सुप्रीम कोर्ट ने मायावती से जवाब माँगा

मायावती
Image caption मायावती ने तैयार हो रहे अनेक स्मारकों का हाल में उद्घाटन किया था

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य में मायावती और कांशीराम की मूर्तियां लगाए जाने के मामले में राज्य सरकार को निटिस दिया है. एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से चार हफ़्ते के भीतर जवाब देने को कहा है.

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने पूरे राज्य में अपनी और बसपा के दिवंगत नेता कांशीराम की मूर्तियां लगवाने की घोषणा की थी जिस पर काफ़ी विवाद हो रहा है.

हाल में जब ये मामले सुनवाई के अदालत में पहुँचा तो 'जल्दबाज़ी' में मायावती ने अनेक स्मारकों का उद्घाटन कर दिया था.

सीबीआई जाँच की माँग

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है.

इन मूर्तियों और स्मारकों पर सरकारी पैसा ख़र्च किए जाने के मामले में याचिककर्ता ने केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीपीआई) की जाँच की माँग की है.

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार चार सप्ताह में अपना जवाब दायर करे और बताए कि स्मारकों और मूर्तियओं पर सरकारी पैसे ख़र्च किए जाने के मामले पर उसकी क्या राय है.

कोर्ट में मायावती की ओर से पक्ष रखते हुए सतीश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि यह जनहित याचिका एक राजनीतिक षडयंत्र है.

लेकिन कोर्ट ने इस दलील को ज़्यादा अहमीयत न देते हुए मामले में सरकार का पक्ष रखे जाने का आदेश दिया और सरकार को नोटिस दे दिया.

ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मूर्तियों के अनावरण पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है लेकिन राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि कोर्ट के नोटिस से बहुजन समाज पार्टी की राज्य सरकार को झटका ज़रुर लगा है.

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