साथ ही रत्नागिरी, अकोला और कोल्हापुर ज़िले में बाढ़ का पानी कई इलाक़ों में घुस चुका है.

रत्नागिरी ज़िले का चिपलून शहर गुरुवार को दस फ़ीट पानी में डूब गया था जिससे ज़्यादातर घरों की पहली मंजिल पानी में डूब गयी थी. बसें पूरी तरह पानी में डूब गयी थीं जिसके बाद प्रशासन की ओर से नाव के ज़रिए बचाव अभियान चलाया गया था.

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भूस्खलन और बाढ़ की वजह से मध्य रेलवे और कोंकण रेलवे की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.

कम से कम 6,000 यात्री रेलवे पुल डूबने की वजह से रास्ते में ही फंस गये हैं. रेल विभाग इन यात्रियों के खाने-पीने का बंदोबस्त कर रहा है.

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