देहरादून मुठभेड़ मामले ने तूल पकड़ा

पुलिस (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption मुठभेड़ से जुड़े पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है

कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मारे गए उत्तराखंड के देहरादून शहर के युवक रणवीर के पिता ने मामले की सीबीआई से जांच कराने की माँग की है.

दूसरी ओर सरकार ने इस घटना से जुड़े पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है.

रणवीर के पिता रवींद्र सिंह ने कहा कि उसके शरीर में गोलियों के निशान के अलावा चोट के निशान हैं, उनका कहना है कि ऐसा लगता है कि मारने से पहले उसे पीटा गया था.

उन्होंने कहा कि वो इस मामले की सीबीआई से जांच चाहते हैं.

पुलिस के अनुसार रणवीर ने कथित तौर पर एक सब इंस्पेक्टर की रिवाल्वर निकाल ली थी वहीं परिवार का दावा है कि उसे फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मारा गया है.

इस मामले के तूल पकड़ता देख उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ने सीबीसीआईडी को जांच की ज़िम्मेदारी सौंप दी है.

साथ ही इस घटना से जुड़े पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है.

उल्लेखनीय है कि रणवीर ने हाल ही में मेरठ विश्वविद्यालय से एमबीए पूरा किया था और वो एक कंपनी में काम शुरू करने वाले थे.

पुलिस के अनुसार देहरादून के पास जंगल में मुठभेड़ के दौरान रणवीर की मौत हो गई थी.

पुलिस का कहना है कि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की राज्य की यात्रा के मद्देनजर सतर्कता बरती जा रही थी और वाहनों और लोगों की कड़ी तलाशी ली जा रही थी.

पुलिस का दावा है कि रणवीर और उसके साथ दो अन्य लोग हरियाणा से चुराई हुई बाइक पर आ रहे थे, तभी एक पुलिस उपनिरीक्षक ने उनसे रुकने के लिए कहा.

इसके बाद जब उनके बैग की तलाशी ली गई तो उसमें एक हथियार निकला. उनके मुताबिक इन युवकों ने रिवाल्वर छीन ली और भागने लगे.

इसके बाद वायरलेस पर संदेश जारी कर दिया गया और बाद में मुठभेड़ हुई जिसमें रणवीर की मौत हो गई.

दूसरी ओर रणवीर के पिता का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है और उसके ख़िलाफ़ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उसे पदक की चाहत में मार दिया गया.

पुलिस ने भी माना है कि रणवीर का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है, लेकिन उसका कहना है कि वह उनके साथियों के रिकॉर्ड के बारे में जांच कर रही है.

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