सौ दिनों में लागू होगी यशपाल रिपोर्ट

कपिल सिब्बल
Image caption कपिल सिब्बल ने यश्पाल कमेटी रिपोर्ट को 100 दिनों लागू करने की बात कही है

भारत के मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने बुधवार को कहा है कि सरकार उच्च शिक्षा और शोध के राष्ट्रीय आयोग के लिए यशपाल कमेटी की रिपोर्ट को 100 दिनों में लागू करने की पूरी कोशिश करेगी.

जाने माने शिक्षा विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर यशपाल ने अपनी रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सुपुर्द कर दी है. कपिल सिब्बल ने रिपोर्ट के बारे में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा "ये रिपोर्ट आने वाले दिनों में भारत में शिक्षा के रोडमैप को दिखाती है. इसमें शामिल सुझाव शिक्षा में सुधार के लिए ज़रूरी हैं. मेरे ख़्याल में देश को ये रिपोर्ट क़बूल होगी." उन्होंने कहा "यशपाल कमेटी ने रिपोर्ट की तैयारी में तमाम लोगों से सलाह की है. हम लोग आम सहमति से इसको लेकर आगे आएंगे और 100 दिनों में इस रिपोर्ट को लागू करने की कोशिश करेंगे." अपनी रिपोर्ट के बारे में प्रोफ़ेसर यशपाल ने कहा "उच्च शिक्षा के नवीनीकरण और उस में नई ऊर्जा डालने वाली इस रिपोर्ट में छात्रों और शिक्षकों समेत इसके सारे भागीदारों की राय ली गई है."

उन्होंने ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली पिछले कुछ वर्षों में उपखंडों में विभाजित हुई है. हम लोगों ने संस्थानों और विषयों में बढ़ती दूरी को पाटने की कोशिश की है.

राष्ट्रीय आयोग

उन्होंने कहा "हम लोगों ने इसमें उच्च शिक्षा और शोध के राष्ट्रीय आयोग के गठन का सुझाव दिया है जो कि शिक्षा के क्षेत्र में शीर्ष संस्था होगी." इस रिपोर्ट को प्रोफ़ेसर यशपाल के नेतृत्व में 24 सदस्यी दल ने तैयार किया है. इसमें कहा गया है कि यूजीसी और एआईसीटीइ जैसी वर्तमान नियामक संस्थाओं को नियम बनाने की कोई ज़रूरत नहीं है. इसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालय अपने आप में नियामक संस्था होगी. उच्च शिक्षा और शोध के राष्ट्रीय आयोग यानी 'नेश्नल कमीशन फ़ॉर हाइयर एजुकेशन ऐंड रिसर्च,' चुनाव आयोग की तरह एक क़ानूनी संस्था होगी. इस आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का चुनाव प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और मुख्य न्यायधीष करेंगे. इस आयोग के गठन के लिए संविधान में संशोधन किया जाएगा. सरकार इसके लिए सदन में एक नया बिल पेश करेगी. कमेटी ने मार्च 2009 में अपनी रिपोर्ट मंत्रालय में पेश कर दी थी. इस कमेटी का गठन फ़र्वरी 2008 में किया गया था.