राज ठाकरे को मिल गई ज़मानत

राज ठाकरे
Image caption राज ठाकरे और उनकी पार्टी उत्तर भारतीयों के ख़िलाफ़ ज़हर उगलते रहे हैं

महाराष्ट्र की एक अदालत ने उत्तर भारतीय छात्रों की पिटाई के मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे को ज़मानत पर रिहा कर दिया है.

हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान राज ठाकरे को 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के निर्देश दिए गए जिसके बाद उनके वकीलों ने जमानत के लिए अर्ज़ी दी. राज ठाकरे पर पिछले वर्ष उत्तर भारतीये छात्रों की पिटाई करवाने का आरोप लगा था जो रेलवे की परीक्षा देने महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और इसके निकट कल्याण आये थे. आज दोपहर राज ठाकरे समर्थको के साथ कल्याण कोर्ट के समक्ष हाज़िर हुए और आत्म समर्पण कर दिया था. राज ठाकरे के वकीलों ने जमानत के लिए अर्जी दाखिल कर दी जिसके बाद उन्हें एक लाख रुपए के मुचलके पर जमानत मिली. इस सिलसिले में एक निचली अदालत ने पहले ही राज ठाकरे को जमानत के आदेश दे दिए थे पर 16 जून को मुंबई हाई कोर्ट ने इससे दरकिनार करते हुए राज को महीने के अंत तक अदालत में पेश होने के दिशानिर्देश जरी किए थे. पिछले साल उत्तर भारत से रेलवे बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल छात्रों के खिलाफ राज ठाकरे के समर्थकों पर मारने पीटने का आरोप लगाया गया था. इस मामले में बिहार के एक युवा की मौत हो गयी थी जिसके बाद बिहार में इस हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाई गई थी. राज ठाकरे कहते हैं वो या उनके समर्थक उत्तर भारतीयों की भर्ती के खिलाफ नहीं हैं.

उन्होंने इस आरोप को भी ग़लत बताया की हिंसा की वारदात में उनके समर्थक शामिल थे. राज ठाकरे हमेशा ये कहते रहे हैं कि स्थानीय सरकारी नौकरियों में महाराष्ट्र के लोगों को प्राथमिकता दी जाए.