सुरक्षा बलों ने रामगढ़ पर कब्ज़ा किया

  • 28 जून 2009
सुरक्षाबल
Image caption लालगढ़ में सुरक्षाबल पिछले कई दिनों से माओवादियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रहे हैं

पश्चिम बंगाल के लालगढ़ क्षेत्र में माओवादियों के कब्ज़े वाले इलाक़े को मुक्त कराने के लिए सुरक्षा बलों का अभियान जारी है.

समाचार एजेंसियों के अनुसार शनिवार को बारूदी सुरंगों के विस्फोट और भीषण गोलीबारी के बीच माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले रामगढ़ पर सुरक्षा बलों ने नियंत्रण कायम कर लिया है. पिछले कुछ हफ़्तों में पश्चिमी मिदनापुर ज़िले के लालगढ़ इलाक़े में माओवादियों के मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के दफ़्तर जलाने और अन्य हिंसक गतिविधियों के बाद वहाँ सुरक्षा बल 'निर्णायक कार्रवाई' कर रहे हैं. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (माओवादी) पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगा जा चुका है. शनिवार को माओवादियों ने सुरक्षा बलों को कड़ी टक्कर देते हुए भीषण गोलीबारी की और बारूदी सुरंगों के विस्फोट किए. जब भागते समय उन्हें ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के दफ़्तर में शरण नहीं मिली तो उन्होंने उसे आग लगा दी.

दो हज़ार से ज़्यादा सुरक्षाकर्मी

सुरक्षा बल दक्षिण में लालगढ़ और उत्तर में काडासोल से रामगढ़ की ओर बढ़े.

स्पेशन ऑपरेशंस ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारी सिद्धीनाथ गुप्ता ने कहा, "हमने रामगढ़ पर कब्ज़ा कर लिया है. हम एक पुलिस चौंकी और कैंप स्थापित कर रहे हैं. पुलिस इलाक़े में सामान्य हालात कायम करेगी और ये अभियान जारी रहेगा." जैसे ही केंद्रीय रिज़र्व पुलिस (सीआरपीएफ़), इंडिया रिज़र्व बटालियन और रेपिड एक्शन फ़ोर्स की दस कंपनियों के एक हज़ार कर्मचारी उत्तरी दिशा में आगे बढ़े तो बारिश के बावजूद तीन बारूदी सुरंगों के विस्फोट हुए और साथ ही उन्हें माओवादियों की भीषण गोलीबारी भी झेलनी पड़ी. एक अधिकारी के अनुसार सुरक्षा बलों ने एके-47, गोलों और रॉकिट लॉंचर से चलाए गए ग्रेनेडों को इस्तेमाल किया. दक्षिण में सीआरपीएफ़ की 11 कंपनियों के 1100 जवान पीपुल्स कमेटी अगेंस्ट पुलिस एट्रॉसिटीस के नेता छत्रधर महातो के गाँव बोरोपेलिया में पहुँचे. उन पर माओलवादियों ने हमला किया और उससे पहले वहाँ दो बारूदी सुरंगों को निष्क्रीय कर दिया गया. अनेक लोग अपने घरों से निकल कर बाहर सड़कों पर आ गए.

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