सामान्य से कम रहेगा मानसून

बारिश
Image caption सामान्य से कम होगी इस साल बारिश

केंद्र सरकार ने मानसून के सालाना आकलन के बाद कहा है कि इस वर्ष दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान बारिश सामान्य से कम होगी.

मौसम विभाग और विभिन्न शोध संस्थानों की मदद से तैयार किए गए आकलन के मुताबिक अगले दो महीनों में वर्षा सामान्य से कम रहेगी जो पूरी अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का सबब बन सकता है.

केंद्रीय मंत्री पृथ्वीराज चौहान ने एक प्रेस कांफ्रेंस में इस संबंध में घोषणा करते हए कहा, '' आम तौर पर भारत में मानसूल एक जून तक आ जाता है लेकिन इस बार दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान बारिश सामान्य से कम रहेगी.''

उन्होंने बताया कि जुलाई से अगस्त महीने के बीच औसत वर्षा भी लंबी अवधि के औसत के हिसाब से कम रहेगी. इस वर्ष में इन महीनों मे होने वाली बारिश औसत से 93 प्रतिशत ही रहेगी.

विभिन्न क्षेत्रों में बारिश के बारे में जो आकलन किया गया है उसके तहत उत्तर पश्चिम भारत में मानसून लंबी अवधि के औसत का 81 प्रतिशत और उत्तर पूर्व भारत में औसत के 92 प्रतिशत के आसपास रहेगी.

देश में मानसून में देरी हो चुकी है. मानसून आम तौर पर एक जून महाराष्ट्र में आ जाता है पंद्रह दिनों में पूरे उत्तर भारत में बारिश हो जाती है लेकिन इस बार महाराष्ट्र में अब कहीं जाकर बादल दिखे हैं.

हालांकि पहले ऐसा हुआ है कि मानसून में देरी हुई हो लेकिन बारिश अधिक हो जाती है लेकिन इस बार आकलनों के अनुसार मानसून में न केवल देरी हो रही है बल्कि बारिश भी कम होने वाली है.

इस बीच देश के कई हिस्सों में मानसून में देरी होने के कारण पूजा पाठ शुरु कर दिया गया है.

नागपुर में जहां मेंढ़कों की शादी की जा रही है वहीं गुजरात के अहमदाबाद में दो दिन से यज्ञ चल रहा है.

हैदराबाद से बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारुक ने ख़बर दी है कि मुख्यमंत्री वाई राजशेखर रेड्डी ने राज्य के कई बड़े मंदिरों में पूजा पाठ कराने के निर्देश दिए हैं.

जून के पहले चार हफ्तों में बारिश न होने के कारण आंध्र प्रदेश में किसान परेशान हैं. मुख्यमंत्री ने राज्य के कल्याण विभाग से कहा है कि वो राज्य के प्रमुख मंदिरों में बारिश के लिए विशेष पूजा का आयोजन करवाएं